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भारत-अमेरिका ट्रेड डील का असर, शेयर बाजार उछला, सेंसेक्स-निफ्टी में ऐतिहासिक तेजी

भारत-अमेरिका ट्रेड डील का असर, शेयर बाजार उछला, सेंसेक्स-निफ्टी में ऐतिहासिक तेजी
Stock Market: क्रैश के बाद जोरदार कमबैक, सेंसेक्स-निफ्टी ने फिर पकड़ी रफ्तार

भारत-अमेरिका ट्रेड डील में टैरिफ 25 से घटकर 18 फीसदी होने के बाद शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी आई। निवेशकों की वेल्थ करीब 20 लाख करोड़ बढ़ी। रुपया मजबूत हुआ और सोने-चांदी के दामों में भी तेज उछाल दर्ज किया गया।

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Dipali Kumari
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India US Trade Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत-अमेरिका ट्रेड डील का ऐलान भारतीय बाजारों के लिए किसी राहत की सांस से कम नहीं रहा। सोमवार देर रात जैसे ही यह खबर सामने आई कि भारत पर लागू टैरिफ 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है, वैसे ही मंगलवार सुबह बाजार का पूरा माहौल बदल गया।

पिछले कुछ समय से अनिश्चितता और दबाव झेल रहे निवेशकों को इस फैसले ने नया भरोसा दिया। नतीजा यह रहा कि शेयर बाजार, रुपया और कमोडिटी मार्केट—तीनों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली।

टैरिफ में कटौती से क्यों बढ़ा भरोसा

भारत पर टैरिफ घटने का सीधा मतलब है कि अब भारतीय उत्पाद अमेरिका में सस्ते और ज्यादा प्रतिस्पर्धी होंगे। इससे निर्यात बढ़ने की उम्मीद जगी है। निवेशकों को लगा कि भारतीय कंपनियों की कमाई और वैश्विक पहुंच दोनों मजबूत होंगी।

यही कारण है कि यह खबर सिर्फ ट्रेड डील तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसका असर पूरे फाइनेंशियल सिस्टम पर दिखा।

शेयर बाजार में साल की सबसे बड़ी छलांग

मंगलवार को शेयर बाजार ने खुलते ही बता दिया कि यह दिन खास रहने वाला है। सेंसेक्स 2375 अंकों से ज्यादा की छलांग लगाकर 84 हजार के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी करीब 723 अंकों की मजबूती के साथ 25,800 के स्तर के ऊपर कारोबार करता नजर आया।

बैंकिंग सेक्टर में भी जबरदस्त खरीदारी दिखी। निफ्टी बैंक में 1300 अंकों से ज्यादा की तेजी ने यह साफ कर दिया कि बड़े निवेशक और संस्थागत फंड्स इस डील को लंबे समय के लिए सकारात्मक मान रहे हैं।

निवेशकों की दौलत में करीब 20 लाख करोड़ की बढ़ोतरी

शेयर बाजार की इस तेजी का सबसे बड़ा फायदा आम निवेशकों को हुआ। बाजार पूंजीकरण के हिसाब से देखा जाए तो एक ही दिन में निवेशकों की वेल्थ करीब 20 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई।

जो निवेशक हाल के महीनों में बाजार की गिरावट से परेशान थे, उनके पोर्टफोलियो में अचानक जान लौट आई। यह तेजी सिर्फ सट्टा नहीं, बल्कि मजबूत वैश्विक संकेतों पर आधारित मानी जा रही है।

किन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा तेजी

बीएसई के टॉप 30 शेयरों में लगभग सभी स्टॉक्स हरे निशान में कारोबार करते दिखे। खासतौर पर इंफ्रास्ट्रक्चर, एविएशन और फाइनेंस सेक्टर के शेयरों में शानदार उछाल आया।

अडानी पोर्ट्स के शेयर में करीब 7 फीसदी की तेजी देखने को मिली और यह 1500 रुपये के ऊपर पहुंच गया। इसके अलावा इंडिगो, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व और सन फार्मा जैसे दिग्गज शेयरों ने भी निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया।

रुपये में आई रिकॉर्ड तेजी, डॉलर के मुकाबले मजबूत

ट्रेड डील का असर सिर्फ शेयर बाजार तक सीमित नहीं रहा। भारतीय रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती के साथ उभरा। मंगलवार को रुपया 112 पैसे की तेजी के साथ 90.39 पर खुला, जबकि सोमवार को यह 91.51 पर बंद हुआ था।

यह एक दिन की सबसे बड़ी तेजी मानी जा रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोमवार को रुपया अपना बॉटम बना चुका था और अब इसमें आगे और मजबूती देखने को मिल सकती है।

रुपये की सालाना गिरावट भी हुई कम

इस उछाल के बाद रुपये की साल दर साल गिरावट में भी कमी आई है। साल 2026 में अब तक रुपया सिर्फ 0.56 फीसदी गिरा है, जबकि पिछले एक साल में कुल गिरावट 4.55 फीसदी रही है।

यह संकेत देता है कि विदेशी निवेशकों का भरोसा भारतीय अर्थव्यवस्था पर दोबारा बन रहा है।

सोने-चांदी में भी जबरदस्त उछाल

कमोडिटी मार्केट भी इस सकारात्मक माहौल से अछूता नहीं रहा। सोने के दाम करीब 5 हजार रुपये चढ़कर 1.49 लाख रुपये के पार पहुंच गए। वहीं चांदी में 16 हजार रुपये की जोरदार तेजी दर्ज की गई और यह 2.52 लाख रुपये के ऊपर कारोबार करती नजर आई।

इसके अलावा कॉपर और अन्य बेस मेटल्स में भी अच्छी ग्रोथ देखने को मिली, जो इंडस्ट्रियल डिमांड में सुधार का संकेत देती है।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।