
रिश्वत लेते कर सहायक रंगे हाथों धरा महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई हुई है। वस्तु एवं सेवा कर विभाग के कर सहायक उमेश साहेबराव सरकटे को एंटी करप्शन ब्यूरो ने तीस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एक जनवरी को की गई। आरोपी ने एक कृषि साहित्य दुकानदार से जीएसटी से जुड़ी नोटिस रद्द करवाने के एवज में यह रिश्वत मांगी थी। कैसे हुई पूरी घटना शिकायतकर्ता सेनगांव शहर में कृषि साहित्य की दुकान चलाते हैं। उन्होंने अपनी दुकान के लिए जीएसटी नंबर हासिल करने के लिए

रिश्वत लेते कर सहायक रंगे हाथों धरा महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई हुई है। वस्तु एवं सेवा कर विभाग के कर सहायक उमेश साहेबराव सरकटे को एंटी करप्शन ब्यूरो ने तीस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एक जनवरी को की गई। आरोपी ने एक कृषि साहित्य दुकानदार से जीएसटी से जुड़ी नोटिस रद्द करवाने के एवज में यह रिश्वत मांगी थी। कैसे हुई पूरी घटना शिकायतकर्ता सेनगांव शहर में कृषि साहित्य की दुकान चलाते हैं। उन्होंने अपनी दुकान के लिए जीएसटी नंबर हासिल करने के लिए

नागपुर के कामठी इलाके में भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए विद्युत विभाग के एक अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। यह अधिकारी शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था। एंटी करप्शन टीम ने पूरी योजना बनाकर इस अधिकारी को धर-दबोचा और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। रिश्वत मांगने का पूरा मामला जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता को अपने बिजली कनेक्शन से जुड़े कुछ जरूरी काम करवाने थे। जब उसने विद्युत विभाग के कार्यालय में संपर्क किया तो संबंधित अधिकारी ने उससे काम पूरा करवाने के बदले में

नागपुर के कामठी इलाके में भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए विद्युत विभाग के एक अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। यह अधिकारी शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था। एंटी करप्शन टीम ने पूरी योजना बनाकर इस अधिकारी को धर-दबोचा और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। रिश्वत मांगने का पूरा मामला जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता को अपने बिजली कनेक्शन से जुड़े कुछ जरूरी काम करवाने थे। जब उसने विद्युत विभाग के कार्यालय में संपर्क किया तो संबंधित अधिकारी ने उससे काम पूरा करवाने के बदले में

नागपुर शहर में सोमवार को एक चौंकाने वाली कार्रवाई सामने आई जब मुंबई से पहुंची विजिलेंस (भ्रष्टाचार निरोधक विभाग) की टीम ने रेलवे के एक अधिकारी को ₹25,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई रेलवे कार्यालय के भीतर की गई, जिससे पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी अधिकारी ने एक ठेकेदार से काम के बिल को पास करने के बदले ₹25,000 की रिश्वत की मांग की थी। ठेकेदार ने इसकी शिकायत विजिलेंस कार्यालय मुंबई में दर्ज कराई थी, जिसके बाद टीम ने योजना बनाकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। शिकायत के

नागपुर शहर में सोमवार को एक चौंकाने वाली कार्रवाई सामने आई जब मुंबई से पहुंची विजिलेंस (भ्रष्टाचार निरोधक विभाग) की टीम ने रेलवे के एक अधिकारी को ₹25,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई रेलवे कार्यालय के भीतर की गई, जिससे पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी अधिकारी ने एक ठेकेदार से काम के बिल को पास करने के बदले ₹25,000 की रिश्वत की मांग की थी। ठेकेदार ने इसकी शिकायत विजिलेंस कार्यालय मुंबई में दर्ज कराई थी, जिसके बाद टीम ने योजना बनाकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। शिकायत के