
India US Trade Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत-अमेरिका ट्रेड डील का ऐलान भारतीय बाजारों के लिए किसी राहत की सांस से कम नहीं रहा। सोमवार देर रात जैसे ही यह खबर सामने आई कि भारत पर लागू टैरिफ 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है, वैसे ही मंगलवार सुबह बाजार का पूरा माहौल बदल गया। पिछले कुछ समय से अनिश्चितता और दबाव झेल रहे निवेशकों को इस फैसले ने नया भरोसा दिया। नतीजा यह रहा कि शेयर बाजार, रुपया और कमोडिटी मार्केट—तीनों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। टैरिफ में कटौती से क्यों बढ़ा भरोसा

India US Trade Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत-अमेरिका ट्रेड डील का ऐलान भारतीय बाजारों के लिए किसी राहत की सांस से कम नहीं रहा। सोमवार देर रात जैसे ही यह खबर सामने आई कि भारत पर लागू टैरिफ 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है, वैसे ही मंगलवार सुबह बाजार का पूरा माहौल बदल गया। पिछले कुछ समय से अनिश्चितता और दबाव झेल रहे निवेशकों को इस फैसले ने नया भरोसा दिया। नतीजा यह रहा कि शेयर बाजार, रुपया और कमोडिटी मार्केट—तीनों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। टैरिफ में कटौती से क्यों बढ़ा भरोसा

नई दिल्ली। मंगलवार 14 अक्टूबर 2025 को भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी ने शुरुआती तेजी के बाद गिरावट दर्ज की। HCLTech की तिमाही रिपोर्ट से आई बढ़त के बावजूद, आईटी शेयरों में लाभ देखने को मिला, लेकिन फार्मा और PSU बैंक दबाव में रहे। रिटेल महंगाई में कमी ने आरबीआई द्वारा दिसंबर में संभावित दर कटौती की उम्मीदों को मजबूत किया है। बाजार का समग्र प्रदर्शन आज के ट्रेडिंग सत्र में अधिकांश सेक्टर्स लाल निशान में रहे। तेल और गैस तथा आईटी सेक्टर्स में मामूली लाभ देखा गया, जबकि उपभोक्ता उपकरण (Consumer Durables) शीर्ष हानि में रहे। ब्रॉडर

नई दिल्ली। मंगलवार 14 अक्टूबर 2025 को भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी ने शुरुआती तेजी के बाद गिरावट दर्ज की। HCLTech की तिमाही रिपोर्ट से आई बढ़त के बावजूद, आईटी शेयरों में लाभ देखने को मिला, लेकिन फार्मा और PSU बैंक दबाव में रहे। रिटेल महंगाई में कमी ने आरबीआई द्वारा दिसंबर में संभावित दर कटौती की उम्मीदों को मजबूत किया है। बाजार का समग्र प्रदर्शन आज के ट्रेडिंग सत्र में अधिकांश सेक्टर्स लाल निशान में रहे। तेल और गैस तथा आईटी सेक्टर्स में मामूली लाभ देखा गया, जबकि उपभोक्ता उपकरण (Consumer Durables) शीर्ष हानि में रहे। ब्रॉडर