
OBC Reservation: पश्चिम बंगाल में पिछड़ा वर्ग आरक्षण को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य के पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने नई अधिसूचना जारी कर 66 जातियों के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण को 17 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति और सामाजिक माहौल में नई बहस शुरू हो गई है। यह निर्णय राज्य मंत्रिमंडल द्वारा मुस्लिम समुदायों को दिए जा रहे OBC आरक्षण लाभ को फिलहाल स्थगित करने के फैसले के बाद लिया गया। इससे पहले वाममोर्चा सरकार और बाद में तृणमूल कांग्रेस शासन के दौरान OBC आरक्षण

OBC Reservation: पश्चिम बंगाल में पिछड़ा वर्ग आरक्षण को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य के पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने नई अधिसूचना जारी कर 66 जातियों के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण को 17 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया है। इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति और सामाजिक माहौल में नई बहस शुरू हो गई है। यह निर्णय राज्य मंत्रिमंडल द्वारा मुस्लिम समुदायों को दिए जा रहे OBC आरक्षण लाभ को फिलहाल स्थगित करने के फैसले के बाद लिया गया। इससे पहले वाममोर्चा सरकार और बाद में तृणमूल कांग्रेस शासन के दौरान OBC आरक्षण

नागपुर नगर निगम चुनाव में प्रभाग संख्या 15 (अ) से ओबीसी महिला वर्ग की उम्मीदवार पूजा पाठक के जाति प्रमाणपत्र को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी मनीष कनोजिया ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत में उम्मीदवार के जाति प्रमाणपत्र की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए गए हैं और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की गई है। विवाद की शुरुआत कैसे हुई नागपुर नगर निगम चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं और विभिन्न प्रभागों से उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल किया है।

नागपुर नगर निगम चुनाव में प्रभाग संख्या 15 (अ) से ओबीसी महिला वर्ग की उम्मीदवार पूजा पाठक के जाति प्रमाणपत्र को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी मनीष कनोजिया ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत में उम्मीदवार के जाति प्रमाणपत्र की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए गए हैं और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की गई है। विवाद की शुरुआत कैसे हुई नागपुर नगर निगम चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं और विभिन्न प्रभागों से उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल किया है।

नागपुर से शुरू हुआ ओबीसी समुदायों का संघर्ष महाराष्ट्र के पिछड़े वर्ग के समुदायों के लिए एक बड़ा सवाल पिछले डेढ़ साल से लंबित है। राज्य के 27+6 ओबीसी समुदायों को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने की मांग को लेकर महाराष्ट्र ओबीसी कृती समिति ने दिल्ली में तीन दिवसीय दौरा किया। यह दौरा 16 से 20 दिसंबर 2025 तक चला, जिसमें विभिन्न समाज संगठनों के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों और अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी मांगों को रखा। इस पूरे मामले की शुरुआत साल 2024 में हुई थी जब राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने महाराष्ट्र राज्य पिछड़ा वर्ग

नागपुर से शुरू हुआ ओबीसी समुदायों का संघर्ष महाराष्ट्र के पिछड़े वर्ग के समुदायों के लिए एक बड़ा सवाल पिछले डेढ़ साल से लंबित है। राज्य के 27+6 ओबीसी समुदायों को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने की मांग को लेकर महाराष्ट्र ओबीसी कृती समिति ने दिल्ली में तीन दिवसीय दौरा किया। यह दौरा 16 से 20 दिसंबर 2025 तक चला, जिसमें विभिन्न समाज संगठनों के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों और अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी मांगों को रखा। इस पूरे मामले की शुरुआत साल 2024 में हुई थी जब राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने महाराष्ट्र राज्य पिछड़ा वर्ग

हैदराबाद गजट तक सीमित आदेश का महत्व मुंबई, महाराष्ट्र। राज्य सरकार द्वारा हाल ही में जारी किया गया आदेश, जो हैदराबाद गजट में प्रकाशित हुआ है, केवल वहीं तक सीमित है। इस संबंध में राजस्व मंत्री एवं ओबीसी उपसमिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने स्पष्ट किया कि इस आदेश को ओबीसी समाज को गुमराह करने के साधन के रूप में प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हमेशा से ही ओबीसी समाज के अधिकारों की रक्षा करना रही है। बावनकुले ने यह भी स्पष्ट किया कि कुणबी सहित ओबीसी की 353 जातियों के आरक्षण के अधिकार

हैदराबाद गजट तक सीमित आदेश का महत्व मुंबई, महाराष्ट्र। राज्य सरकार द्वारा हाल ही में जारी किया गया आदेश, जो हैदराबाद गजट में प्रकाशित हुआ है, केवल वहीं तक सीमित है। इस संबंध में राजस्व मंत्री एवं ओबीसी उपसमिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने स्पष्ट किया कि इस आदेश को ओबीसी समाज को गुमराह करने के साधन के रूप में प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हमेशा से ही ओबीसी समाज के अधिकारों की रक्षा करना रही है। बावनकुले ने यह भी स्पष्ट किया कि कुणबी सहित ओबीसी की 353 जातियों के आरक्षण के अधिकार

ओबीसी आरक्षण विवाद में युवक ने आत्महत्या की अमरावती – राज्य में मराठा समुदाय को ओबीसी में आरक्षण दिए जाने के विवाद के बीच अमरावती में एक युवक ने आत्महत्या कर ली। मृतक ने सुसाइड नोट में अपनी आपबीती और विरोध की बातें लिखीं। यह घटना समाज में बढ़ते तनाव और युवा वर्ग में असंतोष को उजागर करती है। घटना की पृष्ठभूमि युवक के परिवार और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मराठा समुदाय को आरक्षण दिए जाने के बाद सामाजिक और शैक्षणिक अवसरों में बदलाव के कारण कुछ युवा असंतुष्ट थे। इसी मानसिक दबाव और असंतोष के चलते युवक ने यह

ओबीसी आरक्षण विवाद में युवक ने आत्महत्या की अमरावती – राज्य में मराठा समुदाय को ओबीसी में आरक्षण दिए जाने के विवाद के बीच अमरावती में एक युवक ने आत्महत्या कर ली। मृतक ने सुसाइड नोट में अपनी आपबीती और विरोध की बातें लिखीं। यह घटना समाज में बढ़ते तनाव और युवा वर्ग में असंतोष को उजागर करती है। घटना की पृष्ठभूमि युवक के परिवार और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मराठा समुदाय को आरक्षण दिए जाने के बाद सामाजिक और शैक्षणिक अवसरों में बदलाव के कारण कुछ युवा असंतुष्ट थे। इसी मानसिक दबाव और असंतोष के चलते युवक ने यह

Jharkhand Municipal Elections: झारखंड पिछड़ा वर्ग आयोग (Jharkhand OBC Commission) ने उच्च न्यायालय के निर्देश के तहत ‘ट्रिपल टेस्ट’ प्रक्रिया पूरी कर ली है, जो शहरी निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण की सीमा तय करने के लिए आवश्यक थी। आयोग के अध्यक्ष जानकी प्रसाद यादव ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। 2020 से लंबित हैं नगर निकायों के चुनाव इस घटनाक्रम से राज्य में लंबे समय से लंबित नगर निकाय चुनावों (Jharkhand Municipal Elections) का रास्ता साफ हो सकता है। ये चुनाव ओबीसी आरक्षण की स्पष्टता न होने के कारण 2020 से कम से कम 13 नगर

Jharkhand Municipal Elections: झारखंड पिछड़ा वर्ग आयोग (Jharkhand OBC Commission) ने उच्च न्यायालय के निर्देश के तहत ‘ट्रिपल टेस्ट’ प्रक्रिया पूरी कर ली है, जो शहरी निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण की सीमा तय करने के लिए आवश्यक थी। आयोग के अध्यक्ष जानकी प्रसाद यादव ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। 2020 से लंबित हैं नगर निकायों के चुनाव इस घटनाक्रम से राज्य में लंबे समय से लंबित नगर निकाय चुनावों (Jharkhand Municipal Elections) का रास्ता साफ हो सकता है। ये चुनाव ओबीसी आरक्षण की स्पष्टता न होने के कारण 2020 से कम से कम 13 नगर