कृषि के भविष्य को लेकर प्रधानमंत्री का संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोयंबटूर में दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि सम्मेलन के दौरान देशभर के किसानों से आग्रह किया कि भारत को एकल फसल आधारित खेती से बाहर निकलकर अंतरफसली खेती और जैविक कृषि को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि का भविष्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता और स्वस्थ खाद्य प्रणाली पर निर्भर है। यह केवल खेती की तकनीक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भोजन और पर्यावरण की रक्षा का मार्ग है। जैविक खेती को भारत की उभरती ताकत बताया हजारों किसानों की उपस्थिति में अपने