
नागपुर में आयोजित 69वाँ Dhammachakra Pravartan Day 2025 समारोह दीक्षाभूमि में तीन दिवसीय धर्म चक्र परिवर्तन महोत्सव नागपुर: दीक्षाभूमि में आज से तीन दिन का धर्म चक्र परिवर्तन महोत्सव शुरू हो गया है। यह महोत्सव डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर स्मारक समिति द्वारा आयोजित किया गया है और इसका मुख्य उद्देश्य धर्म चक्र परिवर्तन की परंपरा को जीवित रखना है। इस समारोह में देश-विदेश के भिक्षु और अनुयायी भाग ले रहे हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी: Dhammachakra Pravartan Day 2025 के संदर्भ में इस साल आयोजित यह महोत्सव 69वें Dhammachakra Pravartan Day 2025 के अवसर पर बुधवार से शुरू होकर 2 अक्टूबर

नागपुर में आयोजित 69वाँ Dhammachakra Pravartan Day 2025 समारोह दीक्षाभूमि में तीन दिवसीय धर्म चक्र परिवर्तन महोत्सव नागपुर: दीक्षाभूमि में आज से तीन दिन का धर्म चक्र परिवर्तन महोत्सव शुरू हो गया है। यह महोत्सव डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर स्मारक समिति द्वारा आयोजित किया गया है और इसका मुख्य उद्देश्य धर्म चक्र परिवर्तन की परंपरा को जीवित रखना है। इस समारोह में देश-विदेश के भिक्षु और अनुयायी भाग ले रहे हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी: Dhammachakra Pravartan Day 2025 के संदर्भ में इस साल आयोजित यह महोत्सव 69वें Dhammachakra Pravartan Day 2025 के अवसर पर बुधवार से शुरू होकर 2 अक्टूबर

Dhamm Diksha Program 2025 at Deekshabhoomi | Three-Day Buddhist Event Dhamm Diksha Program 2025 का आयोजन इस वर्ष भी दीक्षाभूमि पर किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 30 सितंबर से शुरू होकर 2 अक्टूबर तक लगातार तीन दिनों तक चलेगा। भदंत सुरई ससाई उपासकों को धम्मदीक्षा प्रदान करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे बुद्ध वंदना से होगी, जो उपासकों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत साबित होगी। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक समिति, दीक्षाभूमि के अध्यक्ष एवं धम्मसेना नायक भदंत आर्य सुरई ससाई ने बताया कि इस वर्ष दीक्षा लेने वाले उपासकों की संख्या अधिक रहने की संभावना है।

Dhamm Diksha Program 2025 at Deekshabhoomi | Three-Day Buddhist Event Dhamm Diksha Program 2025 का आयोजन इस वर्ष भी दीक्षाभूमि पर किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 30 सितंबर से शुरू होकर 2 अक्टूबर तक लगातार तीन दिनों तक चलेगा। भदंत सुरई ससाई उपासकों को धम्मदीक्षा प्रदान करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे बुद्ध वंदना से होगी, जो उपासकों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत साबित होगी। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक समिति, दीक्षाभूमि के अध्यक्ष एवं धम्मसेना नायक भदंत आर्य सुरई ससाई ने बताया कि इस वर्ष दीक्षा लेने वाले उपासकों की संख्या अधिक रहने की संभावना है।