नागपुर में नितिन गडकरी के जनसंपर्क कार्यक्रम में उमड़ी भीड़, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों को मिली राहत

नागपुर के खामला चौक में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के जनसंपर्क कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे। वरिष्ठ नागरिकों को श्रवणबाळ व संजय गांधी निराधार योजना और दिव्यांगों को कृत्रिम अंगों की सहायता के निर्देश दिए गए। विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी से त्वरित समाधान मिला।
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नागपुर के खामला चौक पर आयोजित केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के जनसंपर्क कार्यक्रम में सुबह से ही नागरिकों की उमड़ पड़ी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि जनता और जनप्रतिनिधि के बीच सीधा संवाद कितना महत्वपूर्ण है। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों की समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया गया और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत राहत दिलाने के निर्देश दिए गए।

नगरपालिका चुनाव की जीत का अभिनंदन
नागपुर महानगरपालिका चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मिली शानदार जीत के बाद यह पहला बड़ा जनसंपर्क कार्यक्रम था। नागरिकों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर माननीय गडकरी का अभिनंदन किया और उन्हें बधाई दी। जीत के पीछे गडकरी जी के निरंतर जनसेवा और विकास कार्यों की भूमिका को लोगों ने स्वीकार किया।
कार्यक्रम में शामिल होने वाले कई नागरिकों ने बताया कि पिछले जनसंपर्क कार्यक्रमों में उन्होंने अपनी समस्याएं रखी थीं, जिनका समाधान हो गया है। लंबे समय से लंबित पड़े प्रशासनिक कार्यों को पूरा कराने में गडकरी जी के कार्यालय की सक्रियता के लिए लोगों ने आभार व्यक्त किया।

वरिष्ठ नागरिकों को मिली राहत
जनसंपर्क कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों ने बड़ी संख्या में भागीदारी की। उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं से सहायता प्राप्त करने के लिए निवेदन दिए। खासतौर पर श्रवणबाळ योजना और संजय गांधी निराधार योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के तहत सहायता की मांग की गई।
श्रवणबाळ योजना वरिष्ठ नागरिकों को श्रवण यंत्र उपलब्ध कराने के लिए चलाई जाती है, जबकि संजय गांधी निराधार योजना बेसहारा और निराश्रित वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है। माननीय गडकरी ने इन सभी निवेदनों को गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों को तुरंत आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
एक वरिष्ठ नागरिक ने भावुक होकर कहा, “हमारी उम्र के लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटना बहुत मुश्किल होता है। लेकिन गडकरी जी के जनसंपर्क कार्यक्रम में एक ही जगह सभी अधिकारी मौजूद होते हैं और हमारी समस्याओं का तुरंत समाधान मिल जाता है।”
दिव्यांगजनों की समस्याओं पर ध्यान
दिव्यांग नागरिकों ने भी इस अवसर का लाभ उठाया और अपनी समस्याएं माननीय गडकरी के समक्ष रखीं। उन्होंने सरकारी सहायता के साथ-साथ कृत्रिम अंगों की मांग भी की। कई दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, कृत्रिम पैर, हाथ और अन्य सहायक उपकरणों की जरूरत थी।

माननीय गडकरी ने दिव्यांगजनों की इन मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समाज के इस वर्ग को विशेष सहायता और सम्मान की जरूरत है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत दिव्यांगजनों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
एक दिव्यांग युवक ने कहा, “गडकरी सर ने हमारी बात सुनी और तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए। यह हमारे लिए बड़ी राहत है। अब हमें उम्मीद है कि जल्द ही हमारी समस्याओं का समाधान हो जाएगा।”
विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों की उपस्थिति
जनसंपर्क कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। उन्होंने अपनी संस्थाओं के विकास और सामाजिक कार्यों के लिए निधि, भूमि और अनुमति से जुड़े विषयों पर निवेदन दिए।
कई धार्मिक संस्थाओं ने मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च के विकास कार्यों के लिए सहायता मांगी। सामाजिक संस्थाओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं के लिए सहयोग की मांग की। माननीय गडकरी ने सभी की बातें धैर्यपूर्वक सुनीं और उचित कार्रवाई के आश्वासन दिए।
अधिकारियों की मौजूदगी से मिली सुविधा
इस जनसंपर्क कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि नागपुर महानगरपालिका, जिलाधिकारी कार्यालय, सेतु कार्यालय, नासुप्र (नागपुर सुधार प्रन्यास) और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे। इससे नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सका।
एक स्थानीय निवासी ने कहा, “आम तौर पर एक समस्या के लिए हमें कई दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। लेकिन यहां सभी विभागों के अधिकारी एक ही जगह मौजूद थे। गडकरी जी के निर्देश पर अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई का आश्वासन दिया।”
जनसेवा का अनूठा उदाहरण
नितिन गडकरी का यह जनसंपर्क कार्यक्रम जनसेवा का एक अनूठा उदाहरण है। जहां आज के दौर में कई जनप्रतिनिधि जनता से दूर हो गए हैं, वहीं गडकरी जी नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित करते हैं और आम नागरिकों की समस्याओं को सुनते हैं।

