
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर महनार सीट पर सियासी हलचल लगातार बढ़ रही है। NDA में सीटों के बंटवारे के बावजूद महनार को लेकर अभी तक खींचतान और विवाद जारी है। खासकर चिराग पासवान और उनकी पार्टी RLJP ने इस सीट पर अपने बाहुबली नेता रामा सिंह के लिए जोरदार दावेदारी की थी। हालाँकि, सीट बंटवारे के तय फार्मूले के अनुसार JDU ने महनार को अपने खाते में रखा है। इसी क्रम में आज JDU के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने महनार से अपने नामांकन दाखिल कर राजनीतिक माहौल में अपनी पकड़ मजबूत कर दी। JDU का दावा: महनार

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर महनार सीट पर सियासी हलचल लगातार बढ़ रही है। NDA में सीटों के बंटवारे के बावजूद महनार को लेकर अभी तक खींचतान और विवाद जारी है। खासकर चिराग पासवान और उनकी पार्टी RLJP ने इस सीट पर अपने बाहुबली नेता रामा सिंह के लिए जोरदार दावेदारी की थी। हालाँकि, सीट बंटवारे के तय फार्मूले के अनुसार JDU ने महनार को अपने खाते में रखा है। इसी क्रम में आज JDU के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने महनार से अपने नामांकन दाखिल कर राजनीतिक माहौल में अपनी पकड़ मजबूत कर दी। JDU का दावा: महनार

मुजफ्फरपुर में पारस की पार्टी की रणनीति तेज, सभी 11 सीटों पर उतरेगी आरएलजेपी मुजफ्फरपुर में बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मी तेज हो गई है। पशुपति कुमार पारस की राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (आरएलजेपी) ने बड़ा दांव खेलते हुए यह घोषणा की है कि वह जिले की सभी ग्यारह विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।पार्टी जिलाध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर सोमवार को भगवानपुर स्थित जिला कार्यालय में एक आपात बैठक बुलाई गई है, जिसमें उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। छोटे दलों से समझौते की कवायद, तीसरे मोर्चे का संकेत

मुजफ्फरपुर में पारस की पार्टी की रणनीति तेज, सभी 11 सीटों पर उतरेगी आरएलजेपी मुजफ्फरपुर में बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मी तेज हो गई है। पशुपति कुमार पारस की राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (आरएलजेपी) ने बड़ा दांव खेलते हुए यह घोषणा की है कि वह जिले की सभी ग्यारह विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।पार्टी जिलाध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर सोमवार को भगवानपुर स्थित जिला कार्यालय में एक आपात बैठक बुलाई गई है, जिसमें उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। छोटे दलों से समझौते की कवायद, तीसरे मोर्चे का संकेत