इस्लामाबाद में हुआ खौफनाक धमाका
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आज शुक्रवार को एक बड़ी दुखद घटना हुई है। शहर के शहजाद टाउन इलाके में स्थित तरलाई इमामबाड़े में जुमे की नमाज के दौरान एक जोरदार धमाका हुआ। इस धमाके में अब तक 31 लोगों की जान चली गई है और 169 लोग घायल हुए हैं। यह खबर पाकिस्तान की स्थानीय पुलिस ने दी है। यह धमाका एक शिया मस्जिद में हुआ है जहां शुक्रवार की नमाज के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा थे।
Breaking Updates on #IslamabadSuicideAttack
At least 22 people are feared to lose their lives. More than 120 people injured. Around two dozen are seriously injured.
A suicide bomber gundowned security guards and blew himself up among over 700 worshipers in Imam Bargah. Story is… pic.twitter.com/oSyUk7eP4o— Zahid Gishkori (@ZahidGishkori) February 6, 2026
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि आसपास की इमारतों में भी कंपन महसूस किया गया। घटनास्थल से दर्दनाक तस्वीरें सामने आ रही हैं। धमाके की सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गए। राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है।
धमाके का समय और स्थान
यह धमाका इस्लामाबाद के शहजाद टाउन इलाके में स्थित तरलाई इमामबाड़े में हुआ है। यह इलाका राजधानी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। घटना जुमे की नमाज के दौरान हुई जब मस्जिद में बड़ी संख्या में नमाजी मौजूद थे। शुक्रवार की नमाज इस्लाम में एक खास अहमियत रखती है और इस दिन मस्जिदों में भीड़ ज्यादा होती है। इसी वजह से इस हमले में इतनी बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाके की आवाज बहुत दूर तक सुनाई दी। लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। मस्जिद की इमारत को काफी नुकसान पहुंचा है और आसपास के इलाकों में भी कांच के शीशे टूट गए हैं। बचाव दल ने मलबे से कई लोगों को निकाला है और घायलों की संख्या बढ़ सकती है।
उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान हुआ हमला
यह धमाका ऐसे समय में हुआ है जब उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव दो दिन की आधिकारिक यात्रा पर इस्लामाबाद में मौजूद हैं। यह एक महत्वपूर्ण राजनयिक यात्रा है जिसमें दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर बातचीत होनी है। ऐसे में यह हमला पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला किसी बड़े संगठन की साजिश का हिस्सा हो सकता है। विदेशी मेहमान की मौजूदगी में ऐसी घटना पाकिस्तान की छवि को नुकसान पहुंचाती है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इस हमले का उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति की यात्रा से कोई सीधा संबंध है या नहीं।
आत्मघाती हमला या प्लांट किया गया बम
इस्लामाबाद कैपिटल टेरिटरी पुलिस के प्रवक्ता ताकी जवाद ने कहा है कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि धमाके की प्रकृति क्या थी। फोरेंसिक टीमों को यह तय करना होगा कि यह एक आत्मघाती हमला था या फिर कोई बम पहले से प्लांट किया गया था। हालांकि कुछ स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में इसे आत्मघाती हमला बताया जा रहा है।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल से सबूत जुटा रही हैं। फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंच गई है और विस्फोट के अवशेषों की जांच की जा रही है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किस तरह का विस्फोटक इस्तेमाल किया गया था और हमले की योजना कैसे बनाई गई थी। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि संदिग्धों की पहचान हो सके।
इस्लामाबाद में आपातकाल की घोषणा
घटना की गंभीरता को देखते हुए इस्लामाबाद के सभी प्रमुख अस्पतालों में आपातकाल लागू कर दिया गया है। पॉलीक्लिनिक अस्पताल, पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज यानी PIMS और CDA अस्पताल को पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है। सभी डॉक्टरों और स्टाफ को तुरंत ड्यूटी पर बुला लिया गया है।
PIMS के प्रवक्ता ने बताया है कि अस्पताल के मुख्य इमरजेंसी विभाग, ऑर्थोपेडिक विभाग, बर्न सेंटर और न्यूरोलॉजी विभाग को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। घायलों को लगातार PIMS और पॉलीक्लिनिक अस्पताल में लाया जा रहा है। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीमें लगातार घायलों का इलाज कर रही हैं और जरूरत पड़ने पर खून की व्यवस्था भी की जा रही है।
किसी संगठन ने नहीं ली जिम्मेदारी
अभी तक इस धमाके की जिम्मेदारी किसी भी आतंकी संगठन या समूह ने नहीं ली है। हालांकि पाकिस्तान में पहले भी शिया समुदाय को निशाना बनाकर कई हमले हो चुके हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस हमले को बेहद गंभीर मान रही हैं और सभी संभावित कोणों से जांच की जा रही है।
पाकिस्तान में समय-समय पर ऐसी घटनाएं होती रहती हैं जिनमें धार्मिक स्थानों को निशाना बनाया जाता है। विशेष रूप से शिया मस्जिदों और इमामबाड़ों पर हमले होते रहे हैं। ऐसे में यह घटना एक बार फिर पाकिस्तान में सांप्रदायिक तनाव और आतंकवाद की समस्या को सामने लाती है।
फोरेंसिक जांच जारी
फोरेंसिक टीमें मौके पर सबूत जुटा रही हैं। विस्फोट के स्थान की गहन जांच की जा रही है। विशेषज्ञ यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि विस्फोट कैसे हुआ और किस तरह का विस्फोटक इस्तेमाल किया गया। इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि हमलावर मस्जिद में कैसे घुसा और सुरक्षा व्यवस्था में कहां कमी रही।
जांच एजेंसियां आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि घटना से पहले और बाद में क्या हुआ। स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि कोई सुराग मिल सके। अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद साझा की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था में बढ़ोतरी
इस हमले के बाद इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। शहर के सभी संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। विशेष रूप से धार्मिक स्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस और पैरा मिलिट्री फोर्स की गश्त बढ़ा दी गई है।
सरकार ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट जारी किया है। आतंकवाद रोधी दस्ते सक्रिय हो गए हैं और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं। अन्य शहरों में भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
पाकिस्तान में बढ़ता आतंकवाद
यह घटना पाकिस्तान में बढ़ते आतंकवाद की ओर इशारा करती है। पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान में आतंकी घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। विशेष रूप से खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में आतंकी हमले आम हो गए हैं। लेकिन राजधानी इस्लामाबाद में इस तरह का हमला चिंता की बात है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों को आतंकवाद से निपटने के लिए अपनी रणनीति में बदलाव करने की जरूरत है। धार्मिक स्थानों की सुरक्षा को और मजबूत करना होगा। साथ ही खुफिया तंत्र को और मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि ऐसे हमलों को अंजाम देने से पहले ही रोका जा सके।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इस धमाके की खबर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गई है। कई देशों ने इस हमले की निंदा की है और पाकिस्तान के साथ अपनी संवेदना व्यक्त की है। आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है और पाकिस्तान से आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने को कहा है।
यह घटना एक बार फिर दुनिया को याद दिलाती है कि आतंकवाद एक वैश्विक समस्या है। किसी भी देश में कभी भी ऐसी घटनाएं हो सकती हैं। इसलिए सभी देशों को मिलकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ना होगा। सूचना साझा करने और संयुक्त कार्रवाई से ही इस समस्या का समाधान संभव है।