
दुनियाभर की नजरें फिलहाल रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष पर टिकी हुई हैं। इस बीच एक बड़ा मोड़ तब आया जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने साफ शब्दों में कहा कि उनका देश रूस को एक इंच भी जमीन नहीं सौंपेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका की तरफ से यूक्रेन पर समझौते के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। जेलेंस्की ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए लगभग 30 देशों के साथ एक आपात बैठक भी बुलाई है। जेलेंस्की का साफ रुख यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने गुरुवार को स्पष्ट कर दिया

दुनियाभर की नजरें फिलहाल रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष पर टिकी हुई हैं। इस बीच एक बड़ा मोड़ तब आया जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने साफ शब्दों में कहा कि उनका देश रूस को एक इंच भी जमीन नहीं सौंपेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका की तरफ से यूक्रेन पर समझौते के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। जेलेंस्की ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए लगभग 30 देशों के साथ एक आपात बैठक भी बुलाई है। जेलेंस्की का साफ रुख यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने गुरुवार को स्पष्ट कर दिया

दो दिन का अहम भारत दौरा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर की शाम दो दिवसीय भारत यात्रा के लिए नई दिल्ली पहुंच रहे हैं। यह दौरा भारत और रूस के बीच सालाना शिखर बैठक का हिस्सा है। उनके दौरे को लेकर पूरे दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सुरक्षा अधिकारी लगातार उनकी यात्रा से जुड़े सभी रास्तों और स्थानों की जांच कर रहे हैं। पुतिन का यह दौरा कई मायनों में अहम माना जा रहा है, क्योंकि भारत और रूस के बीच कई मुद्दों पर बातचीत होनी है। इसके साथ ही दोनों देशों

दो दिन का अहम भारत दौरा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर की शाम दो दिवसीय भारत यात्रा के लिए नई दिल्ली पहुंच रहे हैं। यह दौरा भारत और रूस के बीच सालाना शिखर बैठक का हिस्सा है। उनके दौरे को लेकर पूरे दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सुरक्षा अधिकारी लगातार उनकी यात्रा से जुड़े सभी रास्तों और स्थानों की जांच कर रहे हैं। पुतिन का यह दौरा कई मायनों में अहम माना जा रहा है, क्योंकि भारत और रूस के बीच कई मुद्दों पर बातचीत होनी है। इसके साथ ही दोनों देशों

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक नया मोड़ तब आया जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे से ठीक पहले तीन बड़े यूरोपीय देशों के राजदूतों ने एक संयुक्त लेख प्रकाशित किया। यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस और जर्मनी के राजदूतों द्वारा लिखे गए इस लेख में यूक्रेन युद्ध को लेकर पुतिन की कड़ी आलोचना की गई थी। इस पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए इस कदम को गलत और अस्वीकार्य करार दिया है। यह घटना भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और कूटनीतिक मर्यादा दोनों के बारे में महत्वपूर्ण सवाल खड़े करती है। पुतिन के दौरे से पहले

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक नया मोड़ तब आया जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे से ठीक पहले तीन बड़े यूरोपीय देशों के राजदूतों ने एक संयुक्त लेख प्रकाशित किया। यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस और जर्मनी के राजदूतों द्वारा लिखे गए इस लेख में यूक्रेन युद्ध को लेकर पुतिन की कड़ी आलोचना की गई थी। इस पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए इस कदम को गलत और अस्वीकार्य करार दिया है। यह घटना भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और कूटनीतिक मर्यादा दोनों के बारे में महत्वपूर्ण सवाल खड़े करती है। पुतिन के दौरे से पहले

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा कई मायनों में बेहद खास मानी जा रही है। यह दौरा चार साल बाद हो रहा है और इस बार की बातचीत में कच्चे तेल का व्यापार सबसे बड़ा मुद्दा रहने वाला है। रूस भारत को तेल खरीदने पर जो भारी छूट देता आया है, उसे जारी रखने की पेशकश करने की तैयारी में है। यूक्रेन युद्ध के कारण रूसी अर्थव्यवस्था पर पड़े दबाव के बीच भारत जैसे बड़े खरीदार को खोना रूस बिल्कुल भी नहीं चाहता। दिसंबर के पहले हफ्ते में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच सालाना शिखर

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा कई मायनों में बेहद खास मानी जा रही है। यह दौरा चार साल बाद हो रहा है और इस बार की बातचीत में कच्चे तेल का व्यापार सबसे बड़ा मुद्दा रहने वाला है। रूस भारत को तेल खरीदने पर जो भारी छूट देता आया है, उसे जारी रखने की पेशकश करने की तैयारी में है। यूक्रेन युद्ध के कारण रूसी अर्थव्यवस्था पर पड़े दबाव के बीच भारत जैसे बड़े खरीदार को खोना रूस बिल्कुल भी नहीं चाहता। दिसंबर के पहले हफ्ते में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच सालाना शिखर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपने हालिया साक्षात्कार में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की नेतृत्व क्षमता की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने दोनों को “मजबूत और समझदार नेता” बताते हुए कहा कि उनसे डील करना आसान नहीं होता। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में आठ युद्धों को समाप्त कराया और रूस-यूक्रेन संघर्ष को जल्द खत्म कराने की उम्मीद जताई। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बयान बना चर्चा का विषय अमेरिकी राजनीति में एक बार फिर डोनल्ड ट्रंप सुर्खियों में हैं। एक प्रमुख अमेरिकी चैनल CBS को दिए गए साक्षात्कार में

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपने हालिया साक्षात्कार में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की नेतृत्व क्षमता की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने दोनों को “मजबूत और समझदार नेता” बताते हुए कहा कि उनसे डील करना आसान नहीं होता। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में आठ युद्धों को समाप्त कराया और रूस-यूक्रेन संघर्ष को जल्द खत्म कराने की उम्मीद जताई। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बयान बना चर्चा का विषय अमेरिकी राजनीति में एक बार फिर डोनल्ड ट्रंप सुर्खियों में हैं। एक प्रमुख अमेरिकी चैनल CBS को दिए गए साक्षात्कार में