बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद महागठबंधन के घटक दलों की चुप्पी ने राज्य की सियासत में नए सवाल खड़े कर दिए हैं। चार दिन बीत जाने के बाद भी न तेजस्वी यादव सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं और न ही कांग्रेस की ओर से कोई ठोस बयान दिया गया है। यह मौन सिर्फ पराजय का असर नहीं, बल्कि गठबंधन के भीतर बढ़ती खींचतान, नेतृत्व की उलझन और आगे की रणनीति पर गहराते संशय का संकेत माना जा रहा है। तेजस्वी यादव की खामोशी के पीछे क्या है कारण राजद की ओर से सबसे ज्यादा चर्चा