नीति आयोग की 11वीं बैठक शुरू, पीएम मोदी की अध्यक्षता में जुटे मुख्यमंत्री; झारखंड की ओर से मेट्रो परियोजना की मांग संभव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नई दिल्ली में नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी इसमें शामिल हुए और राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों, विशेषकर मेट्रो रेल परियोजना की मांग उठाने की संभावना जताई जा रही है।
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NITI Aayog Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज गुरुवार को नई दिल्ली में नीति आयोग (NITI Aayog) की शासी परिषद (गवर्निंग काउंसिल) की 11वीं बैठक शुरू हुई। इस अहम बैठक में देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासक और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए हैं। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी बैठक में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली पहुंचे और परिषद की कार्यवाही में शामिल हुए। देश को वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने के लक्ष्य को लेकर आयोजित इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राज्य और केंद्र सरकार को मिलकर करना होगा काम
बैठक में केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय के जरिए विकास की नई रणनीतियों पर चर्चा की जा रही है। सरकार का मानना है कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब सभी राज्य और केंद्र सरकार मिलकर काम करेंगे। इसी उद्देश्य से नीति आयोग की बैठक में विभिन्न राज्यों की जरूरतों और विकास योजनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।

झारखंड की ओर से मेट्रो परियोजना की मांग संभव
झारखंड के लिए यह बैठक खास मानी जा रही है। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस दौरान राज्य के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें केंद्र सरकार के सामने रख सकते हैं। इनमें रांची में मेट्रो रेल परियोजना शुरू करने की मांग प्रमुख मानी जा रही है। लंबे समय से रांची और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती आबादी तथा ट्रैफिक दबाव को देखते हुए मेट्रो रेल की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसके अलावा बुनियादी ढांचे, परिवहन और औद्योगिक विकास से जुड़े अन्य मुद्दे भी उठाए जा सकते हैं।

पीएम मोदी ने साझा की जानकारी
बैठक शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि वह नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सहकारी संघवाद की भावना के तहत केंद्र और राज्य मिलकर देश के विकास को नई दिशा देने का काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि राज्यों और केंद्र के संयुक्त प्रयास विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।
‘समावेशी मानव विकास’ पर मुख्य फोकस
इस बार की बैठक का मुख्य फोकस ‘समावेशी मानव विकास’ पर रखा गया है। इसके तहत शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक समानता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और युवाओं को बेहतर अवसर मिलें।
बैठक में रोजगार सृजन, उद्यमिता को बढ़ावा देने और कौशल विकास कार्यक्रमों को मजबूत बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। केंद्र और राज्य मिलकर ऐसे मॉडल तैयार करने की कोशिश करेंगे, जिससे युवाओं के लिए अधिक रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकें।
इसके अलावा दिसंबर 2025 में आयोजित मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन में दी गई सिफारिशों पर भी चर्चा होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि नीति आयोग की यह बैठक आने वाले वर्षों में देश की विकास नीतियों और ‘विकसित भारत 2047’ के रोडमैप को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

