
SIR Phase II: डिजिटल भारत में एक विरोधाभासी चित्र नई दिल्ली – भारत के लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए मतदान सूची को अद्यतन रखना एक महत्वपूर्ण कार्य है। इसी महत्वपूर्ण कार्य को पूरा करने के लिए भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने विशेष गहन संशोधन (SIR) के दूसरे चरण की शुरुआत की है। 19 नवंबर को दोपहर 3 बजे तक की स्थिति के अनुसार, चुनाव आयोग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि मतदान सूची संशोधन फॉर्म (EF) का वितरण तो 98.79% तक पहुंच गया है। लेकिन एक चिंताजनक पहलू यह है कि इन फॉर्मों का डिजिटलीकरण केवल 15.98%

SIR Phase II: डिजिटल भारत में एक विरोधाभासी चित्र नई दिल्ली – भारत के लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए मतदान सूची को अद्यतन रखना एक महत्वपूर्ण कार्य है। इसी महत्वपूर्ण कार्य को पूरा करने के लिए भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने विशेष गहन संशोधन (SIR) के दूसरे चरण की शुरुआत की है। 19 नवंबर को दोपहर 3 बजे तक की स्थिति के अनुसार, चुनाव आयोग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि मतदान सूची संशोधन फॉर्म (EF) का वितरण तो 98.79% तक पहुंच गया है। लेकिन एक चिंताजनक पहलू यह है कि इन फॉर्मों का डिजिटलीकरण केवल 15.98%

राष्ट्रव्यापी मतदाता सूची पुनरीक्षण का व्यापक चरण भारत निर्वाचन आयोग द्वारा देशभर में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) चरण-2 ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। आयोग ने अपने 18 नवंबर के दोपहर 3 बजे जारी दैनिक बुलेटिन में बताया कि कुल 50.97 करोड़ मतदाताओं के लिए तैयार किए गए गणना प्रपत्रों (Enumeration Forms – EFs) में से 98.54 प्रतिशत प्रपत्र सफलतापूर्वक वितरित कर दिए गए हैं। यह पुनरीक्षण प्रक्रिया 4 नवंबर से शुरू हुई है और 4 दिसंबर 2025 तक जारी रहेगी। यह उपलब्धि न केवल निर्वाचन आयोग की विशाल जनसांख्यिकीय कवायद का संकेत देती

राष्ट्रव्यापी मतदाता सूची पुनरीक्षण का व्यापक चरण भारत निर्वाचन आयोग द्वारा देशभर में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) चरण-2 ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। आयोग ने अपने 18 नवंबर के दोपहर 3 बजे जारी दैनिक बुलेटिन में बताया कि कुल 50.97 करोड़ मतदाताओं के लिए तैयार किए गए गणना प्रपत्रों (Enumeration Forms – EFs) में से 98.54 प्रतिशत प्रपत्र सफलतापूर्वक वितरित कर दिए गए हैं। यह पुनरीक्षण प्रक्रिया 4 नवंबर से शुरू हुई है और 4 दिसंबर 2025 तक जारी रहेगी। यह उपलब्धि न केवल निर्वाचन आयोग की विशाल जनसांख्यिकीय कवायद का संकेत देती