
भारत का 77वां गणतंत्र दिवस समारोह इस बार कई मायनों में खास होने जा रहा है। इस राष्ट्रीय पर्व पर यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी न केवल भारत और यूरोप के बीच मजबूत होते रिश्तों का प्रतीक है, बल्कि यह अलगाववादी ताकतों के लिए एक स्पष्ट संदेश भी है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, इस ऐतिहासिक भागीदारी से खालिस्तानी संगठनों और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI में बेचैनी बढ़ गई है। यूरोपीय संघ के नेता बनेंगे मुख्य अतिथि इस साल के गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर

भारत का 77वां गणतंत्र दिवस समारोह इस बार कई मायनों में खास होने जा रहा है। इस राष्ट्रीय पर्व पर यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी न केवल भारत और यूरोप के बीच मजबूत होते रिश्तों का प्रतीक है, बल्कि यह अलगाववादी ताकतों के लिए एक स्पष्ट संदेश भी है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, इस ऐतिहासिक भागीदारी से खालिस्तानी संगठनों और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI में बेचैनी बढ़ गई है। यूरोपीय संघ के नेता बनेंगे मुख्य अतिथि इस साल के गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच आज एक बहुत बड़ा आर्थिक और रणनीतिक समझौता हुआ है। दोनों देशों ने मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह समझौता भारत के लिए इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस समझौते को पूरा करने के लिए पांच औपचारिक बातचीत के दौर हुए, जिनमें कई बार आमने-सामने और कई बार ऑनलाइन चर्चा की गई। नई दिल्ली में आज केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि यह मुक्त व्यापार समझौता किसानों, उद्यमियों, छात्रों, महिलाओं और नए विचारों वाले लोगों के लिए कई

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच आज एक बहुत बड़ा आर्थिक और रणनीतिक समझौता हुआ है। दोनों देशों ने मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह समझौता भारत के लिए इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस समझौते को पूरा करने के लिए पांच औपचारिक बातचीत के दौर हुए, जिनमें कई बार आमने-सामने और कई बार ऑनलाइन चर्चा की गई। नई दिल्ली में आज केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि यह मुक्त व्यापार समझौता किसानों, उद्यमियों, छात्रों, महिलाओं और नए विचारों वाले लोगों के लिए कई