
कोलकाता की सड़कों पर एक बार फिर नौकरी की मांग को लेकर आवाज उठने वाली है। अपर प्राइमरी शिक्षक पद के लिए इंटरव्यू से वंचित उम्मीदवार अब शांतिपूर्ण तरीके से नबन्ना अभियान चलाने की तैयारी कर रहे हैं। ये वे उम्मीदवार हैं जो पिछले 11 साल से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं और 16 जून 2022 से शहीद मातंगिनी हाजरा की प्रतिमा के पास लगातार धरने पर बैठे हुए हैं। इंटरव्यू बंचित अपर प्राइमरी नौकरी चाहने वाले उम्मीदवारों का यह संघर्ष अब 1300 दिनों को पार कर चुका है। इन उम्मीदवारों की मुख्य मांग है कि 2016 के

कोलकाता की सड़कों पर एक बार फिर नौकरी की मांग को लेकर आवाज उठने वाली है। अपर प्राइमरी शिक्षक पद के लिए इंटरव्यू से वंचित उम्मीदवार अब शांतिपूर्ण तरीके से नबन्ना अभियान चलाने की तैयारी कर रहे हैं। ये वे उम्मीदवार हैं जो पिछले 11 साल से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं और 16 जून 2022 से शहीद मातंगिनी हाजरा की प्रतिमा के पास लगातार धरने पर बैठे हुए हैं। इंटरव्यू बंचित अपर प्राइमरी नौकरी चाहने वाले उम्मीदवारों का यह संघर्ष अब 1300 दिनों को पार कर चुका है। इन उम्मीदवारों की मुख्य मांग है कि 2016 के

राज्य के शिक्षा क्षेत्र में शिक्षकों की भारी कमी एक बार फिर सामने आई है। विधायक प्रज्ञा सातव ने विधान परिषद में राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में प्राध्यापकों की पदभरती को लेकर सवाल उठाया। इस पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत दादा पाटील ने जो जानकारी दी, वह चौंकाने वाली है। राज्य भर में हजारों शिक्षक पद खाली पड़े हैं और भर्ती प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है। अनुदानित महाविद्यालयों में पदों की स्थिति साल 2018 में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया था। 3 अक्टूबर 2018 के शासन निर्णय के तहत अनुदानित महाविद्यालयों में

राज्य के शिक्षा क्षेत्र में शिक्षकों की भारी कमी एक बार फिर सामने आई है। विधायक प्रज्ञा सातव ने विधान परिषद में राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में प्राध्यापकों की पदभरती को लेकर सवाल उठाया। इस पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत दादा पाटील ने जो जानकारी दी, वह चौंकाने वाली है। राज्य भर में हजारों शिक्षक पद खाली पड़े हैं और भर्ती प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है। अनुदानित महाविद्यालयों में पदों की स्थिति साल 2018 में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया था। 3 अक्टूबर 2018 के शासन निर्णय के तहत अनुदानित महाविद्यालयों में