
कोलकाता दक्षिण जिले के 160 राशबिहारी विधानसभा क्षेत्र में आज देशबंधु कॉलेज फॉर गर्ल्स में एक महत्वपूर्ण चुनावी प्रक्रिया देखने को मिली। यहां जिला चुनाव अधिकारी कोलकाता दक्षिण के निर्देशन में चुनाव रिटर्निंग और मॉनिटरिंग अधिकारियों की मौजूदगी में एसआईआर सुनवाई प्रक्रिया का आयोजन किया गया। यह प्रक्रिया चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही को सुनिश्चित करने के लिए एक जरूरी कदम है। एसआईआर सुनवाई प्रक्रिया का महत्व एसआईआर यानी स्टेटमेंट ऑफ इनसिडेंट रिपोर्ट एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें चुनाव के दौरान हुई किसी भी घटना या शिकायत की सुनवाई की जाती है। इस प्रक्रिया के जरिए मतदाताओं, उम्मीदवारों और

कोलकाता दक्षिण जिले के 160 राशबिहारी विधानसभा क्षेत्र में आज देशबंधु कॉलेज फॉर गर्ल्स में एक महत्वपूर्ण चुनावी प्रक्रिया देखने को मिली। यहां जिला चुनाव अधिकारी कोलकाता दक्षिण के निर्देशन में चुनाव रिटर्निंग और मॉनिटरिंग अधिकारियों की मौजूदगी में एसआईआर सुनवाई प्रक्रिया का आयोजन किया गया। यह प्रक्रिया चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही को सुनिश्चित करने के लिए एक जरूरी कदम है। एसआईआर सुनवाई प्रक्रिया का महत्व एसआईआर यानी स्टेटमेंट ऑफ इनसिडेंट रिपोर्ट एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें चुनाव के दौरान हुई किसी भी घटना या शिकायत की सुनवाई की जाती है। इस प्रक्रिया के जरिए मतदाताओं, उम्मीदवारों और

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने एक अनोखा कदम उठाया है। उन्होंने राज्य का मतदाता बनने के लिए आधिकारिक तौर पर आवेदन किया है। यह घटना तब हुई जब मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की अंतिम तारीख थी। राज्यपाल ने लोकभवन में बीएलओ और सुपरवाइजर्स के पास अपना आवेदन पत्र जमा किया। इस मौके पर उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि वह बंगाल के दत्तक पुत्र बनना चाहते हैं। सी वी आनंद बोस ने अपने आवेदन के समय कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर ने जिस हवा में सांस ली थी, उसी बंगाल में वह मतदाता बनना चाहते हैं।

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने एक अनोखा कदम उठाया है। उन्होंने राज्य का मतदाता बनने के लिए आधिकारिक तौर पर आवेदन किया है। यह घटना तब हुई जब मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की अंतिम तारीख थी। राज्यपाल ने लोकभवन में बीएलओ और सुपरवाइजर्स के पास अपना आवेदन पत्र जमा किया। इस मौके पर उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि वह बंगाल के दत्तक पुत्र बनना चाहते हैं। सी वी आनंद बोस ने अपने आवेदन के समय कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर ने जिस हवा में सांस ली थी, उसी बंगाल में वह मतदाता बनना चाहते हैं।