
कठिन बीमारी और समय पर इलाज की अहमियत नागपुर के लता मंगेशकर अस्पताल में हाल ही में एक बेहद जटिल लेकिन सफल शल्यक्रिया की गई। यह मामला एक 22 वर्षीय युवती से जुड़ा है, जिसके पेट में करीब 14 किलो वजन का अंडाशय का ट्यूमर पाया गया था। यह ट्यूमर इतना बड़ा हो चुका था कि पूरे पेट में फैल गया था और आसपास के अंगों पर दबाव बना रहा था। समय पर इलाज और डॉक्टरों की समझदारी से न केवल मरीज की जान बची, बल्कि उसका भविष्य भी सुरक्षित रखा गया। तीन महीने से लगातार बढ़ रहा था दर्द

कठिन बीमारी और समय पर इलाज की अहमियत नागपुर के लता मंगेशकर अस्पताल में हाल ही में एक बेहद जटिल लेकिन सफल शल्यक्रिया की गई। यह मामला एक 22 वर्षीय युवती से जुड़ा है, जिसके पेट में करीब 14 किलो वजन का अंडाशय का ट्यूमर पाया गया था। यह ट्यूमर इतना बड़ा हो चुका था कि पूरे पेट में फैल गया था और आसपास के अंगों पर दबाव बना रहा था। समय पर इलाज और डॉक्टरों की समझदारी से न केवल मरीज की जान बची, बल्कि उसका भविष्य भी सुरक्षित रखा गया। तीन महीने से लगातार बढ़ रहा था दर्द

रात में हार्ट अटैक का खतरा क्यों बढ़ जाता है दुनिया भर में दिल की बीमारियां लगातार बढ़ रही हैं और हार्ट अटैक इन बीमारियों का सबसे आम एवं खतरनाक कारण है। अधिकतर लोग मानते हैं कि हार्ट अटैक एक अचानक आने वाली बीमारी है, लेकिन यह दिल की कार्यप्रणाली में लंबे समय तक होने वाले बदलावों और जीवनशैली के कारण होता है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि हार्ट अटैक दिनभर की तुलना में रात के समय ज्यादा जोखिमपूर्ण माना जाता है। कई शोधों के अनुसार, आधी रात से लेकर सुबह के शुरुआती घंटों तक लगभग बीस प्रतिशत हार्ट

रात में हार्ट अटैक का खतरा क्यों बढ़ जाता है दुनिया भर में दिल की बीमारियां लगातार बढ़ रही हैं और हार्ट अटैक इन बीमारियों का सबसे आम एवं खतरनाक कारण है। अधिकतर लोग मानते हैं कि हार्ट अटैक एक अचानक आने वाली बीमारी है, लेकिन यह दिल की कार्यप्रणाली में लंबे समय तक होने वाले बदलावों और जीवनशैली के कारण होता है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि हार्ट अटैक दिनभर की तुलना में रात के समय ज्यादा जोखिमपूर्ण माना जाता है। कई शोधों के अनुसार, आधी रात से लेकर सुबह के शुरुआती घंटों तक लगभग बीस प्रतिशत हार्ट

बांग्लादेश में डेंगू संकट की विकरालता बांग्लादेश में डेंगू का संक्रमण वर्ष 2025 में एक बार फिर अपनी भयावहता का परिचय दे रहा है। देश में पिछले चौबीस घंटों के भीतर चार और लोगों की मृत्यु ने सरकार, स्वास्थ्य विभाग और आम जनता की चिंता को और गहरा कर दिया है। स्वास्थ्य महानिदेशालय द्वारा जारी ताजा आँकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में डेंगू से मरने वालों की संख्या बढ़कर 343 तक पहुँच गई है। महामारी के पैमाने और उसके फैलाव की गति को देखते हुए विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल मौसमी समस्या नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक सार्वजनिक स्वास्थ्य

बांग्लादेश में डेंगू संकट की विकरालता बांग्लादेश में डेंगू का संक्रमण वर्ष 2025 में एक बार फिर अपनी भयावहता का परिचय दे रहा है। देश में पिछले चौबीस घंटों के भीतर चार और लोगों की मृत्यु ने सरकार, स्वास्थ्य विभाग और आम जनता की चिंता को और गहरा कर दिया है। स्वास्थ्य महानिदेशालय द्वारा जारी ताजा आँकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में डेंगू से मरने वालों की संख्या बढ़कर 343 तक पहुँच गई है। महामारी के पैमाने और उसके फैलाव की गति को देखते हुए विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल मौसमी समस्या नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक सार्वजनिक स्वास्थ्य

Swasth Nari Sashakt Parivar Abhiyaan: 17 सितंबर 2025 से 2 अक्टूबर 2025 तक चलने वाले स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान से झारखंड में लाखों लोगों खासकर महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी लाभ मिल रहा है। राज्य के बोकारो जिले में शुरू के 3 दिनों में 61 हजार लोगों को इसका लाभ मिला है. इसमें 39 हजार महिलाएं हैं. उन्होंने विभिन्न सेवाओं का लाभ लिया है। 15 दिन में 2.5-3 लाख महिलाओं तक पहुंचने का लक्ष्य जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, बोकारो रवि शंकर ने बताया कि आने वाले 15 दिनों में जिला में 2.5 से 3 लाख लोगों विशेष कर महिलाओं तक पहुंचने

Swasth Nari Sashakt Parivar Abhiyaan: 17 सितंबर 2025 से 2 अक्टूबर 2025 तक चलने वाले स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान से झारखंड में लाखों लोगों खासकर महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी लाभ मिल रहा है। राज्य के बोकारो जिले में शुरू के 3 दिनों में 61 हजार लोगों को इसका लाभ मिला है. इसमें 39 हजार महिलाएं हैं. उन्होंने विभिन्न सेवाओं का लाभ लिया है। 15 दिन में 2.5-3 लाख महिलाओं तक पहुंचने का लक्ष्य जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, बोकारो रवि शंकर ने बताया कि आने वाले 15 दिनों में जिला में 2.5 से 3 लाख लोगों विशेष कर महिलाओं तक पहुंचने