
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली करारी हार के बाद महागठबंधन के भीतर गहरे मतभेद सामने आने लगे हैं। कांग्रेस के कई नेताओं ने राष्ट्रीय जनता दल से गठबंधन को ही इस हार की मुख्य वजह बताते हुए आलाकमान से इसे तोड़ने की मांग कर डाली है। इस घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है और यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या कांग्रेस और लालू-तेजस्वी यादव की पार्टी के रास्ते अब अलग हो जाएंगे। महागठबंधन को मिली शर्मनाक हार बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों ने महागठबंधन के सभी घटक दलों को झकझोर कर

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली करारी हार के बाद महागठबंधन के भीतर गहरे मतभेद सामने आने लगे हैं। कांग्रेस के कई नेताओं ने राष्ट्रीय जनता दल से गठबंधन को ही इस हार की मुख्य वजह बताते हुए आलाकमान से इसे तोड़ने की मांग कर डाली है। इस घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है और यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या कांग्रेस और लालू-तेजस्वी यादव की पार्टी के रास्ते अब अलग हो जाएंगे। महागठबंधन को मिली शर्मनाक हार बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों ने महागठबंधन के सभी घटक दलों को झकझोर कर

नीतीश कुमार की नई सरकार के गठन के साथ ही विभागों का बंटवारा भी पूरी तरह से तय कर दिया गया है। 20 नवंबर को पटना स्थित गांधी मैदान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ 26 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली थी। शपथ ग्रहण समारोह के अगले ही दिन राज्य में मंत्रालयों का जिम्मा सौंपा गया। इस बार विभागों का बंटवारा खास रहा क्योंकि एनडीए सरकार में कई ऐसे नाम सामने आए जिन्हें पहली बार बड़े मंत्रालयों की जिम्मेदारी मिली। इनमें सबसे प्रमुख नाम उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और दूसरे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के हैं। विभागों के

नीतीश कुमार की नई सरकार के गठन के साथ ही विभागों का बंटवारा भी पूरी तरह से तय कर दिया गया है। 20 नवंबर को पटना स्थित गांधी मैदान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ 26 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली थी। शपथ ग्रहण समारोह के अगले ही दिन राज्य में मंत्रालयों का जिम्मा सौंपा गया। इस बार विभागों का बंटवारा खास रहा क्योंकि एनडीए सरकार में कई ऐसे नाम सामने आए जिन्हें पहली बार बड़े मंत्रालयों की जिम्मेदारी मिली। इनमें सबसे प्रमुख नाम उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और दूसरे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के हैं। विभागों के

बिहार में नई राजनीतिक पारी की शुरुआत हो चुकी है और इसी अवसर पर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक पुरानी तस्वीर साझा कर बिहार के नए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को शुभकामनाएं दी हैं। नई सरकार के गठन के बाद जहां बधाइयों का दौर जारी है वहीं अखिलेश यादव के इस संदेश ने सोशल मीडिया पर राजनीतिक हलचल भी तेज कर दी है। अखिलेश ने अपने एक्स हैंडल पर जो तस्वीर साझा की है, उसे इंडिया गठबंधन के शुरुआती दौर की अहम बैठक से जुड़ा बताया जा रहा है जिसमें नीतीश

बिहार में नई राजनीतिक पारी की शुरुआत हो चुकी है और इसी अवसर पर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक पुरानी तस्वीर साझा कर बिहार के नए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को शुभकामनाएं दी हैं। नई सरकार के गठन के बाद जहां बधाइयों का दौर जारी है वहीं अखिलेश यादव के इस संदेश ने सोशल मीडिया पर राजनीतिक हलचल भी तेज कर दी है। अखिलेश ने अपने एक्स हैंडल पर जो तस्वीर साझा की है, उसे इंडिया गठबंधन के शुरुआती दौर की अहम बैठक से जुड़ा बताया जा रहा है जिसमें नीतीश

उपशीर्षक: बिहार की नई सत्ता, पुरानी उम्मीदों की परीक्षा बिहार की राजनीति एक बार फिर अहम मोड़ पर आ खड़ी हुई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दसवीं बार पद की शपथ लेकर इतिहास बनाया, लेकिन इस राजनीतिक अध्याय में विपक्ष की ओर से उठने वाली आवाजें भी कम नहीं हुईं। चुनावी हार के बाद पहली बार सामने आए राजद नेता तेजस्वी यादव ने नई सरकार को जनता की उम्मीदों का आईना दिखाते हुए रोजगार, शिक्षा, और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर तत्काल और गंभीर प्रयास की मांग की है। पटना के गांधी मैदान में हुए शपथ समारोह की भव्यता जितनी चर्चाओं

उपशीर्षक: बिहार की नई सत्ता, पुरानी उम्मीदों की परीक्षा बिहार की राजनीति एक बार फिर अहम मोड़ पर आ खड़ी हुई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दसवीं बार पद की शपथ लेकर इतिहास बनाया, लेकिन इस राजनीतिक अध्याय में विपक्ष की ओर से उठने वाली आवाजें भी कम नहीं हुईं। चुनावी हार के बाद पहली बार सामने आए राजद नेता तेजस्वी यादव ने नई सरकार को जनता की उम्मीदों का आईना दिखाते हुए रोजगार, शिक्षा, और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर तत्काल और गंभीर प्रयास की मांग की है। पटना के गांधी मैदान में हुए शपथ समारोह की भव्यता जितनी चर्चाओं

बिहार की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत देखने को मिली है, जहां अनुभवी नेताओं की भीड़ के बीच युवा और तकनीकी सोच रखने वाले चेहरे को आगे बढ़ाने की पहल की जा रही है। उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र और तकनीकी पृष्ठभूमि वाले दीपक प्रकाश को मंत्रिमंडल में शामिल कर नीतीश कुमार की नई एनडीए सरकार ने इस संकेत को स्पष्ट कर दिया है कि अब अगली पीढ़ी के साथ राजनीति में परिवर्तन की राह खोली जाएगी। एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर से मंत्री तक का सफर तय करने वाले दीपक बिहार के उस आधुनिक राजनीतिक वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं,

बिहार की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत देखने को मिली है, जहां अनुभवी नेताओं की भीड़ के बीच युवा और तकनीकी सोच रखने वाले चेहरे को आगे बढ़ाने की पहल की जा रही है। उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र और तकनीकी पृष्ठभूमि वाले दीपक प्रकाश को मंत्रिमंडल में शामिल कर नीतीश कुमार की नई एनडीए सरकार ने इस संकेत को स्पष्ट कर दिया है कि अब अगली पीढ़ी के साथ राजनीति में परिवर्तन की राह खोली जाएगी। एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर से मंत्री तक का सफर तय करने वाले दीपक बिहार के उस आधुनिक राजनीतिक वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं,

नीतीश कुमार ने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद संभालते ही बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। इस बार कैबिनेट गठन में कुछ नाम पहले से तय माने जा रहे थे, परंतु जिन 12 नए चेहरों को मंत्री पद मिला, उन्होंने पूरे राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी। रामकृपाल यादव, दीपक, रमा, श्रेयसी और अन्य नेताओं की एंट्री को नीतीश कुमार और बीजेपी नेतृत्व की संयुक्त रणनीति बताया जा रहा है। यह नयी टीम सामाजिक समीकरणों को संतुलित करने के साथ आने वाले राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित करेगी। नीतीश कैबिनेट में बदलता जातीय और क्षेत्रीय

नीतीश कुमार ने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद संभालते ही बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। इस बार कैबिनेट गठन में कुछ नाम पहले से तय माने जा रहे थे, परंतु जिन 12 नए चेहरों को मंत्री पद मिला, उन्होंने पूरे राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी। रामकृपाल यादव, दीपक, रमा, श्रेयसी और अन्य नेताओं की एंट्री को नीतीश कुमार और बीजेपी नेतृत्व की संयुक्त रणनीति बताया जा रहा है। यह नयी टीम सामाजिक समीकरणों को संतुलित करने के साथ आने वाले राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित करेगी। नीतीश कैबिनेट में बदलता जातीय और क्षेत्रीय

राष्ट्रीय स्तर पर दिखा बिहार का राजनीतिक दबदबा बिहार की राजनीति में गुरुवार का दिन इतिहास रचने वाला साबित हुआ, जब जनता दल यूनाइटेड के नेता और एनडीए के वरिष्ठ चेहरा नीतीश कुमार ने गांधी मैदान में दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह शपथग्रहण न केवल बिहार की राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने वाला साबित हुआ, बल्कि पूरे देश के एनडीए शासित राज्यों की एकजुटता और नेतृत्व को भी नए सिरे से परिभाषित करता दिखाई दिया। इस समारोह में देशभर के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री विशेष रूप से शामिल हुए, जिससे स्पष्ट होता है कि बिहार आने वाले राजनीतिक

राष्ट्रीय स्तर पर दिखा बिहार का राजनीतिक दबदबा बिहार की राजनीति में गुरुवार का दिन इतिहास रचने वाला साबित हुआ, जब जनता दल यूनाइटेड के नेता और एनडीए के वरिष्ठ चेहरा नीतीश कुमार ने गांधी मैदान में दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह शपथग्रहण न केवल बिहार की राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने वाला साबित हुआ, बल्कि पूरे देश के एनडीए शासित राज्यों की एकजुटता और नेतृत्व को भी नए सिरे से परिभाषित करता दिखाई दिया। इस समारोह में देशभर के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री विशेष रूप से शामिल हुए, जिससे स्पष्ट होता है कि बिहार आने वाले राजनीतिक

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को अपना इस्तीफा सौंप दिया और राज्य में अगली एनडीए सरकार बनाने का दावा पेश किया। वह केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और अन्य वरिष्ठ एनडीए नेताओं के साथ राजभवन पहुंचे। कुमार ने अगली सरकार बनाने का दावा करने के लिए आरिफ मोहम्मद खान को 202 नवनिर्वाचित विधायकों की सूची सौंपी। बिहार के राज्यपाल ने उन्हें अगली सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है। विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से चुने गए नीतीश इससे पहले दिन में, बिहार विधानसभा के केंद्रीय कक्ष में

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को अपना इस्तीफा सौंप दिया और राज्य में अगली एनडीए सरकार बनाने का दावा पेश किया। वह केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और अन्य वरिष्ठ एनडीए नेताओं के साथ राजभवन पहुंचे। कुमार ने अगली सरकार बनाने का दावा करने के लिए आरिफ मोहम्मद खान को 202 नवनिर्वाचित विधायकों की सूची सौंपी। बिहार के राज्यपाल ने उन्हें अगली सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है। विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से चुने गए नीतीश इससे पहले दिन में, बिहार विधानसभा के केंद्रीय कक्ष में

नीतीश कुमार पुनः एनडीए विधायक दल के नेता निर्वाचित, बिहार में पुनः बनेगी सरकार बिहार विधान सभा में सर्वसम्मति से नेतृत्व का चयन पटना, 19 नवम्बर। बिहार की राजनीति में एक बार फिर सत्ता परिवर्तन के कगार पर निर्णायक क्षण आया, जब एनडीए के विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक बिहार विधान सभा भवन के केंद्रीय हाल में आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान सर्वसम्मति से जनता दल (यू) के प्रमुख नीतीश कुमार को पुनः विधायक दल का नेता चुना गया। इसके साथ ही उनका मार्ग एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की ओर प्रशस्त हो गया है। शपथ ग्रहण की

नीतीश कुमार पुनः एनडीए विधायक दल के नेता निर्वाचित, बिहार में पुनः बनेगी सरकार बिहार विधान सभा में सर्वसम्मति से नेतृत्व का चयन पटना, 19 नवम्बर। बिहार की राजनीति में एक बार फिर सत्ता परिवर्तन के कगार पर निर्णायक क्षण आया, जब एनडीए के विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक बिहार विधान सभा भवन के केंद्रीय हाल में आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान सर्वसम्मति से जनता दल (यू) के प्रमुख नीतीश कुमार को पुनः विधायक दल का नेता चुना गया। इसके साथ ही उनका मार्ग एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की ओर प्रशस्त हो गया है। शपथ ग्रहण की

प्रशांत किशोर: चुनावी हार से बेचैनी, मगर संघर्ष जारी रहने का ऐलान बिहार में जन सुराज की करारी हार और पीके का दर्द पटना/नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 ने कई राजनीतिक समीकरण बदल दिए। इन बदलावों में सबसे प्रमुख नाम है जन सुराज पार्टी के संस्थापक और चुनावी रणनीतिकार के रूप में पहचान बना चुके प्रशांत किशोर। चुनाव में एक भी सीट न जीत पाने के बाद अब उन्होंने चुनावी नतीजों पर अपनी पीड़ा और संघर्ष जारी रखने की प्रतिबद्धता सार्वजनिक की है। नींद न आना, सदमे में होना और आत्मविश्लेषण जैसे भावनात्मक पहलुओं को व्यक्त करते हुए प्रशांत

प्रशांत किशोर: चुनावी हार से बेचैनी, मगर संघर्ष जारी रहने का ऐलान बिहार में जन सुराज की करारी हार और पीके का दर्द पटना/नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 ने कई राजनीतिक समीकरण बदल दिए। इन बदलावों में सबसे प्रमुख नाम है जन सुराज पार्टी के संस्थापक और चुनावी रणनीतिकार के रूप में पहचान बना चुके प्रशांत किशोर। चुनाव में एक भी सीट न जीत पाने के बाद अब उन्होंने चुनावी नतीजों पर अपनी पीड़ा और संघर्ष जारी रखने की प्रतिबद्धता सार्वजनिक की है। नींद न आना, सदमे में होना और आत्मविश्लेषण जैसे भावनात्मक पहलुओं को व्यक्त करते हुए प्रशांत

बिहार में सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को अपने विधायक दल की बैठक में समरथ चौधरी को विधायक दल का नेता और विजय कुमार सिन्हा को उप नेता चुना है। इस फैसले के साथ ही बिहार में अगली सरकार की तस्वीर साफ हो गई है। नीतीश कुमार दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, जबकि समरथ चौधरी और विजय कुमार सिन्हा उपमुख्यमंत्री बनेंगे। जदयू ने भी नीतीश कुमार को चुना विधायक दल का नेता इससे पहले जनता दल यूनाइटेड ने भी अपनी विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को

बिहार में सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को अपने विधायक दल की बैठक में समरथ चौधरी को विधायक दल का नेता और विजय कुमार सिन्हा को उप नेता चुना है। इस फैसले के साथ ही बिहार में अगली सरकार की तस्वीर साफ हो गई है। नीतीश कुमार दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, जबकि समरथ चौधरी और विजय कुमार सिन्हा उपमुख्यमंत्री बनेंगे। जदयू ने भी नीतीश कुमार को चुना विधायक दल का नेता इससे पहले जनता दल यूनाइटेड ने भी अपनी विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को

नितीश कुमार का दसवां कार्यकाल: बिहार राजनीति में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर पटना – बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय लिखने के लिए तैयार है। 19 नवंबर को पटना में जनता दल (यूनाइटेड) की विधायक दल की बैठक में नितीश कुमार को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया है। यह निर्णय इस बात को पुष्ट करता है कि नितीश कुमार कल यानी 20 नवंबर को ऐतिहासिक गांधी मैदान में मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। यह समय बिहार के राजनीतिक इतिहास में विशेष महत्व रखता है। नितीश कुमार का यह दसवां कार्यकाल एक असाधारण उपलब्धि

नितीश कुमार का दसवां कार्यकाल: बिहार राजनीति में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर पटना – बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय लिखने के लिए तैयार है। 19 नवंबर को पटना में जनता दल (यूनाइटेड) की विधायक दल की बैठक में नितीश कुमार को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया है। यह निर्णय इस बात को पुष्ट करता है कि नितीश कुमार कल यानी 20 नवंबर को ऐतिहासिक गांधी मैदान में मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। यह समय बिहार के राजनीतिक इतिहास में विशेष महत्व रखता है। नितीश कुमार का यह दसवां कार्यकाल एक असाधारण उपलब्धि

बिहार की सत्ता में वापसी की तैयारी और राजनीतिक हलचल नीतीश कुमार के इस्तीफे के साथ नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। प्रदेश में नई सरकार गठन की प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपने का निर्णय किया है, जिसके बाद विधानसभा भंग करने की औपचारिक प्रक्रिया प्रारंभ होगी। इसके बाद गठबंधन दलों के बीच सहमति के अनुरूप नई मंत्रिपरिषद का गठन होगा, जिसकी शपथ 20 नवंबर को होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

बिहार की सत्ता में वापसी की तैयारी और राजनीतिक हलचल नीतीश कुमार के इस्तीफे के साथ नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। प्रदेश में नई सरकार गठन की प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपने का निर्णय किया है, जिसके बाद विधानसभा भंग करने की औपचारिक प्रक्रिया प्रारंभ होगी। इसके बाद गठबंधन दलों के बीच सहमति के अनुरूप नई मंत्रिपरिषद का गठन होगा, जिसकी शपथ 20 नवंबर को होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद महागठबंधन के घटक दलों की चुप्पी ने राज्य की सियासत में नए सवाल खड़े कर दिए हैं। चार दिन बीत जाने के बाद भी न तेजस्वी यादव सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं और न ही कांग्रेस की ओर से कोई ठोस बयान दिया गया है। यह मौन सिर्फ पराजय का असर नहीं, बल्कि गठबंधन के भीतर बढ़ती खींचतान, नेतृत्व की उलझन और आगे की रणनीति पर गहराते संशय का संकेत माना जा रहा है। तेजस्वी यादव की खामोशी के पीछे क्या है कारण राजद की ओर से सबसे ज्यादा चर्चा

बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद महागठबंधन के घटक दलों की चुप्पी ने राज्य की सियासत में नए सवाल खड़े कर दिए हैं। चार दिन बीत जाने के बाद भी न तेजस्वी यादव सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं और न ही कांग्रेस की ओर से कोई ठोस बयान दिया गया है। यह मौन सिर्फ पराजय का असर नहीं, बल्कि गठबंधन के भीतर बढ़ती खींचतान, नेतृत्व की उलझन और आगे की रणनीति पर गहराते संशय का संकेत माना जा रहा है। तेजस्वी यादव की खामोशी के पीछे क्या है कारण राजद की ओर से सबसे ज्यादा चर्चा

बिहार में महागठबंधन की प्रमुख साझेदार कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा चुनावों में मिली शर्मनाक हार के बाद अपने ही नेताओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई का बिगुल फूंक दिया है। पार्टी ने उन तथाकथित ‘अनुशासनहीन’ नेताओं को निशाने पर लिया है, जिन पर चुनावी दौर में पार्टी हितों के विपरीत कार्य करने के आरोप लगे हैं। बिहार प्रदेश कांग्रेस ने 43 पदाधिकारियों और नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करके पार्टी प्रबंधन में सख्ती का परिचय दिया है। इन नेताओं पर आरोप है कि उन्होंने जनसभाओं और सार्वजनिक मंचों से ऐसे बयान दिए, जो पार्टी की साख के लिए हानिकारक सिद्ध

बिहार में महागठबंधन की प्रमुख साझेदार कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा चुनावों में मिली शर्मनाक हार के बाद अपने ही नेताओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई का बिगुल फूंक दिया है। पार्टी ने उन तथाकथित ‘अनुशासनहीन’ नेताओं को निशाने पर लिया है, जिन पर चुनावी दौर में पार्टी हितों के विपरीत कार्य करने के आरोप लगे हैं। बिहार प्रदेश कांग्रेस ने 43 पदाधिकारियों और नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करके पार्टी प्रबंधन में सख्ती का परिचय दिया है। इन नेताओं पर आरोप है कि उन्होंने जनसभाओं और सार्वजनिक मंचों से ऐसे बयान दिए, जो पार्टी की साख के लिए हानिकारक सिद्ध

रोहिणी आचार्य का नया प्रहार और आरजेडी राजनीति में उभरता खलबलीभरा दौर राजद मुखिया लालू प्रसाद यादव की पुत्री रोहिणी आचार्य ने एक बार फिर पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय यादव पर गंभीर और तीखे आरोप लगाए हैं। हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद आरजेडी के भीतर से उठती आवाजों और उभरते असंतोष के बीच रोहिणी के बयान अब राजनीतिक हलकों में नई दिशा तय कर रहे हैं। उनका यह प्रहार केवल एक व्यक्तिगत असहमति नहीं, बल्कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और उसके आसपास छाए प्रभावशाली चेहरों की कार्यप्रणाली पर सीधा सवाल है। अपने

रोहिणी आचार्य का नया प्रहार और आरजेडी राजनीति में उभरता खलबलीभरा दौर राजद मुखिया लालू प्रसाद यादव की पुत्री रोहिणी आचार्य ने एक बार फिर पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय यादव पर गंभीर और तीखे आरोप लगाए हैं। हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद आरजेडी के भीतर से उठती आवाजों और उभरते असंतोष के बीच रोहिणी के बयान अब राजनीतिक हलकों में नई दिशा तय कर रहे हैं। उनका यह प्रहार केवल एक व्यक्तिगत असहमति नहीं, बल्कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और उसके आसपास छाए प्रभावशाली चेहरों की कार्यप्रणाली पर सीधा सवाल है। अपने

चुनावी पराजय पर प्रशांत किशोर का आत्मावलोकन और भविष्य की दिशा पहली प्रतिक्रिया में स्वीकार किया नैतिक दायित्व बिहार विधानसभा चुनावों में जन सुराज की करारी पराजय के बाद प्रशांत किशोर ने मंगलवार को पहली बार मीडिया के सामने आकर स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे इस पूरी स्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी स्वयं लेते हैं। पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने स्वीकार किया कि वे जनता का विश्वास जीतने में असफल रहे और जन सुराज आंदोलन की चुनावी तैयारियों में अपेक्षित परिणाम प्राप्त न कर सके।उन्होंने कहा कि बिहार की राजनीति में वैकल्पिक और स्वच्छ विकल्प तैयार करने की

चुनावी पराजय पर प्रशांत किशोर का आत्मावलोकन और भविष्य की दिशा पहली प्रतिक्रिया में स्वीकार किया नैतिक दायित्व बिहार विधानसभा चुनावों में जन सुराज की करारी पराजय के बाद प्रशांत किशोर ने मंगलवार को पहली बार मीडिया के सामने आकर स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे इस पूरी स्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी स्वयं लेते हैं। पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने स्वीकार किया कि वे जनता का विश्वास जीतने में असफल रहे और जन सुराज आंदोलन की चुनावी तैयारियों में अपेक्षित परिणाम प्राप्त न कर सके।उन्होंने कहा कि बिहार की राजनीति में वैकल्पिक और स्वच्छ विकल्प तैयार करने की

एनडीए की ऐतिहासिक विजय और परिवार के भावुक पल का मिलन Nitish Kumar’s Son: बिहार विधानसभा चुनावों में एनडीए की शानदार जीत के बाद एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने राजनीति के खुरदुरेपन को पल भर के लिए पिघला दिया। पिता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बेटे निशांत कुमार के बीच के इस भावुक क्षण की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। यह तस्वीर केवल एक चुनावी जीत का प्रतीक नहीं है, बल्कि इसमें एक परिवार के सपनों, संघर्षों और जीवन के उतार-चढ़ाव की पूरी कहानी बयां है। राजनीति अक्सर कड़वे शब्दों, आरोपों और सत्ता के लिए की

एनडीए की ऐतिहासिक विजय और परिवार के भावुक पल का मिलन Nitish Kumar’s Son: बिहार विधानसभा चुनावों में एनडीए की शानदार जीत के बाद एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने राजनीति के खुरदुरेपन को पल भर के लिए पिघला दिया। पिता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बेटे निशांत कुमार के बीच के इस भावुक क्षण की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। यह तस्वीर केवल एक चुनावी जीत का प्रतीक नहीं है, बल्कि इसमें एक परिवार के सपनों, संघर्षों और जीवन के उतार-चढ़ाव की पूरी कहानी बयां है। राजनीति अक्सर कड़वे शब्दों, आरोपों और सत्ता के लिए की

बिहार चुनाव में जीत के बाद परिवार में खुशी का माहौल चुनावी परिणामों की घोषणा का समय हर राजनैतिक परिवार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। बिहार की राजनीति में सोमवार को ऐसा ही एक खास पल देखने को मिला जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर चुनावी जीत की खुशी का माहौल था। पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आने वाले नतीजों के दौरान ही बदलाव महसूस होने लगा था। लेकिन जब अंतिम परिणाम सामने आए और सत्ता में नीतीश कुमार की विजय पक्की हो गई, तब आवास के भीतर हर्ष और भावनाओं की एक अलग ही बयार बहने लगी।

बिहार चुनाव में जीत के बाद परिवार में खुशी का माहौल चुनावी परिणामों की घोषणा का समय हर राजनैतिक परिवार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। बिहार की राजनीति में सोमवार को ऐसा ही एक खास पल देखने को मिला जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर चुनावी जीत की खुशी का माहौल था। पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आने वाले नतीजों के दौरान ही बदलाव महसूस होने लगा था। लेकिन जब अंतिम परिणाम सामने आए और सत्ता में नीतीश कुमार की विजय पक्की हो गई, तब आवास के भीतर हर्ष और भावनाओं की एक अलग ही बयार बहने लगी।

नई सरकार के गठन की तैयारियों के साथ राजनीतिक गतिविधियां तेज पटना। बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियों का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। चुनावी समीकरण और संगठनात्मक रणनीतियों के बीच अब मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले संभावित चेहरों पर गहन विमर्श शुरू हो चुका है। राज्य में बदले राजनीतिक वातावरण के बीच यह साफ संकेत है कि भाजपा अपने कोटे से शामिल किए जाने वाले मंत्रियों के चयन में इस बार अपेक्षाकृत अधिक सावधानी बरतना चाहती है।इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सरकारी आवास 5, देशरत्न मार्ग पर सोमवार को भाजपा के

नई सरकार के गठन की तैयारियों के साथ राजनीतिक गतिविधियां तेज पटना। बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियों का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। चुनावी समीकरण और संगठनात्मक रणनीतियों के बीच अब मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले संभावित चेहरों पर गहन विमर्श शुरू हो चुका है। राज्य में बदले राजनीतिक वातावरण के बीच यह साफ संकेत है कि भाजपा अपने कोटे से शामिल किए जाने वाले मंत्रियों के चयन में इस बार अपेक्षाकृत अधिक सावधानी बरतना चाहती है।इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सरकारी आवास 5, देशरत्न मार्ग पर सोमवार को भाजपा के

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन की कमजोर होती पकड़ बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणामों ने राज्य की राजनीति में एक बार फिर चौंकाने वाला संकेत दिया है। महागठबंधन, जो चुनाव से पहले बड़े दावों के साथ मैदान में उतरा था, उसे उम्मीद के बिल्कुल विपरीत बेहद करीबी मुकाबलों में अपनी सीटें बचानी पड़ीं। अंतिम परिणामों में गठबंधन ने कुल 35 सीटें जरूर हासिल कीं, परंतु इनमें से अधिकांश पर उसकी जीत बेहद कम अंतर से दर्ज हुई। यह स्थिति न केवल राजनीतिक रणनीति की कमज़ोरी को उजागर करती है, बल्कि मतदाताओं के बीच लगातार कम होते जनसमर्थन की

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन की कमजोर होती पकड़ बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणामों ने राज्य की राजनीति में एक बार फिर चौंकाने वाला संकेत दिया है। महागठबंधन, जो चुनाव से पहले बड़े दावों के साथ मैदान में उतरा था, उसे उम्मीद के बिल्कुल विपरीत बेहद करीबी मुकाबलों में अपनी सीटें बचानी पड़ीं। अंतिम परिणामों में गठबंधन ने कुल 35 सीटें जरूर हासिल कीं, परंतु इनमें से अधिकांश पर उसकी जीत बेहद कम अंतर से दर्ज हुई। यह स्थिति न केवल राजनीतिक रणनीति की कमज़ोरी को उजागर करती है, बल्कि मतदाताओं के बीच लगातार कम होते जनसमर्थन की

प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी से उठे सुशासन पर गंभीर प्रश्न प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित प्रतिष्ठित ‘रामनाथ गोयनका व्याख्यान’ में एक ऐसे विषय को केंद्र में रखा, जिसने न केवल बिहार बल्कि पूरे देश की राजनीतिक धारा को पुनः सोचने पर विवश कर दिया। उन्होंने बिहार के अतीत, वर्तमान और संभावित भविष्य के संदर्भ में नेतृत्व की गुणवत्ता, संवेदनशीलता और सुशासन की अवधारणा को अत्यंत प्रखरता से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ पत्रकारों, संपादकों और चिंतकों के बीच प्रधानमंत्री का संबोधन केवल राजनीतिक विमर्श तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसने शासन के नैतिक पक्ष और जनता

प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी से उठे सुशासन पर गंभीर प्रश्न प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित प्रतिष्ठित ‘रामनाथ गोयनका व्याख्यान’ में एक ऐसे विषय को केंद्र में रखा, जिसने न केवल बिहार बल्कि पूरे देश की राजनीतिक धारा को पुनः सोचने पर विवश कर दिया। उन्होंने बिहार के अतीत, वर्तमान और संभावित भविष्य के संदर्भ में नेतृत्व की गुणवत्ता, संवेदनशीलता और सुशासन की अवधारणा को अत्यंत प्रखरता से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ पत्रकारों, संपादकों और चिंतकों के बीच प्रधानमंत्री का संबोधन केवल राजनीतिक विमर्श तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसने शासन के नैतिक पक्ष और जनता

बिहार की राजनीति में नया मोड़: तेजस्वी यादव विपक्ष के नेता पटना। बिहार विधानसभा में आज राजद के विधायक दल ने तेजस्वी यादव को विपक्ष के नेता के रूप में चुने जाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। इस बैठक में सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से तेजस्वी यादव का नाम प्रस्तावित किया और उन्हें विधायकों का समर्थन प्राप्त हुआ। इस निर्णय के साथ ही बिहार में विपक्ष की भूमिका और रणनीति की दिशा स्पष्ट हो गई है। विपक्षी दलों की बैठक और रणनीति राजद विधायकों ने बैठक में आगामी विधानसभा सत्र के एजेंडे पर विस्तृत चर्चा की। हार के पश्चात पार्टी की

बिहार की राजनीति में नया मोड़: तेजस्वी यादव विपक्ष के नेता पटना। बिहार विधानसभा में आज राजद के विधायक दल ने तेजस्वी यादव को विपक्ष के नेता के रूप में चुने जाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। इस बैठक में सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से तेजस्वी यादव का नाम प्रस्तावित किया और उन्हें विधायकों का समर्थन प्राप्त हुआ। इस निर्णय के साथ ही बिहार में विपक्ष की भूमिका और रणनीति की दिशा स्पष्ट हो गई है। विपक्षी दलों की बैठक और रणनीति राजद विधायकों ने बैठक में आगामी विधानसभा सत्र के एजेंडे पर विस्तृत चर्चा की। हार के पश्चात पार्टी की

बिहार चुनाव परिणाम 2025: राजनीतिक परिदृश्य में नई हलचल पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणाम घोषित हो गए हैं। इस बार का चुनाव कई मायनों में विशेष था। महागठबंधन और एनडीए के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, लेकिन इस चुनाव की सबसे चर्चा की जाने वाली बात रही ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) और NOTA के मतों की तुलना। AIMIM और NOTA के मतों की समानता चुनाव आयोग की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, AIMIM को कुल 1.85 प्रतिशत मत मिले, जबकि NOTA को 1.81 प्रतिशत मत मिले। यह मामूली अंतर राजनीतिक विश्लेषकों के लिए बेहद रोचक है। विशेष

बिहार चुनाव परिणाम 2025: राजनीतिक परिदृश्य में नई हलचल पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणाम घोषित हो गए हैं। इस बार का चुनाव कई मायनों में विशेष था। महागठबंधन और एनडीए के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, लेकिन इस चुनाव की सबसे चर्चा की जाने वाली बात रही ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) और NOTA के मतों की तुलना। AIMIM और NOTA के मतों की समानता चुनाव आयोग की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, AIMIM को कुल 1.85 प्रतिशत मत मिले, जबकि NOTA को 1.81 प्रतिशत मत मिले। यह मामूली अंतर राजनीतिक विश्लेषकों के लिए बेहद रोचक है। विशेष

बिहार में राजनीतिक हलचल और सरकार गठन का नया चरण बिहार की राजनीति 2025 में फिर एक बार तेजी से बदलाव की ओर बढ़ रही है। एनडीए की हालिया जीत के बाद राज्य में नई सरकार गठन की प्रक्रिया ने सभी दलों की रणनीतियों को प्रभावित किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार भंग करने की औपचारिक जानकारी दी है। अब विधानसभा भंग होकर नई सरकार 20 तारीख को शपथ लेने जा रही है। इस बीच, विपक्षी दलों के बीच और लालू परिवार में राजनीतिक उठापटक लगातार चर्चा में बनी हुई है। लालू परिवार में फूट

बिहार में राजनीतिक हलचल और सरकार गठन का नया चरण बिहार की राजनीति 2025 में फिर एक बार तेजी से बदलाव की ओर बढ़ रही है। एनडीए की हालिया जीत के बाद राज्य में नई सरकार गठन की प्रक्रिया ने सभी दलों की रणनीतियों को प्रभावित किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार भंग करने की औपचारिक जानकारी दी है। अब विधानसभा भंग होकर नई सरकार 20 तारीख को शपथ लेने जा रही है। इस बीच, विपक्षी दलों के बीच और लालू परिवार में राजनीतिक उठापटक लगातार चर्चा में बनी हुई है। लालू परिवार में फूट

बिहार सरकार गठन 2025 की औपचारिक प्रक्रिया शुरू पटना। बिहार में सरकार गठन की प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मिलकर वर्तमान विधानसभा भंग करने का प्रस्ताव सौंप दिया। इस प्रस्ताव के स्वीकार होने के साथ ही बिहार विधानसभा 19 नवंबर को भंग होने जा रही है। राज्यपाल ने कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने का अनुरोध किया है। राजनीतिक विश्लेषक इसे बिहार में सत्ता परिवर्तन की शुरुआत मान रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की ऐतिहासिक जीत के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया और भी

बिहार सरकार गठन 2025 की औपचारिक प्रक्रिया शुरू पटना। बिहार में सरकार गठन की प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मिलकर वर्तमान विधानसभा भंग करने का प्रस्ताव सौंप दिया। इस प्रस्ताव के स्वीकार होने के साथ ही बिहार विधानसभा 19 नवंबर को भंग होने जा रही है। राज्यपाल ने कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने का अनुरोध किया है। राजनीतिक विश्लेषक इसे बिहार में सत्ता परिवर्तन की शुरुआत मान रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की ऐतिहासिक जीत के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया और भी

बीएसपी की जीत और मतगणना की गाथा मतगणना के दौरान रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में जबरदस्त तनाव देखा गया। प्रारंभिक दौर से ही बीएसपी और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर रही। पहले 25 राउंड में बीएसपी ने बढ़त बनाई, लेकिन धीरे-धीरे यह बढ़त कम होती गई। मतगणना में विलंब और पोस्टल वोटों की दोबारा गिनती ने स्थिति को और नाजुक बना दिया। पत्थरबाजी और सड़क जाम मतगणना के दौरान बीएसपी समर्थकों ने अपने जज्बातों को नियंत्रित नहीं किया और सड़क जाम व पत्थरबाजी जैसी घटनाएं हुईं। चुनाव अधिकारी के वाहन को भी नुकसान पहुंचा। बावजूद इसके सतीश यादव और उनके समर्थक

बीएसपी की जीत और मतगणना की गाथा मतगणना के दौरान रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में जबरदस्त तनाव देखा गया। प्रारंभिक दौर से ही बीएसपी और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर रही। पहले 25 राउंड में बीएसपी ने बढ़त बनाई, लेकिन धीरे-धीरे यह बढ़त कम होती गई। मतगणना में विलंब और पोस्टल वोटों की दोबारा गिनती ने स्थिति को और नाजुक बना दिया। पत्थरबाजी और सड़क जाम मतगणना के दौरान बीएसपी समर्थकों ने अपने जज्बातों को नियंत्रित नहीं किया और सड़क जाम व पत्थरबाजी जैसी घटनाएं हुईं। चुनाव अधिकारी के वाहन को भी नुकसान पहुंचा। बावजूद इसके सतीश यादव और उनके समर्थक

बिहार चुनाव 2025: सांसद सुधाकर सिंह का विश्लेषण बक्सर के राजद सांसद सुधाकर सिंह ने हाल ही में बिहार चुनाव के परिणामों और निर्वाचन प्रक्रिया पर अपनी गंभीर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और कमजोर निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर संशोधन कर महागठबंधन के पक्ष में मतदान को प्रभावित किया। मतदाता सूची में कथित हेरफेर सुधाकर सिंह ने कहा कि बिहार में 70 से 75 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए, जबकि नए मतदाताओं के नाम जोड़ लिए गए। उनका कहना था कि इसी प्रकार की प्रक्रिया पहले महाराष्ट्र, हरियाणा और वाराणसी

बिहार चुनाव 2025: सांसद सुधाकर सिंह का विश्लेषण बक्सर के राजद सांसद सुधाकर सिंह ने हाल ही में बिहार चुनाव के परिणामों और निर्वाचन प्रक्रिया पर अपनी गंभीर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और कमजोर निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर संशोधन कर महागठबंधन के पक्ष में मतदान को प्रभावित किया। मतदाता सूची में कथित हेरफेर सुधाकर सिंह ने कहा कि बिहार में 70 से 75 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए, जबकि नए मतदाताओं के नाम जोड़ लिए गए। उनका कहना था कि इसी प्रकार की प्रक्रिया पहले महाराष्ट्र, हरियाणा और वाराणसी

जनता की बंपर भागीदारी और एनडीए की प्रबल विजय बिहार में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में एनडीए ने ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है। बिहार के भोजपुर जिले में भी जनता ने बंपर वोटिंग के माध्यम से भाजपा और जदयू को प्रचंड जीत दिलाई है। इस अवसर पर भाजपा चिकित्सा मंच के जिला अध्यक्ष डॉ. के एन सिन्हा ने प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि यह जनता का स्पष्ट संदेश है कि वे वर्तमान नेतृत्व की नीतियों और विकास कार्यों से संतुष्ट हैं। भोजपुर जिले में मत प्रतिशत और जनसांख्यिक प्रतिक्रिया भोजपुर जिले में कुल मतदान प्रतिशत लगभग 65%

जनता की बंपर भागीदारी और एनडीए की प्रबल विजय बिहार में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में एनडीए ने ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है। बिहार के भोजपुर जिले में भी जनता ने बंपर वोटिंग के माध्यम से भाजपा और जदयू को प्रचंड जीत दिलाई है। इस अवसर पर भाजपा चिकित्सा मंच के जिला अध्यक्ष डॉ. के एन सिन्हा ने प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि यह जनता का स्पष्ट संदेश है कि वे वर्तमान नेतृत्व की नीतियों और विकास कार्यों से संतुष्ट हैं। भोजपुर जिले में मत प्रतिशत और जनसांख्यिक प्रतिक्रिया भोजपुर जिले में कुल मतदान प्रतिशत लगभग 65%

सोशल मीडिया पर बड़े कदम और परिवार से बढ़ती दूरी ने रोहिणी आचार्य के राजनीतिक भविष्य पर नए सवाल खड़े किए। बिहार की राजनीति में लालू-प्रसाद यादव के परिवार के अंदर चल रहे मतभेद एक बार फिर सतह पर आ गए हैं। इस बार चर्चा के केंद्र में हैं उनकी बेटी रोहिणी आचार्य, जिन्होंने अपने सोशल मीडिया व्यवहार और सार्वजनिक वक्तव्यों से संकेत दिया है कि वे राजनीति और पारिवारिक दायरे से अपने कदम पीछे खींच रही हैं। राजनीतिक महत्वाकांक्षा से इनकार रोहिणी ने हाल के दिनों में स्पष्ट किया है कि उनकी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं है। उनके शब्दों

सोशल मीडिया पर बड़े कदम और परिवार से बढ़ती दूरी ने रोहिणी आचार्य के राजनीतिक भविष्य पर नए सवाल खड़े किए। बिहार की राजनीति में लालू-प्रसाद यादव के परिवार के अंदर चल रहे मतभेद एक बार फिर सतह पर आ गए हैं। इस बार चर्चा के केंद्र में हैं उनकी बेटी रोहिणी आचार्य, जिन्होंने अपने सोशल मीडिया व्यवहार और सार्वजनिक वक्तव्यों से संकेत दिया है कि वे राजनीति और पारिवारिक दायरे से अपने कदम पीछे खींच रही हैं। राजनीतिक महत्वाकांक्षा से इनकार रोहिणी ने हाल के दिनों में स्पष्ट किया है कि उनकी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं है। उनके शब्दों

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: भाजपा की ऐतिहासिक विजय और कांग्रेस की हार बिहार में हाल ही संपन्न विधानसभा चुनाव 2025 के परिणामों ने राजनीतिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने अप्रत्याशित प्रदर्शन करते हुए 243 में से 202 सीटों पर विजय प्राप्त की है। इसके विपरीत, कांग्रेस एवं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेतृत्व वाले महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लि कार्जुन खरगे ने बिहार में हुई हार पर गहन चर्चा की। कांग्रेस के 61 प्रत्याशियों में केवल

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: भाजपा की ऐतिहासिक विजय और कांग्रेस की हार बिहार में हाल ही संपन्न विधानसभा चुनाव 2025 के परिणामों ने राजनीतिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने अप्रत्याशित प्रदर्शन करते हुए 243 में से 202 सीटों पर विजय प्राप्त की है। इसके विपरीत, कांग्रेस एवं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेतृत्व वाले महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लि कार्जुन खरगे ने बिहार में हुई हार पर गहन चर्चा की। कांग्रेस के 61 प्रत्याशियों में केवल

बिहार चुनाव में भाजपा की विजयी यात्रा भाजपा ने इस बार 89 सीटों के साथ बिहार में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में खुद को स्थापित किया। एनडीए की यह जीत न केवल राजनीतिक स्तर पर बल्कि महिला सशक्तिकरण के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नीतीश कुमार की जनता दल (यूनाइटेड) ने 85 सीटें प्राप्त कीं और विपक्षी महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा। अलीनगर से मैथिली ठाकुर का शानदार प्रदर्शन अलीनगर विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी मैथिली ठाकुर ने राजद के विनोद मिश्रा को 11,730 मतों के अंतर से पराजित किया। प्रारंभिक मतगणना से

बिहार चुनाव में भाजपा की विजयी यात्रा भाजपा ने इस बार 89 सीटों के साथ बिहार में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में खुद को स्थापित किया। एनडीए की यह जीत न केवल राजनीतिक स्तर पर बल्कि महिला सशक्तिकरण के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नीतीश कुमार की जनता दल (यूनाइटेड) ने 85 सीटें प्राप्त कीं और विपक्षी महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा। अलीनगर से मैथिली ठाकुर का शानदार प्रदर्शन अलीनगर विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी मैथिली ठाकुर ने राजद के विनोद मिश्रा को 11,730 मतों के अंतर से पराजित किया। प्रारंभिक मतगणना से

ओवैसी ने बिहार चुनाव पर दी प्रतिक्रिया बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एआईएमआईएम ने कुल पांच सीटें जीतकर राज्य की राजनीति में अपनी पहचान मजबूत की। ओवैसी ने कहा कि वे बिहार की जनता का आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने उनकी पार्टी को वोट दिया। उन्होंने कहा, “मैं उन सभी उम्मीदवारों और पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई देना चाहता हूं जिन्होंने इस सफलता के लिए अथक परिश्रम किया। हम सीमांचल के विकास और कल्याण के लिए काम करेंगे।” अखिलेश यादव पर निशाना ओवैसी ने महागठबंधन नेता अखिलेश यादव पर हमला करते हुए कहा कि उन्हें अपनी हार का ठीकरा ईवीएम और

ओवैसी ने बिहार चुनाव पर दी प्रतिक्रिया बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एआईएमआईएम ने कुल पांच सीटें जीतकर राज्य की राजनीति में अपनी पहचान मजबूत की। ओवैसी ने कहा कि वे बिहार की जनता का आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने उनकी पार्टी को वोट दिया। उन्होंने कहा, “मैं उन सभी उम्मीदवारों और पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई देना चाहता हूं जिन्होंने इस सफलता के लिए अथक परिश्रम किया। हम सीमांचल के विकास और कल्याण के लिए काम करेंगे।” अखिलेश यादव पर निशाना ओवैसी ने महागठबंधन नेता अखिलेश यादव पर हमला करते हुए कहा कि उन्हें अपनी हार का ठीकरा ईवीएम और

आरके सिंह के विवादित बयान पूर्व मंत्री आरके सिंह ने बिहार के डिप्टी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जेडीयू नेता अनंत सिंह और आरजेडी नेता सूरजभान सिंह को खुलेआम “हत्या के आरोपी” बताया। उन्होंने कहा कि राज्य की राजनीति में अपराधीकरण बढ़ाने वाले ये लोग जनप्रतिनिधि बनने के योग्य नहीं हैं। सिंह ने यह भी कहा कि जनता को ऐसे नेताओं को वोट देने से बचना चाहिए और उन्होंने अपने बयान में तीखी आलोचना करते हुए कहा कि भ्रष्ट नेताओं को वोट देना जनता के हित में नहीं है। बिजली घोटाले का आरोप आरके सिंह ने नीतीश सरकार पर अडाणी समूह के

आरके सिंह के विवादित बयान पूर्व मंत्री आरके सिंह ने बिहार के डिप्टी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जेडीयू नेता अनंत सिंह और आरजेडी नेता सूरजभान सिंह को खुलेआम “हत्या के आरोपी” बताया। उन्होंने कहा कि राज्य की राजनीति में अपराधीकरण बढ़ाने वाले ये लोग जनप्रतिनिधि बनने के योग्य नहीं हैं। सिंह ने यह भी कहा कि जनता को ऐसे नेताओं को वोट देने से बचना चाहिए और उन्होंने अपने बयान में तीखी आलोचना करते हुए कहा कि भ्रष्ट नेताओं को वोट देना जनता के हित में नहीं है। बिजली घोटाले का आरोप आरके सिंह ने नीतीश सरकार पर अडाणी समूह के

सीएम निवास में राजनीतिक हलचल पटना। बिहार में विधानसभा चुनाव के नतीजों के पश्चात सत्ता परिवर्तन को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। शनिवार की सुबह मुख्यमंत्री निवास पर नेताओं का तांता लगातार लगा रहा। इस क्रम में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और भाजपा विधायक नितिन नवीन की मुलाकात सबसे चर्चित रही। नीतीश कुमार से हुई यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश देने वाली मानी जा रही है। जदयू और भाजपा के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि एनडीए पूरी तरह एकजुट है और मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई विवाद नहीं होगा। सत्ता परिवर्तन की

सीएम निवास में राजनीतिक हलचल पटना। बिहार में विधानसभा चुनाव के नतीजों के पश्चात सत्ता परिवर्तन को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। शनिवार की सुबह मुख्यमंत्री निवास पर नेताओं का तांता लगातार लगा रहा। इस क्रम में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और भाजपा विधायक नितिन नवीन की मुलाकात सबसे चर्चित रही। नीतीश कुमार से हुई यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश देने वाली मानी जा रही है। जदयू और भाजपा के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि एनडीए पूरी तरह एकजुट है और मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई विवाद नहीं होगा। सत्ता परिवर्तन की

बिहार में चिराग पासवान का राजनीतिक उभार पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणाम सामने आने के पश्चात् लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान का राजनीतिक कद और दृढ़ हो गया है। 29 सीटों पर चुनाव लड़ते हुए उनकी पार्टी ने 19 सीटों पर विजय प्राप्त की और एनडीए गठबंधन को 200 सीटों के पार ले जाने में अहम भूमिका निभाई। इस जीत ने यह स्पष्ट कर दिया कि चिराग पासवान बिहार में दलित नेतृत्व के नए प्रतीक बन चुके हैं। महागठबंधन से हुई कुशल प्रतिस्पर्धा चिराग की पार्टी ने महागठबंधन से 17 सीटें छीनी हैं। यह आंकड़ा

बिहार में चिराग पासवान का राजनीतिक उभार पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणाम सामने आने के पश्चात् लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान का राजनीतिक कद और दृढ़ हो गया है। 29 सीटों पर चुनाव लड़ते हुए उनकी पार्टी ने 19 सीटों पर विजय प्राप्त की और एनडीए गठबंधन को 200 सीटों के पार ले जाने में अहम भूमिका निभाई। इस जीत ने यह स्पष्ट कर दिया कि चिराग पासवान बिहार में दलित नेतृत्व के नए प्रतीक बन चुके हैं। महागठबंधन से हुई कुशल प्रतिस्पर्धा चिराग की पार्टी ने महागठबंधन से 17 सीटें छीनी हैं। यह आंकड़ा

बिहार की राजनीति में उथल-पुथल का दौर बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम 2025 के बाद राज्य की राजनीति में जिस प्रकार की तेज हलचल देखने को मिल रही है, वह आने वाले दिनों में सत्ता संतुलन के नए संकेत दे रही है। एनडीए को मिली 202 सीटों की प्रचंड सफलता ने राज्य की सत्ता पर उसकी पकड़ को मजबूत किया है, जबकि महागठबंधन महज 35 सीटों पर सिमट गया है। वहीं एआईएमआईएम को 5 सीटों की प्राप्ति ने क्षेत्रीय राजनीति को नई दिशा दी है। कुल 243 सदस्यीय विधानसभा में 122 सीटों का बहुमत हासिल करने के बाद एनडीए सरकार गठन

बिहार की राजनीति में उथल-पुथल का दौर बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम 2025 के बाद राज्य की राजनीति में जिस प्रकार की तेज हलचल देखने को मिल रही है, वह आने वाले दिनों में सत्ता संतुलन के नए संकेत दे रही है। एनडीए को मिली 202 सीटों की प्रचंड सफलता ने राज्य की सत्ता पर उसकी पकड़ को मजबूत किया है, जबकि महागठबंधन महज 35 सीटों पर सिमट गया है। वहीं एआईएमआईएम को 5 सीटों की प्राप्ति ने क्षेत्रीय राजनीति को नई दिशा दी है। कुल 243 सदस्यीय विधानसभा में 122 सीटों का बहुमत हासिल करने के बाद एनडीए सरकार गठन

परिवर्तन की बयार में नीतीश की स्थिर उपस्थिति बिहार की राजनीति में बीते वर्षों में कई उतार–चढ़ाव देखने को मिले, परंतु कुछ तत्व ऐसे रहे जो निरंतर स्थिरता और भरोसे की पहचान बनकर उभरे। उन्हीं तत्वों में सबसे प्रमुख नाम नीतीश कुमार का है। राज्य के ताज़ा चुनाव परिणामों में एनडीए ने व्यापक बहुमत हासिल कर यह स्पष्ट कर दिया कि जनता ने विकास, सुशासन और राजनीतिक संतुलन पर आधारित नेतृत्व को एक बार फिर मंजूरी दी है।चुनाव बाद जिस तरह “बिहार का एक ही सितारा, नीतीश कुमार” का स्वर गूंजा, वह सिर्फ एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि उस विश्वास

परिवर्तन की बयार में नीतीश की स्थिर उपस्थिति बिहार की राजनीति में बीते वर्षों में कई उतार–चढ़ाव देखने को मिले, परंतु कुछ तत्व ऐसे रहे जो निरंतर स्थिरता और भरोसे की पहचान बनकर उभरे। उन्हीं तत्वों में सबसे प्रमुख नाम नीतीश कुमार का है। राज्य के ताज़ा चुनाव परिणामों में एनडीए ने व्यापक बहुमत हासिल कर यह स्पष्ट कर दिया कि जनता ने विकास, सुशासन और राजनीतिक संतुलन पर आधारित नेतृत्व को एक बार फिर मंजूरी दी है।चुनाव बाद जिस तरह “बिहार का एक ही सितारा, नीतीश कुमार” का स्वर गूंजा, वह सिर्फ एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि उस विश्वास

सिवान में शांतिपूर्ण रहा चुनाव और मतगणना, प्रशासन की सतर्कता बनी चर्चा का विषय चुनाव प्रक्रिया का संपूर्ण संचालन बिना किसी व्यवधान के सिवान जिले में संपन्न हुए चुनाव और मतगणना की प्रक्रिया इस बार विशेष रूप से शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रही। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही प्रशासनिक सक्रियता और सुरक्षा व्यवस्था का गहरा प्रभाव दिखाई दिया। आम मतदाताओं से लेकर चुनाव कार्य से जुड़े कर्मियों तक, सभी ने मतदान दिवस को लोकतांत्रिक उत्सव के रूप में अनुभव किया। जिले में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न होना प्रशासन की कड़ी निगरानी और समन्वय का महत्वपूर्ण परिणाम माना

सिवान में शांतिपूर्ण रहा चुनाव और मतगणना, प्रशासन की सतर्कता बनी चर्चा का विषय चुनाव प्रक्रिया का संपूर्ण संचालन बिना किसी व्यवधान के सिवान जिले में संपन्न हुए चुनाव और मतगणना की प्रक्रिया इस बार विशेष रूप से शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रही। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही प्रशासनिक सक्रियता और सुरक्षा व्यवस्था का गहरा प्रभाव दिखाई दिया। आम मतदाताओं से लेकर चुनाव कार्य से जुड़े कर्मियों तक, सभी ने मतदान दिवस को लोकतांत्रिक उत्सव के रूप में अनुभव किया। जिले में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न होना प्रशासन की कड़ी निगरानी और समन्वय का महत्वपूर्ण परिणाम माना

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: एनडीए की ऐतिहासिक बढ़त और बदलते राजनीतिक संकेत मतगणना के रुझानों ने बदली बिहार की सियासी तस्वीर बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मतगणना रुझानों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव दर्ज किया। कुल 243 विधानसभा सीटों वाले बिहार में बहुमत के लिए 122 सीटों की आवश्यकता होती है। मतगणना के अंतिम दौर में एनडीए स्पष्ट रूप से 200 से अधिक सीटों के लक्ष्य को पार करता दिखा, जिससे यह साफ हो गया कि जनता ने इस बार निर्णायक जनादेश दिया है।बीजेपी और जदयू दोनों ने अपने-अपने स्तर पर मजबूत प्रदर्शन किया। बीजेपी ने 101 और

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नागपुर में आरपीआई कार्यकर्ताओं का भाजपा में ऐतिहासिक प्रवेश समारोह सामूहिक प्रवेश से शहर की राजनीति में नई हलचल नागपुर में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एक साथ भारतीय जनता पार्टी का दामन थामते हुए शहर की राजनीतिक फिज़ा में एक नया परिवर्तन दर्ज कर दिया। यह सामूहिक प्रवेश आरपीआई की प्रख्यात नेता और पूर्व नगरसेविका सौ कुंदाताई गेडाम के नेतृत्व में हुआ, जिनके मार्गदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय पहुंचे।भाजपा के शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी ने पुष्पगुच्छ और पार्टी का दुपट्टा पहनाकर कुंदाताई गेडाम का स्वागत किया। इसी के साथ आए सभी कार्यकर्ताओं का

नागपुर में आरपीआई कार्यकर्ताओं का भाजपा में ऐतिहासिक प्रवेश समारोह सामूहिक प्रवेश से शहर की राजनीति में नई हलचल नागपुर में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एक साथ भारतीय जनता पार्टी का दामन थामते हुए शहर की राजनीतिक फिज़ा में एक नया परिवर्तन दर्ज कर दिया। यह सामूहिक प्रवेश आरपीआई की प्रख्यात नेता और पूर्व नगरसेविका सौ कुंदाताई गेडाम के नेतृत्व में हुआ, जिनके मार्गदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय पहुंचे।भाजपा के शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी ने पुष्पगुच्छ और पार्टी का दुपट्टा पहनाकर कुंदाताई गेडाम का स्वागत किया। इसी के साथ आए सभी कार्यकर्ताओं का

उपशीर्षक: बिहार में मतगणना के शुरुआती संकेतों ने बदली राजनीतिक परिस्थिति भाजपा के बड़े नेताओं की मजबूत शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना के प्रारंभिक रुझानों ने पूरे राज्य में राजनीतिक सरगर्मी को चरम पर पहुंचा दिया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी अपनी सीट पर उल्लेखनीय बढ़त बनाए हुए हैं। शुरुआती चरण से ही उनके पक्ष में पड़ रहे मतदान ने पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर पैदा कर दी है।इसके साथ ही भाजपा के एक अन्य प्रमुख चेहरे मंगल पांडेय भी अपनी सीट से आगे चल रहे हैं, जिससे पार्टी की शुरुआती स्थिति और मजबूत हो

उपशीर्षक: बिहार में मतगणना के शुरुआती संकेतों ने बदली राजनीतिक परिस्थिति भाजपा के बड़े नेताओं की मजबूत शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना के प्रारंभिक रुझानों ने पूरे राज्य में राजनीतिक सरगर्मी को चरम पर पहुंचा दिया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी अपनी सीट पर उल्लेखनीय बढ़त बनाए हुए हैं। शुरुआती चरण से ही उनके पक्ष में पड़ रहे मतदान ने पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर पैदा कर दी है।इसके साथ ही भाजपा के एक अन्य प्रमुख चेहरे मंगल पांडेय भी अपनी सीट से आगे चल रहे हैं, जिससे पार्टी की शुरुआती स्थिति और मजबूत हो

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणामों पर कांग्रेस का आत्ममंथन शशि थरूर ने कहा– चुनाव प्रचार के लिए नहीं बुलाया गया बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणामों ने कांग्रेस नेतृत्व के सामने कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। तिरुअनंतपुरम के सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को इस संदर्भ में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उन्हें बिहार में चुनाव प्रचार के लिए आमंत्रित ही नहीं किया गया, इसलिए वे जमीनी स्थिति पर प्रत्यक्ष रूप से कुछ नहीं कह सकते।मतगणना जारी रहने के दौरान पत्रकारों से बातचीत में थरूर ने कहा कि पार्टी अब चुनाव

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणामों पर कांग्रेस का आत्ममंथन शशि थरूर ने कहा– चुनाव प्रचार के लिए नहीं बुलाया गया बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणामों ने कांग्रेस नेतृत्व के सामने कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। तिरुअनंतपुरम के सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को इस संदर्भ में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उन्हें बिहार में चुनाव प्रचार के लिए आमंत्रित ही नहीं किया गया, इसलिए वे जमीनी स्थिति पर प्रत्यक्ष रूप से कुछ नहीं कह सकते।मतगणना जारी रहने के दौरान पत्रकारों से बातचीत में थरूर ने कहा कि पार्टी अब चुनाव

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नोटा का उभरता रुझान चुनावी परिदृश्य में नोटा की भूमिका बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणामों ने राज्य की राजनीतिक दिशा को एक बार फिर बदल दिया है। एनडीए ने राज्य की 243 सीटों में से लगभग 200 सीटों पर बढ़त हासिल कर सत्ता में प्रचंड बहुमत के साथ वापसी दर्ज की है। हालांकि, इस चुनाव में एक और पहलू ऐसा रहा जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया – NOTA अर्थात उपरोक्त में से कोई नहीं का विकल्प।चुनाव आयोग के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, इस बार 1.82 प्रतिशत मतदाताओं ने NOTA का बटन दबाया। कुल

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नोटा का उभरता रुझान चुनावी परिदृश्य में नोटा की भूमिका बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणामों ने राज्य की राजनीतिक दिशा को एक बार फिर बदल दिया है। एनडीए ने राज्य की 243 सीटों में से लगभग 200 सीटों पर बढ़त हासिल कर सत्ता में प्रचंड बहुमत के साथ वापसी दर्ज की है। हालांकि, इस चुनाव में एक और पहलू ऐसा रहा जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया – NOTA अर्थात उपरोक्त में से कोई नहीं का विकल्प।चुनाव आयोग के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, इस बार 1.82 प्रतिशत मतदाताओं ने NOTA का बटन दबाया। कुल

अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन का तीखा प्रहार बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की भारी जीत के बाद अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनकी पार्टी पर खुलकर निशाना साधा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसक के रूप में पहचानी जाने वाली मिलबेन ने इंटरनेट माध्यम पर कांग्रेस समर्थकों द्वारा की गई कथित ट्रोलिंग का उल्लेख करते हुए उन्हें करारा जवाब दिया। उनके द्वारा साझा किया गया गीत और टिप्पणी तेजी से वायरल हो गए, जिससे कांग्रेस की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई फजीहत का माहौल तैयार हुआ। राहुल गांधी और कांग्रेस पर मिलबेन की टिप्पणी

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बिहार चुनाव 2025: विकास और सुशासन का निर्णायक जनादेश बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणाम स्पष्ट कर रहे हैं कि जनता ने विकास और सुशासन के पक्ष में अपना निर्णायक मत दिया है। कुल 243 सीटों वाली विधानसभा में एनडीए गठबंधन ने 204 सीटों पर बढ़त हासिल कर सरकार बनाने के लिए पर्याप्त बहुमत प्राप्त कर लिया है। इसके विपरीत, महागठबंधन केवल 33 सीटों पर सिमटा हुआ दिखाई दे रहा है। एनडीए की व्यापक बढ़त और पार्टी प्रदर्शन बीजेपी और जेडीयू के साथ एनडीए में चिराग पासवान की एलजेपी, उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएम और जीतन राम मांझी की पार्टी हम

बिहार चुनाव 2025: विकास और सुशासन का निर्णायक जनादेश बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणाम स्पष्ट कर रहे हैं कि जनता ने विकास और सुशासन के पक्ष में अपना निर्णायक मत दिया है। कुल 243 सीटों वाली विधानसभा में एनडीए गठबंधन ने 204 सीटों पर बढ़त हासिल कर सरकार बनाने के लिए पर्याप्त बहुमत प्राप्त कर लिया है। इसके विपरीत, महागठबंधन केवल 33 सीटों पर सिमटा हुआ दिखाई दे रहा है। एनडीए की व्यापक बढ़त और पार्टी प्रदर्शन बीजेपी और जेडीयू के साथ एनडीए में चिराग पासवान की एलजेपी, उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएम और जीतन राम मांझी की पार्टी हम

बिहार चुनाव परिणाम 2025: महिलाओं ने राजनीति में नए आयाम स्थापित किए बिहार चुनाव परिणाम 2025 ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व क्षमता अब निर्णायक भूमिका निभाने लगी है। सारण जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में महिलाओं ने अपने प्रदर्शन से पुरानी राजनीतिक धारणाओं को चुनौती दी और पुरुष नेताओं को पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की। करिश्मा कुमारी की शानदार सफलता परसा विधानसभा क्षेत्र से राजद की प्रत्याशी करिश्मा कुमारी ने जदयू के अनुभवी विधायक छोटेलाल राय को कड़ी टक्कर दी और उन्हें हराकर बड़ा उलटफेर किया। चुनाव के

बिहार चुनाव परिणाम 2025: महिलाओं ने राजनीति में नए आयाम स्थापित किए बिहार चुनाव परिणाम 2025 ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व क्षमता अब निर्णायक भूमिका निभाने लगी है। सारण जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में महिलाओं ने अपने प्रदर्शन से पुरानी राजनीतिक धारणाओं को चुनौती दी और पुरुष नेताओं को पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की। करिश्मा कुमारी की शानदार सफलता परसा विधानसभा क्षेत्र से राजद की प्रत्याशी करिश्मा कुमारी ने जदयू के अनुभवी विधायक छोटेलाल राय को कड़ी टक्कर दी और उन्हें हराकर बड़ा उलटफेर किया। चुनाव के

सारण में चुनावी परिदृश्य का विश्लेषण सारण जिले की विधानसभा सीटों का पिछले चुनावों में परिणाम हमेशा राजद के पक्ष में रहा। वर्ष 2015 में राजद ने जिले की आठ में से दस सीटों पर विजय प्राप्त की थी। 2020 में यह संख्या सात रह गई। लेकिन इस बार समीकरण पूरी तरह उलट गए। भाजपा ने छपरा, अमनौर, बनियापुर, तरैया और सोनपुर में जीत दर्ज की, जबकि जदयू ने एकमा और मांझी पर कब्जा जमाया। महागठबंधन केवल मढ़ौरा, परसा और गड़खा सीटों पर संतोष कर सका। एकमा में जदयू का दबदबा एकमा विधानसभा क्षेत्र में जदयू प्रत्याशी मनोरंजन सिंह उर्फ

सारण में चुनावी परिदृश्य का विश्लेषण सारण जिले की विधानसभा सीटों का पिछले चुनावों में परिणाम हमेशा राजद के पक्ष में रहा। वर्ष 2015 में राजद ने जिले की आठ में से दस सीटों पर विजय प्राप्त की थी। 2020 में यह संख्या सात रह गई। लेकिन इस बार समीकरण पूरी तरह उलट गए। भाजपा ने छपरा, अमनौर, बनियापुर, तरैया और सोनपुर में जीत दर्ज की, जबकि जदयू ने एकमा और मांझी पर कब्जा जमाया। महागठबंधन केवल मढ़ौरा, परसा और गड़खा सीटों पर संतोष कर सका। एकमा में जदयू का दबदबा एकमा विधानसभा क्षेत्र में जदयू प्रत्याशी मनोरंजन सिंह उर्फ

बिहार चुनाव में एनडीए की भारी जीत: सुशासन और विकास की एक नई पहल बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इस जीत ने न केवल एनडीए की मजबूत पकड़ को साबित किया, बल्कि यह बिहार की जनता की उम्मीदों और विश्वास का प्रतीक भी बनकर उभरी है। बिहार में सुशासन और विकास की यह जीत एक नई दिशा की शुरुआत कर रही है, जिसका प्रभाव न केवल राज्य में, बल्कि पूरे देश में महसूस किया जाएगा। शिवराज सिंह चौहान का बयान: “यह बिहार की

बिहार चुनाव में एनडीए की भारी जीत: सुशासन और विकास की एक नई पहल बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इस जीत ने न केवल एनडीए की मजबूत पकड़ को साबित किया, बल्कि यह बिहार की जनता की उम्मीदों और विश्वास का प्रतीक भी बनकर उभरी है। बिहार में सुशासन और विकास की यह जीत एक नई दिशा की शुरुआत कर रही है, जिसका प्रभाव न केवल राज्य में, बल्कि पूरे देश में महसूस किया जाएगा। शिवराज सिंह चौहान का बयान: “यह बिहार की

बिहार के जनादेश पर राष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल असम के मुख्यमंत्री ने बिहार की जनता के प्रति जताया आभार बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के रुझान जैसे-जैसे राष्ट्रीय सुर्खियों में उभर रहे हैं, पूरे राजनीतिक परिदृश्य में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में कार्यरत एनडीए गठबंधन स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ऐसे में अनेक नेताओं की प्रतिक्रियाएँ सामने आने लगी हैं। इन्हीं प्रतिक्रियाओं की श्रृंखला में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का वक्तव्य विशेष रूप से चर्चा में है। उन्होंने बिहार की जनता के प्रति धन्यवाद ज्ञापित

बिहार के जनादेश पर राष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल असम के मुख्यमंत्री ने बिहार की जनता के प्रति जताया आभार बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के रुझान जैसे-जैसे राष्ट्रीय सुर्खियों में उभर रहे हैं, पूरे राजनीतिक परिदृश्य में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में कार्यरत एनडीए गठबंधन स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ऐसे में अनेक नेताओं की प्रतिक्रियाएँ सामने आने लगी हैं। इन्हीं प्रतिक्रियाओं की श्रृंखला में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का वक्तव्य विशेष रूप से चर्चा में है। उन्होंने बिहार की जनता के प्रति धन्यवाद ज्ञापित