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Bhaiyyaji Joshi

Abasaheb Thatte Multispeciality Hospital Bhoomi Pujan Nagpur: नागपुर में नए अस्पताल और शक्ति स्थल की शुरुआत, सेवा और विकास पर जोर

नागपुर में अस्पताल और शक्ति स्थल का भूमि पूजन, सेवा और संस्कार पर जोर

सेवा और विकास की दिशा में बड़ा कदम Abasaheb Thatte Multispeciality Hospital Bhoomi Pujan Nagpur: नागपुर। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज नागपुर में आबासाहेब थत्ते मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का भूमिपूजन किया। साथ ही भारत दुर्गा शक्ति स्थल का शिलान्यास भी संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम डॉ. आबाजी थत्ते सेवा और अनुसंधान संस्था द्वारा आयोजित किया गया था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित रहे। संघ के पूर्व सरकार्यवाह भैय्याजी जोशी, पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज, स्वामी गोविंददेव गिरी महाराज, साध्वी ऋतंभरा देवी, बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण

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Abasaheb Thatte Multispeciality Hospital Nagpur Bhoomi Pujan: नागपुर में नए अस्पताल का भूमि पूजन, गडकरी और फडणवीस रहे मौजूद

नागपुर में नए अस्पताल का भूमि पूजन, बड़े नेताओं की मौजूदगी

अस्पताल से स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बड़ा सहारा Abasaheb Thatte Multispeciality Hospital Nagpur Bhoomi Pujan: नागपुर। केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने नागपुर में आबासाहेब थत्ते मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का भूमिपूजन किया। यह कार्यक्रम डॉ. आबाजी थत्ते सेवा और अनुसंधान संस्था द्वारा आयोजित किया गया था। भूमिपूजन समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परम पूजनीय सरसंघचालक श्री मोहन भागवत जी प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस भी इस अवसर पर मंच पर विद्यमान थे। समाज सेवा की दिशा में यह एक अहम कदम कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरकार्यवाह श्री भैय्याजी जोशी,

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Bhaiyyaji Joshi Sanskrit Importance: संस्कृत के बिना भारतीयता अधूरी, पुणे में हुआ पुस्तक विमोचन

संस्कृत के बिना भारतीयता अधूरी, भैय्याजी जोशी ने पुणे में कही बड़ी बात

पुणे में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य भैय्याजी जोशी ने संस्कृत भाषा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि भारत की पहचान और भारतीयता संस्कृत के बिना अधूरी है। संस्कृत भारती, पश्चिम महाराष्ट्र प्रांत द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में संस्कृत की दस पुस्तकों का लोकार्पण किया गया। तिलक रोड स्थित गणेश सभागृह में हुए इस समारोह में देश भर से आए विद्वानों और संस्कृत प्रेमियों ने हिस्सा लिया। भैय्याजी जोशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय दर्शन, विज्ञान, चिंतन और जीवन मूल्यों को समझने के लिए संस्कृत भाषा के अलावा

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