गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला, सोनम वांगचुक को रिहा करने का आदेश

Sonam Wangchuk: लद्दाख के जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को करीब 170 दिन बाद रिहा किए जाने का फैसला लिया गया है। लेह में 2025 की हिंसा के बाद उन्हें NSA के तहत हिरासत में लिया गया था। तब से वे जोधपुर जेल में बंद थे। उनकी रिहाई की खबर से समर्थकों में खुशी है।
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Sonam Wangchuk: लद्दाख के प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। गृह मंत्रालय ने उन्हें रिहा करने का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद उनके समर्थकों और पर्यावरण से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच खुशी की लहर देखी जा रही है।
170 दिनों बाद रिहा होंगे सोनम वांगचुक
कौन है सोनम वांगचुक?
सोनम वांगचुक सिर्फ एक कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि एक जाने-माने इंजीनियर, शिक्षक और नवाचार के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने लद्दाख में शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई अहम पहल की हैं। उनके बनाए ‘आइस स्तूप’ जैसे प्रोजेक्ट दुनिया भर में चर्चा का विषय रहे हैं, जो पहाड़ी इलाकों में पानी की समस्या से निपटने का अनोखा तरीका माना जाता है।
लद्दाख को लेकर उनकी प्रमुख मांगों में क्षेत्र को संवैधानिक सुरक्षा देना और पर्यावरण की रक्षा के लिए सख्त कानून लागू करना शामिल रहा है। उनका कहना है कि अगर समय रहते इस दिशा में कदम नहीं उठाए गए तो लद्दाख का नाजुक पर्यावरण गंभीर खतरे में पड़ सकता है।

