नई दिल्ली। भारतीय राजनीति में विचारों की विविधता के बीच कभी-कभी ऐसे क्षण देखने को मिल जाते हैं, जब सियासी मतभेदों से ऊपर उठकर किसी नेता के वक्तव्य की सराहना की जाती है। ऐसा ही एक दृश्य तब सामने आया जब कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस भाषण की प्रशंसा की, जिसमें भारत को 2035 तक मैकाले की मानसिकता से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प दोहराया गया। यह टिप्पणी न केवल राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी, बल्कि यह संकेत भी देती है कि राष्ट्रीय हित से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देने की