
S Jaishankar: भारत की विदेश नीति एक बार फिर स्पष्ट शब्दों और मजबूत आत्मविश्वास के साथ सामने आई है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने पड़ोसी देशों को लेकर ऐसा बयान दिया है, जो सीधे तौर पर किसी का नाम तो नहीं लेता, लेकिन संकेत बहुत साफ हैं। उन्होंने कहा है कि भारत अपनी सुरक्षा के फैसले खुद करेगा और कोई यह तय नहीं कर सकता कि भारत अपने लोगों की रक्षा कैसे करे। आईआईटी मद्रास में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जयशंकर ने पड़ोस नीति, आतंकवाद, सहयोग और सद्भावना जैसे मुद्दों पर खुलकर बात की। उनका यह बयान केवल

S Jaishankar: भारत की विदेश नीति एक बार फिर स्पष्ट शब्दों और मजबूत आत्मविश्वास के साथ सामने आई है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने पड़ोसी देशों को लेकर ऐसा बयान दिया है, जो सीधे तौर पर किसी का नाम तो नहीं लेता, लेकिन संकेत बहुत साफ हैं। उन्होंने कहा है कि भारत अपनी सुरक्षा के फैसले खुद करेगा और कोई यह तय नहीं कर सकता कि भारत अपने लोगों की रक्षा कैसे करे। आईआईटी मद्रास में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जयशंकर ने पड़ोस नीति, आतंकवाद, सहयोग और सद्भावना जैसे मुद्दों पर खुलकर बात की। उनका यह बयान केवल

भारत-अमेरिका संबंधों में नई उमंग: कुआलालंपुर में जयशंकर और रुबियो की उच्चस्तरीय वार्ता से सहयोग को नई दिशा कुआलालंपुर, 27 अक्टूबर (वार्ता) — विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने सोमवार को कुआलालंपुर में एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। यह बैठक आसियान (ASEAN) वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान हुई, जहाँ दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका संबंधों में आई हाल की चुनौतियों और संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। इस मुलाकात को दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों में “नई शुरुआत” के रूप में देखा जा रहा है, खासतौर पर तब जब व्यापारिक तनावों ने बीते महीनों में संबंधों पर

भारत-अमेरिका संबंधों में नई उमंग: कुआलालंपुर में जयशंकर और रुबियो की उच्चस्तरीय वार्ता से सहयोग को नई दिशा कुआलालंपुर, 27 अक्टूबर (वार्ता) — विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने सोमवार को कुआलालंपुर में एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। यह बैठक आसियान (ASEAN) वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान हुई, जहाँ दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका संबंधों में आई हाल की चुनौतियों और संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। इस मुलाकात को दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों में “नई शुरुआत” के रूप में देखा जा रहा है, खासतौर पर तब जब व्यापारिक तनावों ने बीते महीनों में संबंधों पर

जैशंकर: आधुनिक युद्ध में बदलाव और भारत की रणनीति नई दिल्ली। विदेश मामलों के मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा है कि हाल के वर्षों में युद्ध की प्रकृति में मौलिक परिवर्तन हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि आधुनिक युग में युद्ध अब संपर्क रहित (contactless) और उन्नत हथियारों व तकनीक से संचालित हो रहे हैं। आधुनिक युद्ध की विशेषताएँ डॉ. जयशंकर ने काकेशियाई संघर्षों से लेकर यूक्रेन-रूस और इजरायल-ईरान तक के उदाहरण देते हुए कहा कि आज के युद्ध में स्टैंडऑफ हथियारों का प्रयोग हो रहा है, जिनका प्रभाव कभी-कभी निर्णायक भी होता है। उन्होंने इसे आज के

जैशंकर: आधुनिक युद्ध में बदलाव और भारत की रणनीति नई दिल्ली। विदेश मामलों के मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा है कि हाल के वर्षों में युद्ध की प्रकृति में मौलिक परिवर्तन हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि आधुनिक युग में युद्ध अब संपर्क रहित (contactless) और उन्नत हथियारों व तकनीक से संचालित हो रहे हैं। आधुनिक युद्ध की विशेषताएँ डॉ. जयशंकर ने काकेशियाई संघर्षों से लेकर यूक्रेन-रूस और इजरायल-ईरान तक के उदाहरण देते हुए कहा कि आज के युद्ध में स्टैंडऑफ हथियारों का प्रयोग हो रहा है, जिनका प्रभाव कभी-कभी निर्णायक भी होता है। उन्होंने इसे आज के