अहमदाबाद विमान हादसे की बरसी कल, एक साल बाद भी नहीं मिला दुर्घटना की असली वजह का जवाब

अहमदाबाद में एअर इंडिया के भीषण विमान हादसे को एक साल पूरा होने वाला है, लेकिन दुर्घटना की असली वजह अब भी रहस्य बनी हुई है। जांच एजेंसियां अंतिम रिपोर्ट समय पर जारी नहीं कर पाएंगी। इंजन, फ्लाइट रिकॉर्डर और तकनीकी सिस्टम की जांच अभी जारी है, जिससे रिपोर्ट में देरी हो रही है।
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Ahmedabad Plane Crash: अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया के भीषण विमान हादसे को एक साल पूरा होने वाला है, लेकिन इस दुर्घटना के पीछे की वास्तविक वजह अब तक सामने नहीं आ सकी है। कल 12 जून को हादसे की पहली बरसी है, वहीं जांच एजेंसियां अभी तक अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार नहीं कर पाई हैं। इस हादसे में कुल 260 लोगों की जान चली गई थी, जिससे यह हाल के वर्षों की सबसे दर्दनाक विमान दुर्घटनाओं में शामिल हो गया।
अमेरिका में हो रही विमान के इंजनों की जांच
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत का विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) तय समय-सीमा के भीतर अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट जारी नहीं कर पाएगा। जांच से जुड़े कई महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं पर अभी काम जारी है। विशेष रूप से विमान के इंजनों की जांच अमेरिका में की जा रही है, जिसके कारण रिपोर्ट में देरी हो रही है। माना जा रहा है कि अंतिम रिपोर्ट आने में अभी कुछ और महीने लग सकते हैं।
जांच एजेंसियां इस मामले में कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और विमान निर्माण कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं। इसमें अमेरिकी राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड, बोइंग और जीई एअरोस्पेस जैसी संस्थाएं शामिल हैं। विशेषज्ञ विमान के इंजन और उससे जुड़े विभिन्न तकनीकी सिस्टम की गहन जांच कर रहे हैं ताकि हादसे की असली वजह का पता लगाया जा सके।
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में हुआ था बड़ा खुलासा
पिछले वर्ष जारी की गई प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में एक महत्वपूर्ण खुलासा हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार, उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद विमान के दोनों इंजन फ्यूल कंट्रोल स्विच ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ मोड में चले गए थे। इसके कारण इंजनों को ईंधन मिलना बंद हो गया और विमान ने शक्ति खो दी। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह बदलाव तकनीकी खराबी के कारण हुआ या फिर किसी मानवीय त्रुटि की वजह से।
जांचकर्ता विमान की रैम एअर टर्बाइन (RAT) प्रणाली की भी जांच कर रहे हैं। यह एक आपातकालीन उपकरण होता है, जो बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में सक्रिय हो जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके सक्रिय होने का समय दुर्घटना की वजह समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
एक रिकॉर्डर से मिला डेटा, जबकि दूसरा क्षतिग्रस्त
जांच में एक और बड़ी चुनौती फ्लाइट रिकॉर्डर की स्थिति है। विमान के एक रिकॉर्डर से डेटा निकाल लिया गया है, लेकिन दूसरा रिकॉर्डर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होने के कारण उसकी जानकारी हासिल करना मुश्किल साबित हो रहा है।
कैसे हुई थी बड़ी दुर्घटना ?
गौरतलब है कि एअर इंडिया की उड़ान AI-171 अहमदाबाद से लंदन के लिए रवाना हुई थी, लेकिन उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त होकर एक मेडिकल कॉलेज हॉस्टल परिसर से टकरा गई थी। इस हादसे में विमान में सवार 241 लोगों और जमीन पर मौजूद 19 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि केवल एक व्यक्ति जीवित बच पाया था। एक साल बाद भी पीड़ित परिवार अंतिम रिपोर्ट और हादसे की असली वजह का इंतजार कर रहे हैं।

