
नागपुर जिले के काटोल और कलमेश्वर तालुका में किसानों की मेहनत और आधुनिक तकनीकों से फल उत्पादन को नई दिशा मिल रही है। इसी कड़ी में महाराष्ट्र के महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना, फलोत्पादन एवं क्षार भूमि विकास मंत्री भरत गोगावले ने इन क्षेत्रों के प्रगतिशील किसानों के फल बागानों का दौरा किया। उन्होंने किसानों की बागवानी तकनीकों को करीब से देखा और उनकी उन्नति के लिए मार्गदर्शन भी दिया। मंत्री गोगावले ने कलमेश्वर तालुका के कोहली गांव और काटोल तालुका के हातला गांव में स्थित विभिन्न फल बागानों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधे बातचीत करके

नागपुर जिले के काटोल और कलमेश्वर तालुका में किसानों की मेहनत और आधुनिक तकनीकों से फल उत्पादन को नई दिशा मिल रही है। इसी कड़ी में महाराष्ट्र के महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना, फलोत्पादन एवं क्षार भूमि विकास मंत्री भरत गोगावले ने इन क्षेत्रों के प्रगतिशील किसानों के फल बागानों का दौरा किया। उन्होंने किसानों की बागवानी तकनीकों को करीब से देखा और उनकी उन्नति के लिए मार्गदर्शन भी दिया। मंत्री गोगावले ने कलमेश्वर तालुका के कोहली गांव और काटोल तालुका के हातला गांव में स्थित विभिन्न फल बागानों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधे बातचीत करके

कृषि के भविष्य को लेकर प्रधानमंत्री का संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोयंबटूर में दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि सम्मेलन के दौरान देशभर के किसानों से आग्रह किया कि भारत को एकल फसल आधारित खेती से बाहर निकलकर अंतरफसली खेती और जैविक कृषि को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि का भविष्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता और स्वस्थ खाद्य प्रणाली पर निर्भर है। यह केवल खेती की तकनीक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भोजन और पर्यावरण की रक्षा का मार्ग है। जैविक खेती को भारत की उभरती ताकत बताया हजारों किसानों की उपस्थिति में अपने

कृषि के भविष्य को लेकर प्रधानमंत्री का संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोयंबटूर में दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि सम्मेलन के दौरान देशभर के किसानों से आग्रह किया कि भारत को एकल फसल आधारित खेती से बाहर निकलकर अंतरफसली खेती और जैविक कृषि को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि का भविष्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता और स्वस्थ खाद्य प्रणाली पर निर्भर है। यह केवल खेती की तकनीक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भोजन और पर्यावरण की रक्षा का मार्ग है। जैविक खेती को भारत की उभरती ताकत बताया हजारों किसानों की उपस्थिति में अपने