
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता अब लगभग पक्का हो चुका है। इस बड़े फैसले को लेकर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समझौता भारतीय निर्यात को एक नई दिशा देगा और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा। खासतौर पर टैरिफ दरों में आई कमी से भारतीय व्यापारियों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। टैरिफ में भारी कटौती का फायदा पीयूष गोयल ने बताया कि पहले जहां भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में 50 फीसदी तक टैरिफ लगता था, वहीं अब यह घटकर सिर्फ 18 फीसदी रह

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता अब लगभग पक्का हो चुका है। इस बड़े फैसले को लेकर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समझौता भारतीय निर्यात को एक नई दिशा देगा और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा। खासतौर पर टैरिफ दरों में आई कमी से भारतीय व्यापारियों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। टैरिफ में भारी कटौती का फायदा पीयूष गोयल ने बताया कि पहले जहां भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में 50 फीसदी तक टैरिफ लगता था, वहीं अब यह घटकर सिर्फ 18 फीसदी रह

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते को दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। लोकसभा में दिए गए अपने बयान में मंत्री गोयल ने कहा कि यह समझौता भारत को 2047 तक विकसित भारत बनाने की यात्रा में एक अहम पड़ाव साबित होगा। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि इस व्यापार समझौते के दौरान भारत अपने संवेदनशील क्षेत्रों, खासकर कृषि और डेयरी के हितों की सफलतापूर्वक रक्षा करने में सक्षम रहा है। व्यापार समझौते की पृष्ठभूमि पीयूष गोयल

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते को दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। लोकसभा में दिए गए अपने बयान में मंत्री गोयल ने कहा कि यह समझौता भारत को 2047 तक विकसित भारत बनाने की यात्रा में एक अहम पड़ाव साबित होगा। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि इस व्यापार समझौते के दौरान भारत अपने संवेदनशील क्षेत्रों, खासकर कृषि और डेयरी के हितों की सफलतापूर्वक रक्षा करने में सक्षम रहा है। व्यापार समझौते की पृष्ठभूमि पीयूष गोयल

भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए व्यापार समझौते पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने इस डील को भारत के लिए बेहद फायदेमंद बताते हुए कहा कि यह समझौता देश को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। गोयल ने साफ किया कि महीनों की लंबी बातचीत और कई रुकावटों के बाद यह डील पूरी हुई है, जो पड़ोसी देशों के साथ हुए समझौतों में सबसे बेहतरीन है। केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शिता और मेहनत से यह बहुप्रतीक्षित

भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए व्यापार समझौते पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने इस डील को भारत के लिए बेहद फायदेमंद बताते हुए कहा कि यह समझौता देश को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। गोयल ने साफ किया कि महीनों की लंबी बातचीत और कई रुकावटों के बाद यह डील पूरी हुई है, जो पड़ोसी देशों के साथ हुए समझौतों में सबसे बेहतरीन है। केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शिता और मेहनत से यह बहुप्रतीक्षित

अमेरिका के साथ हुआ ऐतिहासिक व्यापार समझौता भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद आखिरकार एक बड़ा व्यापार समझौता हो गया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने आज इस डील को “पड़ोस में सबसे बेहतरीन” करार देते हुए कहा कि यह भारत के लिए एक बहुत अच्छी उपलब्धि है। यह समझौता कई महीनों की मेहनत और कई बाधाओं को पार करने के बाद संभव हो सका है। इस डील की घोषणा सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की और उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसकी पुष्टि करते हुए ट्रंप को धन्यवाद

अमेरिका के साथ हुआ ऐतिहासिक व्यापार समझौता भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद आखिरकार एक बड़ा व्यापार समझौता हो गया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने आज इस डील को “पड़ोस में सबसे बेहतरीन” करार देते हुए कहा कि यह भारत के लिए एक बहुत अच्छी उपलब्धि है। यह समझौता कई महीनों की मेहनत और कई बाधाओं को पार करने के बाद संभव हो सका है। इस डील की घोषणा सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की और उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसकी पुष्टि करते हुए ट्रंप को धन्यवाद

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच चल रहे व्यापार समझौते को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को साफ शब्दों में कहा कि व्यापार से जुड़े लोगों को विदेशी बयानों की जगह भारत पर भरोसा करना चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी वाणिज्य सचिव हावर्ड लुटनिक के दावों को भारत सरकार ने खारिज कर दिया है। एक कार्यक्रम में मीडिया से बात करते हुए पीयूष गोयल ने कहा, “व्यापार समझौते की बातचीत मीडिया में नहीं की जाती। भारत पर भरोसा करें, विदेशी बयानों पर नहीं।

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच चल रहे व्यापार समझौते को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को साफ शब्दों में कहा कि व्यापार से जुड़े लोगों को विदेशी बयानों की जगह भारत पर भरोसा करना चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी वाणिज्य सचिव हावर्ड लुटनिक के दावों को भारत सरकार ने खारिज कर दिया है। एक कार्यक्रम में मीडिया से बात करते हुए पीयूष गोयल ने कहा, “व्यापार समझौते की बातचीत मीडिया में नहीं की जाती। भारत पर भरोसा करें, विदेशी बयानों पर नहीं।

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच आज एक बहुत बड़ा आर्थिक और रणनीतिक समझौता हुआ है। दोनों देशों ने मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह समझौता भारत के लिए इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस समझौते को पूरा करने के लिए पांच औपचारिक बातचीत के दौर हुए, जिनमें कई बार आमने-सामने और कई बार ऑनलाइन चर्चा की गई। नई दिल्ली में आज केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि यह मुक्त व्यापार समझौता किसानों, उद्यमियों, छात्रों, महिलाओं और नए विचारों वाले लोगों के लिए कई

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच आज एक बहुत बड़ा आर्थिक और रणनीतिक समझौता हुआ है। दोनों देशों ने मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह समझौता भारत के लिए इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस समझौते को पूरा करने के लिए पांच औपचारिक बातचीत के दौर हुए, जिनमें कई बार आमने-सामने और कई बार ऑनलाइन चर्चा की गई। नई दिल्ली में आज केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि यह मुक्त व्यापार समझौता किसानों, उद्यमियों, छात्रों, महिलाओं और नए विचारों वाले लोगों के लिए कई

भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित फिक्की के वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने का आह्वान किया। गोयल ने कहा कि भारत विकास के एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है और यदि उद्योग जगत गुणवत्ता, कौशल विकास, अत्याधुनिक तकनीक, तथा नवाचार पर जोर दे, तो आने वाले वर्षों में भारत विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में अग्रणी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि “विकसित भारत का संकल्प केवल सरकारी योजनाओं पर निर्भर नहीं रह सकता, बल्कि उद्योग जगत की जिम्मेदारी

भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित फिक्की के वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने का आह्वान किया। गोयल ने कहा कि भारत विकास के एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है और यदि उद्योग जगत गुणवत्ता, कौशल विकास, अत्याधुनिक तकनीक, तथा नवाचार पर जोर दे, तो आने वाले वर्षों में भारत विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में अग्रणी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि “विकसित भारत का संकल्प केवल सरकारी योजनाओं पर निर्भर नहीं रह सकता, बल्कि उद्योग जगत की जिम्मेदारी

2047 तक 7,000 किमी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर नई दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 16वें अंतरराष्ट्रीय रेलवे उपकरण प्रदर्शनी में घोषणा की कि भारत 2047 तक 7,000 किमी लंबे उच्च गति वाले कॉरिडोर विकसित करेगा। ये कॉरिडोर यात्रियों के लिए समर्पित होंगे और 350 किमी प्रति घंटे की गति से चलने में सक्षम होंगे। इस पहल का उद्देश्य है भारत की 1.4 अरब आबादी के लिए बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना और रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ाना। आधुनिक तकनीक और नियंत्रण इन हाई-स्पीड कॉरिडोरों में स्वदेशी सिग्नलिंग सिस्टम और अत्याधुनिक कंट्रोल सेंटर स्थापित किए जाएंगे। मंत्री ने बताया कि

2047 तक 7,000 किमी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर नई दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 16वें अंतरराष्ट्रीय रेलवे उपकरण प्रदर्शनी में घोषणा की कि भारत 2047 तक 7,000 किमी लंबे उच्च गति वाले कॉरिडोर विकसित करेगा। ये कॉरिडोर यात्रियों के लिए समर्पित होंगे और 350 किमी प्रति घंटे की गति से चलने में सक्षम होंगे। इस पहल का उद्देश्य है भारत की 1.4 अरब आबादी के लिए बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना और रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ाना। आधुनिक तकनीक और नियंत्रण इन हाई-स्पीड कॉरिडोरों में स्वदेशी सिग्नलिंग सिस्टम और अत्याधुनिक कंट्रोल सेंटर स्थापित किए जाएंगे। मंत्री ने बताया कि

छठ पूजा के यात्रियों की बढ़ती भीड़, रेलवे की स्पेशल ट्रेनों पर जोर धनबाद से लेकर दिल्ली और गोरखपुर तक छठ पूजा को लेकर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। इस बार नियमित ट्रेनें दो महीने पहले ही फुल हो चुकी हैं। रेलवे ने स्थिति को देखते हुए 53 स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है, जिनमें बुकिंग की शुरुआत के साथ ही सीटें भर रही हैं। त्योहारी सीजन में यात्रियों की सबसे बड़ी प्राथमिकता वे ट्रेनें हैं जो नहाय-खाय से खरना तक के समय पर गंतव्य तक पहुंचाएं। अधिक किराए के बावजूद इन ट्रेनों की सीटें तेजी से भर

छठ पूजा के यात्रियों की बढ़ती भीड़, रेलवे की स्पेशल ट्रेनों पर जोर धनबाद से लेकर दिल्ली और गोरखपुर तक छठ पूजा को लेकर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। इस बार नियमित ट्रेनें दो महीने पहले ही फुल हो चुकी हैं। रेलवे ने स्थिति को देखते हुए 53 स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है, जिनमें बुकिंग की शुरुआत के साथ ही सीटें भर रही हैं। त्योहारी सीजन में यात्रियों की सबसे बड़ी प्राथमिकता वे ट्रेनें हैं जो नहाय-खाय से खरना तक के समय पर गंतव्य तक पहुंचाएं। अधिक किराए के बावजूद इन ट्रेनों की सीटें तेजी से भर

भारत में Language Debate समय-समय पर चर्चा में आती रहती है। कभी Hindi Imposition का मुद्दा तो कभी Regional Pride की बहस। अब इस बार बहस का केंद्र बना है Zoho का नया Messaging App — Arattai। Arattai का मतलब Tamil में होता है “Banter” यानी हल्की-फुल्की बातचीत। लेकिन जब यह App तेजी से डाउनलोड होने लगा और WhatsApp का desi alternative बनकर सामने आया, तो इसका नाम खुद एक बड़ा विवाद बन गया। Sridhar Vembu और Hindi Debate Zoho के Founder Sridhar Vembu ने इसी साल फरवरी में बयान दिया था कि Tamil Nadu के Engineers और Entrepreneurs को

भारत में Language Debate समय-समय पर चर्चा में आती रहती है। कभी Hindi Imposition का मुद्दा तो कभी Regional Pride की बहस। अब इस बार बहस का केंद्र बना है Zoho का नया Messaging App — Arattai। Arattai का मतलब Tamil में होता है “Banter” यानी हल्की-फुल्की बातचीत। लेकिन जब यह App तेजी से डाउनलोड होने लगा और WhatsApp का desi alternative बनकर सामने आया, तो इसका नाम खुद एक बड़ा विवाद बन गया। Sridhar Vembu और Hindi Debate Zoho के Founder Sridhar Vembu ने इसी साल फरवरी में बयान दिया था कि Tamil Nadu के Engineers और Entrepreneurs को