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मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा से पहले पाटलिपुत्र स्टेशन पर क्यों मचा बवाल? जानिए कल रात क्या हुआ था

मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा से पहले पाटलिपुत्र स्टेशन पर क्यों मचा बवाल? जानिए कल रात क्या हुआ था
मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा से पहले पाटलिपुत्र स्टेशन पर क्यों मचा बवाल? जानिए कल रात क्या हुआ था

बिहार मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा से पहले पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर देर रात जमकर हंगामा हुआ। ट्रेनों की कमी से नाराज अभ्यर्थी रेलवे ट्रैक पर उतर आए, जिससे रेल परिचालन प्रभावित हो गया। स्थिति संभालने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी।

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Dipali Kumari
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Patliputra Station Chaos: बिहार में मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर कल शनिवार देर रात भारी हंगामा देखने को मिला। हजारों की संख्या में पहुंचे अभ्यर्थियों ने ट्रेनों की कमी का आरोप लगाते हुए रेलवे ट्रैक पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हो गया और एक एग्जाम स्पेशल ट्रेन में तोड़फोड़ की घटना भी सामने आई।

पर्याप्त ट्रेन नहीं होने का आरोप

जानकारी के अनुसार, भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पटना पहुंचे थे। देर रात स्टेशन पर भीड़ लगातार बढ़ती गई। अभ्यर्थियों का आरोप था कि परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए पर्याप्त ट्रेनें उपलब्ध नहीं हैं। इसी बात को लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने रेलवे ट्रैक पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान कई ट्रेनों को रोका गया, जिससे रेल परिचालन बाधित हो गया। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा। स्थिति को संभालने के दौरान पुलिस ने हवाई फायरिंग भी की।

असामाजिक तत्वों ने बिगाड़ा माहौल

पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन ने बताया कि प्रशासन को घटना की सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे और अभ्यर्थियों को समझाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि रेलवे पहले ही दो स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था कर चुका था, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने का काम किया। उनके अनुसार कुछ लोगों ने बार-बार इमरजेंसी चेन खींची और अतिरिक्त स्पेशल ट्रेन की मांग को लेकर प्रदर्शन को उग्र बना दिया। इतना ही नहीं, कुछ प्रदर्शनकारियों ने उन अभ्यर्थियों को भी रोकने की कोशिश की जो परीक्षा केंद्रों के लिए रवाना होना चाहते थे।

बल प्रयोग करने के बाद  स्थिति हुई नियंत्रित

प्रशासन का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया, जिसके बाद हालात सामान्य हो गए। सभी निर्धारित ट्रेनें अपने गंतव्य के लिए रवाना कर दी गईं और रेल परिचालन भी बहाल कर दिया गया। फिलहाल स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

 4,128 पदों के लिए 16 लाख से अधिक अभ्यार्थी

गौरतलब है कि बिहार में मद्य निषेध सिपाही भर्ती के 4,128 पदों के लिए 16 लाख से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। परीक्षा 17 जून तक दो पालियों में आयोजित की जाएगी। इस बार परीक्षा में कड़े नियम लागू किए गए हैं। अभ्यर्थियों को अपना पेन ले जाने की अनुमति नहीं होगी और परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस समेत सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन का कहना है कि परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।