
घिर गया ईरान, 400 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं
India trapped in war: पिछले कुछ दिनों से पश्चिम एशिया में तनाव ने खुली जंग का रूप ले लिया है। अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर बड़े सैन्य अभियान शुरू किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इसे ‘एपिक फ्यूरी’ ऑपरेशन कहा, जबकि इजराइल ने अपने हमले का नाम ‘शील्ड ऑफ जूडा’ रखा। इसके जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने लगभग 400 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिससे क्षेत्रीय अमेरिकी ठिकानों और शहरों में भय और अनिश्चितता फैल गई है। वहीं दूसरी ओर ईरान सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को लेकर अब विरोधाभासी खबरों की जंग छिड़ गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, वॉशिंगटन में इजरायली राजदूत ने अमेरिकी अधिकारियों को बताया कि इजराइली एयरस्ट्राइक में खामेनेई मारे गए। इसी तरह, इजरायली मीडिया के कुछ सूत्रों ने भी उनके मरने का दावा किया। हालांकि, ईरान ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। सुप्रीम लीडर के कार्यालय ने इसे दुश्मनों का ‘मनोवैज्ञानिक युद्ध’ बताया। ईरानी अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों में नहीं फंसने की अपील की। उनका कहना है कि इन खबरों का मकसद भ्रम फैलाना और आम लोगों में डर पैदा करना है।
This is one of the most AMAZING videos I have ever seen. #Iran #Israel #WorldWar3 pic.twitter.com/4QpVK5CcqO
— BharatDecoded (@BharatDecoded1) February 28, 2026

200 मरे, 700 घायल
India trapped in war: ईरान में अमेरिका और इजराइल के हालिया हमलों के बाद हालात और भी भयावह हो गए हैं। सरकारी और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इन हमलों में अब तक 200 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि 700 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हालांकि, मरने वालों और घायलों की सही संख्या की सटीक जानकारी नहीं आई है। स्थानीय अस्पतालों और मेडिकल सुविधाओं पर दबाव बढ़ गया है, और घायल लोग इलाज के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। परिजन और आसपास के लोग स्तब्ध हैं, कई लोग अपने बच्चों और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। यह हमला न केवल इंसानों की जान ले गया है, बल्कि शहरों और स्कूलों में भी भारी नुकसान हुआ है, जिससे आम लोगों के जीवन पर गहरा असर पड़ा है। हर तरफ भय और अनिश्चितता का माहौल है, और स्थानीय लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में हैं। वहीं ईरानी शहर मिनाब में एक लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले में 53 छात्राओं की मौत हुई और 45 अन्य घायल हैं। परिजन और स्थानीय लोग इस हादसे से स्तब्ध हैं। दूसरी ओर, इजराइल में रॉकेट सायरन बजने के बाद लाखों नागरिक शेल्टर की ओर भागे, सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे
Footage of an Iranian Shahed attack drone hitting an apartment building in Bahrain tonight, as seen from the building. pic.twitter.com/KXHuQwBroZ
— OSINTtechnical (@Osinttechnical) February 28, 2026
और भय का माहौल हर तरफ फैल गया।

भारत की चुनौती
India trapped in war: भारत के लिए यह संकट कूटनीतिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण है। हमारे करीबी मित्र इजराइल हैं, लेकिन ईरान के साथ भी पुराने और गहरे आर्थिक-रणनीतिक संबंध हैं। ईरान में Chabahar Port जैसी परियोजनाओं में भारत का बड़ा निवेश है, जबकि इजराइल के साथ रक्षा, तकनीकी और साइबर सुरक्षा में घनिष्ठ सहयोग चलता रहा है। ऐसे में भारत को संतुलन बनाए रखना और किसी एक पक्ष के साथ खुलकर खड़ा होने से बचना पड़ रहा है।
आर्थिक और बाजार पर असर
India trapped in war: यदि संघर्ष लंबा खिंचता है, तो भारत के लिए कई प्रत्यक्ष परिणाम होंगे। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ सकता है और भारतीय बाजार और अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती हैं। साथ ही, मध्य पूर्व में फंसे भारतीय नागरिकों और व्यापारिक हितों की सुरक्षा भी चिंता का विषय बन गई है।

मध्य पूर्व में फंसे भारतीय
मध्य पूर्व और पश्चिम एशियाई देशों में लगभग 90 लाख भारतीय हैं, जिनमें से अधिकांश खाड़ी देशों में हैं।
– 34–40 लाख भारतीय संयुक्त अरब अमीरात में
– 25–26 लाख भारतीय सऊदी अरब में
– भारत ने तुरंत एडवाइजरी जारी की, नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने, स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की। एयरस्पेस बंद और फ्लाइट रूट बदलने के कारण हजारों भारतीय फंसे हैं। एयरलाइनें यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटी हैं।

एयर ट्रैवल पर असर
एयर इंडिया की प्रमुख फ्लाइट्स प्रभावित हुईं:
– एआई 13 (दिल्ली – तेल अवीव)
– एआई 139 (दिल्ली – तेल अवीव)
– एआई 126 (शिकागो – दिल्ली)
जंग में जान-माल की हानि और असर
400 – IRGC ने लगभग 400 मिसाइलें दागीं।
40 – मिनाब के लड़कियों के स्कूल में 40 छात्राओं की मौत।
45 – उसी स्कूल हमले में 45 छात्राएं घायल।
90,00,000 – मध्य पूर्व और पश्चिम एशियाई देशों में लगभग 90 लाख भारतीय फंसे हुए।
34–40 लाख – UAE में भारतीय नागरिक।
25–26 लाख – सऊदी अरब में भारतीय नागरिक।
3 – एयर इंडिया की प्रमुख फ्लाइट्स प्रभावित।