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TMC में बढ़ी हलचल! बाबुल सुप्रियो ने भाजपा में वापसी की अटकलों पर तोड़ी चुप्पी

TMC में बढ़ी हलचल! बाबुल सुप्रियो ने भाजपा में वापसी की अटकलों पर तोड़ी चुप्पी
TMC में बढ़ी हलचल! बाबुल सुप्रियो ने भाजपा में वापसी की अटकलों पर तोड़ी चुप्पी

पश्चिम बंगाल में टीएमसी के भीतर बढ़ती राजनीतिक हलचल के बीच राज्यसभा सांसद बाबुल सुप्रियो ने भाजपा में वापसी की अटकलों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि वह अपनी पार्टी और नेतृत्व के साथ हैं। साथ ही भ्रष्टाचार और पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर भी खुलकर अपनी राय रखी।

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Dipali Kumari
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Babul Supriyo: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर चल रही उठापटक चर्चा का विषय बनी हुई है। विधानसभा चुनाव में पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के बाद कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों के पार्टी छोड़ने की खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच टीएमसी के राज्यसभा सांसद और प्रसिद्ध गायक बाबुल सुप्रियो ने भाजपा में वापसी की अटकलों पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।

बाबुल सुप्रियो ने खुलकर रखी अपनी बात

बाबुल सुप्रियो ने फेसबुक पर एक लंबी पोस्ट लिखकर साफ किया कि वह फिलहाल टीएमसी में ही हैं और पार्टी छोड़ने का कोई इरादा नहीं रखते। उन्होंने कहा कि लगातार मीडिया से यह सवाल पूछा जा रहा है कि वह किस पक्ष में हैं, जिससे वह परेशान हो चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह अपनी पार्टी और अपने नेता के साथ खड़े हैं।

हालांकि, सुप्रियो ने हालिया चुनाव में भाजपा को मिले जनादेश को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है और उसे सम्मान दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह राज्य सरकार और मुख्यमंत्री के साथ मिलकर अपने क्षेत्र के विकास के लिए काम करते रहेंगे। सांसद निधि के धन का उपयोग भी जनता के हित में किया जाएगा।

टीएमसी के भीतर मौजूद विरोधियों पर बरसे बाबुल

अपनी पोस्ट में बाबुल सुप्रियो ने टीएमसी के भीतर मौजूद विरोधियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने पुराने घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी के कुछ लोगों ने पहले भी उनके खिलाफ अनावश्यक आलोचना की थी, लेकिन उन्होंने हमेशा जनता के लिए काम करने को प्राथमिकता दी। उन्होंने दावा किया कि सांसद रहते हुए उन्होंने अपने क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य पूरे कराए।

हार के बाद पार्टी छोड़ रहे नेताओं पर कसा तंज

सुप्रियो ने उन नेताओं पर भी तंज कसा, जो चुनावी हार के बाद पार्टी छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपना राजनीतिक फैसला लेने का अधिकार है, लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद अचानक राजनीतिक रुख बदलना लोगों के बीच सवाल खड़े करता है। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ नेता परिस्थितियों के अनुसार अपना पक्ष बदलने में लगे हैं।

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी बाबुल सुप्रियो ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति भ्रष्टाचार में शामिल पाया जाए, उसे कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए। जनता के पैसे का दुरुपयोग करने वालों का बचाव नहीं किया जा सकता।

गौरतलब है कि बंगाल में टीएमसी इन दिनों कई चुनौतियों का सामना कर रही है। पार्टी के कुछ सांसदों और नेताओं के असंतोष की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे माहौल में बाबुल सुप्रियो का यह बयान टीएमसी के लिए राहत भरा माना जा रहा है। हालांकि राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर अभी भी जारी है।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।