भारत का 77वां गणतंत्र दिवस समारोह इस बार कई मायनों में खास होने जा रहा है। इस राष्ट्रीय पर्व पर यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी न केवल भारत और यूरोप के बीच मजबूत होते रिश्तों का प्रतीक है, बल्कि यह अलगाववादी ताकतों के लिए एक स्पष्ट संदेश भी है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, इस ऐतिहासिक भागीदारी से खालिस्तानी संगठनों और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI में बेचैनी बढ़ गई है। यूरोपीय संघ के नेता बनेंगे मुख्य अतिथि इस साल के गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर