
Putin Residence Attack: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के स्थायी आवास पर संभावित हमले की खबर ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर बेचैनी बढ़ा दी है। रूस और यूक्रेन के बीच जारी लंबे संघर्ष के बीच यह दावा ऐसे समय सामने आया है, जब दुनिया के कई देश युद्धविराम और शांति वार्ता की संभावनाओं पर उम्मीद लगाए बैठे हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर भारत में भी गंभीर चर्चा शुरू हो गई है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मसले पर खुलकर अपनी चिंता जाहिर की है। पुतिन के आवास पर हमले का दावा और रूस की प्रतिक्रिया रूस की ओर

Putin Residence Attack: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के स्थायी आवास पर संभावित हमले की खबर ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर बेचैनी बढ़ा दी है। रूस और यूक्रेन के बीच जारी लंबे संघर्ष के बीच यह दावा ऐसे समय सामने आया है, जब दुनिया के कई देश युद्धविराम और शांति वार्ता की संभावनाओं पर उम्मीद लगाए बैठे हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर भारत में भी गंभीर चर्चा शुरू हो गई है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मसले पर खुलकर अपनी चिंता जाहिर की है। पुतिन के आवास पर हमले का दावा और रूस की प्रतिक्रिया रूस की ओर

दुनिया की बड़ी ताकतों के बीच चल रही आर्थिक जंग में भारत ने एक बार फिर अपना स्वतंत्र रुख साबित किया है। अमेरिका की तरफ से लगातार दबाव बनाए जाने और तमाम तरह के प्रतिबंधों के बावजूद भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद में इजाफा किया है। नवंबर महीने में यह खरीद पिछले पांच महीनों के मुकाबले सबसे ज्यादा रही है। यूरोप की एक शोध संस्था ‘सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर’ यानी सीआरईए ने शुक्रवार को जारी अपनी रिपोर्ट में बताया कि भारत का रूस से कच्चे तेल का आयात नवंबर में 4 प्रतिशत बढ़कर

दुनिया की बड़ी ताकतों के बीच चल रही आर्थिक जंग में भारत ने एक बार फिर अपना स्वतंत्र रुख साबित किया है। अमेरिका की तरफ से लगातार दबाव बनाए जाने और तमाम तरह के प्रतिबंधों के बावजूद भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद में इजाफा किया है। नवंबर महीने में यह खरीद पिछले पांच महीनों के मुकाबले सबसे ज्यादा रही है। यूरोप की एक शोध संस्था ‘सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर’ यानी सीआरईए ने शुक्रवार को जारी अपनी रिपोर्ट में बताया कि भारत का रूस से कच्चे तेल का आयात नवंबर में 4 प्रतिशत बढ़कर

दुनियाभर की नजरें फिलहाल रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष पर टिकी हुई हैं। इस बीच एक बड़ा मोड़ तब आया जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने साफ शब्दों में कहा कि उनका देश रूस को एक इंच भी जमीन नहीं सौंपेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका की तरफ से यूक्रेन पर समझौते के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। जेलेंस्की ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए लगभग 30 देशों के साथ एक आपात बैठक भी बुलाई है। जेलेंस्की का साफ रुख यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने गुरुवार को स्पष्ट कर दिया

दुनियाभर की नजरें फिलहाल रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष पर टिकी हुई हैं। इस बीच एक बड़ा मोड़ तब आया जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने साफ शब्दों में कहा कि उनका देश रूस को एक इंच भी जमीन नहीं सौंपेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका की तरफ से यूक्रेन पर समझौते के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। जेलेंस्की ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए लगभग 30 देशों के साथ एक आपात बैठक भी बुलाई है। जेलेंस्की का साफ रुख यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने गुरुवार को स्पष्ट कर दिया