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अमेरिका में ‘नो किंग्स डे’: 70 लाख लोग 2,700 शहरों में ट्रंप के खिलाफ सड़कों पर उतरे

अमेरिका में ‘नो किंग्स डे’: 70 लाख लोग 2,700 शहरों में ट्रंप के खिलाफ सड़कों पर उतरे
No Kings Day 2025: अमेरिका में 70 लाख लोगों ने ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शन किया, शांतिपूर्ण विरोध (File Photo)
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Aryan Ambastha
Aryan Ambastha
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अमेरिका में ‘नो किंग्स डे’ प्रदर्शन

नई दिल्ली। अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्तावादी रवैये और नीतियों के खिलाफ शनिवार को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह आंदोलन ‘नो किंग्स डे 2025’ के नाम से जाना गया और इसमें लगभग 2,700 शहरों में 70 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ट्रंप लोकतांत्रिक तरीके से राष्ट्रपति का पद नहीं संभाल रहे, बल्कि राजा की तरह खुद को प्रस्तुत कर रहे हैं। शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में लोग व्यंग्यात्मक पोशाकें और अजीबोगरीब परिधान पहनकर अपनी आवाज़ उठा रहे थे।


प्रदर्शन की व्यापकता और शांतिपूर्ण माहौल

सीएनएन के अनुसार, इस साल के प्रदर्शन में जून 2025 के प्रदर्शन की तुलना में लगभग 20 लाख अधिक लोग शामिल हुए। पुलिस ने पुष्टि की कि अधिकांश प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे और कहीं से भी हिंसा या गिरफ्तारी की खबर नहीं आई।

डेमोक्रेट नेताओं ने इस आंदोलन का समर्थन किया। न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में भारी भीड़ जमा हुई, जहां प्रदर्शनकारियों ने पोस्टरों पर “I pledge allegiance to no king” जैसे नारे लिखे। ग्रामीण इलाकों और छोटे शहरों में भी लोग सड़कों पर उतरे।


प्रदर्शनकारियों के व्यंग्यात्मक प्रदर्शन

कई लोग ट्रंप प्रशासन द्वारा विरोध प्रदर्शनकारियों को आतंकवादी बताने के प्रयास का मजाक उड़ाने के लिए अजीबोगरीब पोशाकें पहनकर विरोध कर रहे थे। गुब्बारेनुमा मेंढक के परिधान और रंग-बिरंगे आउटफिट इस विरोध आंदोलन की खासियत बने।

अटलांटा में हजारों लोग शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा हुए और ट्रंप की प्रवासी नीति और सरकारी कामकाज पर आलोचना की। केंटकी जैसे ट्रंप समर्थक राज्यों में भी विरोध देखने को मिला।


राजनीतिक विश्लेषण और प्रतिक्रियाएं

विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप की आक्रामक नीतियों के कारण विरोध प्रदर्शन और मजबूत हुए हैं। आयोजकों ने बताया कि यह एक एक दिन का आंदोलन नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए लंबी लड़ाई का हिस्सा है।

हॉलीवुड अभिनेता रॉबर्ट डी नीरो समेत कई प्रगतिशील समूहों ने आंदोलन का समर्थन किया। वहीं, रिपब्लिकन नेताओं ने इसे ‘अमेरिका विरोधी रैली’ कहा और आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को पैसे देकर बुलाया गया। आयोजकों ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए है।


ट्रंप का जवाब और सोशल मीडिया

देशव्यापी विरोध के दौरान डोनाल्ड ट्रंप फ्लोरिडा स्थित क्लब मार-ए-लागो में अपने सप्ताहांत बिताए। उन्होंने फ़ॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा कि लोग उन्हें राजा बता रहे हैं, जबकि वह राजा नहीं हैं।

ट्रंप ने AI जेनरेटेड वीडियो जारी किया जिसमें वे लड़ाकू विमान उड़ाते नजर आए। वीडियो में विमान से टाइम्स स्क्वायर और प्रदर्शनकारियों पर रंग और कीचड़ की बरसात होती दिखाई दे रही है। ट्रंप ने यह वीडियो ट्रुथ सोशल पर साझा किया।

इसके साथ ही व्हाइट हाउस की आधिकारिक तस्वीर में ट्रंप को राजा की पोशाक में दिखाया गया। उन्होंने मागा इंक के लिए फंड रेज़िंग डिनर में भी हिस्सा लिया, जहां एक प्लेट के लिए एक मिलियन डॉलर फंड जुटाया गया।


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