चंद्रपुर जिले में स्थित ताडोबा-अंधारी व्याघ्र परियोजना के आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनसे वन्यजीवों को होने वाले खतरे को देखते हुए एक बड़े अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान न केवल वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए जरूरी है बल्कि इंसानों के स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। वन्यजीवों पर बढ़ता खतरा ताडोबा-अंधारी व्याघ्र परियोजना के आसपास बसे गांवों में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ये कुत्ते झुंड बनाकर जंगल में घुसते हैं और वन्यजीवों पर हमला करते हैं। पिछले कुछ समय में हिरण, खरगोश, मोर, लोमड़ी