
दुनिया की बड़ी ताकतों के बीच चल रही आर्थिक जंग में भारत ने एक बार फिर अपना स्वतंत्र रुख साबित किया है। अमेरिका की तरफ से लगातार दबाव बनाए जाने और तमाम तरह के प्रतिबंधों के बावजूद भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद में इजाफा किया है। नवंबर महीने में यह खरीद पिछले पांच महीनों के मुकाबले सबसे ज्यादा रही है। यूरोप की एक शोध संस्था ‘सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर’ यानी सीआरईए ने शुक्रवार को जारी अपनी रिपोर्ट में बताया कि भारत का रूस से कच्चे तेल का आयात नवंबर में 4 प्रतिशत बढ़कर

दुनिया की बड़ी ताकतों के बीच चल रही आर्थिक जंग में भारत ने एक बार फिर अपना स्वतंत्र रुख साबित किया है। अमेरिका की तरफ से लगातार दबाव बनाए जाने और तमाम तरह के प्रतिबंधों के बावजूद भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद में इजाफा किया है। नवंबर महीने में यह खरीद पिछले पांच महीनों के मुकाबले सबसे ज्यादा रही है। यूरोप की एक शोध संस्था ‘सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर’ यानी सीआरईए ने शुक्रवार को जारी अपनी रिपोर्ट में बताया कि भारत का रूस से कच्चे तेल का आयात नवंबर में 4 प्रतिशत बढ़कर

भारत-रूस शिखर वार्ता की तैयारियों पर केंद्रित कूटनीतिक गतिविधियाँ मॉस्को में भारत और रूस के बीच उच्च-स्तरीय कूटनीतिक हलचलें तेज हो गई हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस के प्रथम उपप्रधानमंत्री डेनिस मंटूरोव के साथ विस्तृत बैठक कर आगामी भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की, जो अगले महीने नई दिल्ली में आयोजित होने जा रहा है। यह बैठक केवल औपचारिक कूटनीतिक संवाद भर नहीं थी, बल्कि दोनों देशों के बीच बहुआयामी सहयोग की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है। भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक संबंधों की

भारत-रूस शिखर वार्ता की तैयारियों पर केंद्रित कूटनीतिक गतिविधियाँ मॉस्को में भारत और रूस के बीच उच्च-स्तरीय कूटनीतिक हलचलें तेज हो गई हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस के प्रथम उपप्रधानमंत्री डेनिस मंटूरोव के साथ विस्तृत बैठक कर आगामी भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की, जो अगले महीने नई दिल्ली में आयोजित होने जा रहा है। यह बैठक केवल औपचारिक कूटनीतिक संवाद भर नहीं थी, बल्कि दोनों देशों के बीच बहुआयामी सहयोग की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है। भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक संबंधों की

भारत-रूस समुद्री एवं सामरिक सहयोग को नई दिशा देने की तैयारी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शीर्ष सहयोगी और रूस के समुद्री बोर्ड के अध्यक्ष निकोलाई पत्रुशेव का भारत दौरा दोनों देशों के बीच आगामी उच्च-स्तरीय संवाद को लेकर अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मंगलवार को उन्होंने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर भारत-रूस शिखर सम्मेलन की तैयारियों तथा समुद्री क्षेत्र सहित अनेक द्विपक्षीय विषयों पर गहन चर्चा की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब दिसंबर में निर्धारित 23वें वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन की प्रतीक्षा वैश्विक कूटनीतिक हलकों में उत्सुकता के साथ की जा रही

भारत-रूस समुद्री एवं सामरिक सहयोग को नई दिशा देने की तैयारी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शीर्ष सहयोगी और रूस के समुद्री बोर्ड के अध्यक्ष निकोलाई पत्रुशेव का भारत दौरा दोनों देशों के बीच आगामी उच्च-स्तरीय संवाद को लेकर अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मंगलवार को उन्होंने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर भारत-रूस शिखर सम्मेलन की तैयारियों तथा समुद्री क्षेत्र सहित अनेक द्विपक्षीय विषयों पर गहन चर्चा की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब दिसंबर में निर्धारित 23वें वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन की प्रतीक्षा वैश्विक कूटनीतिक हलकों में उत्सुकता के साथ की जा रही