
दिल्ली। धनतेरस और दिवाली से पहले सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी जारी है। घरेलू बाजार में सोना पहली बार 1 लाख 32 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के पार निकल गया है, जबकि चांदी ने 1 लाख 70 हजार रुपये का आंकड़ा पार कर नया रिकॉर्ड बनाया है। बाजार में यह उम्मीद जताई जा रही है कि दिवाली तक सोना 1.5 लाख और चांदी 2 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है। इस लगातार बढ़ती कीमत के बावजूद बाजार में मांग बनी हुई है। शादियों का सीजन नजदीक आने के कारण ज्वेलरी की खरीदारी भी चरम

दिल्ली। धनतेरस और दिवाली से पहले सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी जारी है। घरेलू बाजार में सोना पहली बार 1 लाख 32 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के पार निकल गया है, जबकि चांदी ने 1 लाख 70 हजार रुपये का आंकड़ा पार कर नया रिकॉर्ड बनाया है। बाजार में यह उम्मीद जताई जा रही है कि दिवाली तक सोना 1.5 लाख और चांदी 2 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है। इस लगातार बढ़ती कीमत के बावजूद बाजार में मांग बनी हुई है। शादियों का सीजन नजदीक आने के कारण ज्वेलरी की खरीदारी भी चरम

दीपावली से पहले सोने-चांदी की चमक, लेकिन ग्राहकों में चिंता दीपावली और धनतेरस से पहले झुमरीतिलैया सहित देशभर के सर्राफा बाजारों में सोना और चांदी ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सोमवार को 24 कैरेट सोना 1,28,400 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया, जबकि चांदी ने पहली बार 1,78,260 रुपये प्रति किलोग्राम (जीएसटी सहित) का आंकड़ा छू लिया। इस तेज़ी ने निवेशकों और कारोबारियों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है, लेकिन आम ग्राहकों के लिए यह उत्सव की खरीदारी थोड़ी महंगी पड़ रही है। सोने-चांदी की बढ़ोतरी के पीछे के कारण विशेषज्ञों का मानना है

दीपावली से पहले सोने-चांदी की चमक, लेकिन ग्राहकों में चिंता दीपावली और धनतेरस से पहले झुमरीतिलैया सहित देशभर के सर्राफा बाजारों में सोना और चांदी ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सोमवार को 24 कैरेट सोना 1,28,400 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया, जबकि चांदी ने पहली बार 1,78,260 रुपये प्रति किलोग्राम (जीएसटी सहित) का आंकड़ा छू लिया। इस तेज़ी ने निवेशकों और कारोबारियों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है, लेकिन आम ग्राहकों के लिए यह उत्सव की खरीदारी थोड़ी महंगी पड़ रही है। सोने-चांदी की बढ़ोतरी के पीछे के कारण विशेषज्ञों का मानना है

चांदी के भाव का विवरण 13 अक्टूबर 2025, भारत: दीपावली 2025 के नज़दीक आते ही भारत में चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। प्रमुख शहरों में चांदी के भाव इस प्रकार हैं: मुंबई और अहमदाबाद: ₹1,706 प्रति 10 ग्राम बेंगलुरु: ₹1,320 प्रति 10 ग्राम चेन्नई: ₹1,306 प्रति 10 ग्राम चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव 1 ग्राम: ₹179.90 (गत दिवस से ₹0.10 कम) 8 ग्राम: ₹1,439.20 (₹0.80 कम) 10 ग्राम: ₹1,799 (₹1 कम) 100 ग्राम: ₹17,990 (₹10 कम) 1 किलो: ₹1,79,900 (₹100 कम) MCX पर दिसंबर 2025 के चांदी वायदे 4.07% बढ़कर ₹1,52,427 प्रति किलोग्राम पर बंद हुए। कीमत

चांदी के भाव का विवरण 13 अक्टूबर 2025, भारत: दीपावली 2025 के नज़दीक आते ही भारत में चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। प्रमुख शहरों में चांदी के भाव इस प्रकार हैं: मुंबई और अहमदाबाद: ₹1,706 प्रति 10 ग्राम बेंगलुरु: ₹1,320 प्रति 10 ग्राम चेन्नई: ₹1,306 प्रति 10 ग्राम चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव 1 ग्राम: ₹179.90 (गत दिवस से ₹0.10 कम) 8 ग्राम: ₹1,439.20 (₹0.80 कम) 10 ग्राम: ₹1,799 (₹1 कम) 100 ग्राम: ₹17,990 (₹10 कम) 1 किलो: ₹1,79,900 (₹100 कम) MCX पर दिसंबर 2025 के चांदी वायदे 4.07% बढ़कर ₹1,52,427 प्रति किलोग्राम पर बंद हुए। कीमत

दुनिया भर में निवेश की रणनीतियाँ बदल रही हैं — और इसी बदलाव की धारा में अब चाँदी (Silver) सबसे चमकदार धातु बनकर उभरी है। 9 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सिल्वर की कीमत पहली बार $51.30 प्रति औंस तक पहुँची, जबकि भारत में यह ₹1.63 लाख प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँची — यानी जनवरी से अब तक 72% की छलांग। लेकिन यह सिर्फ़ कीमतों की कहानी नहीं है।यह एक वैश्विक संपत्ति आवंटन (Global Asset Allocation) का रीसेट है — एक ऐसा बदलाव जो निवेश की पूरी परिभाषा बदल सकता है। “यह महज़ स्पेक्युलेशन नहीं, एक ग्लोबल रीस्ट्रक्चरिंग

दुनिया भर में निवेश की रणनीतियाँ बदल रही हैं — और इसी बदलाव की धारा में अब चाँदी (Silver) सबसे चमकदार धातु बनकर उभरी है। 9 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सिल्वर की कीमत पहली बार $51.30 प्रति औंस तक पहुँची, जबकि भारत में यह ₹1.63 लाख प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँची — यानी जनवरी से अब तक 72% की छलांग। लेकिन यह सिर्फ़ कीमतों की कहानी नहीं है।यह एक वैश्विक संपत्ति आवंटन (Global Asset Allocation) का रीसेट है — एक ऐसा बदलाव जो निवेश की पूरी परिभाषा बदल सकता है। “यह महज़ स्पेक्युलेशन नहीं, एक ग्लोबल रीस्ट्रक्चरिंग