US strikes on Venezuela: वेनेजुएला में हुई ताज़ा घटनाओं ने केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की राजनीति को झकझोर कर रख दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने वेनेजुएला में एक बड़े सैन्य अभियान को अंजाम दिया, जिसे रातभर चलने वाला नाटकीय ऑपरेशन बताया जा रहा है। वेनेजुएला के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से दावा किया गया है कि इस कार्रवाई में कम से कम 40 लोगों की मौत हुई, जिनमें नागरिक और सैनिक दोनों शामिल हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन घटनाक्रम की गंभीरता ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है।
इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो हैं, जिन्हें अमेरिकी अधिकारियों द्वारा गिरफ्तार किए जाने का दावा किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन की घोषणा करते हुए कहा कि मादुरो पर नार्को-टेररिज्म सहित गंभीर आरोप हैं और उनका मुकदमा न्यूयॉर्क में चलाया जाएगा।
काराकस में धमाके और दहशत
रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी कार्रवाई के दौरान राजधानी काराकस में कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इन धमाकों से आम नागरिकों में दहशत फैल गई और सैन्य ठिकानों के साथ-साथ रिहायशी इलाकों को भी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आईं। स्थानीय प्रशासन ने हालात पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन अनिश्चितता का माहौल बना रहा।
मादुरो की गिरफ्तारी का दावा
अमेरिकी पक्ष का कहना है कि राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में लेकर अमेरिका लाया गया है। बताया जा रहा है कि उन्हें न्यूयॉर्क के एक डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। जारी किए गए वीडियो और तस्वीरों में मादुरो को हथकड़ियों में अमेरिकी एजेंसियों के घेरे में दिखाए जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि वेनेजुएला सरकार ने इन दावों पर सवाल उठाते हुए अमेरिका से मादुरो के जीवित होने का प्रमाण मांगा है।
वेनेजुएला सरकार की प्रतिक्रिया
वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने राज्य टेलीविजन पर संबोधन में इस कार्रवाई को अमेरिकी साम्राज्यवादी आक्रमण करार दिया। उन्होंने मादुरो को देश का एकमात्र वैध राष्ट्रपति बताया और उनकी तत्काल रिहाई की मांग की। रोड्रिगेज ने कहा कि वेनेजुएला कभी किसी विदेशी ताकत का उपनिवेश नहीं बनेगा और यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है।
कार्यवाहक राष्ट्रपति का फैसला
वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने आदेश जारी कर उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी सौंपी है। अदालत के अनुसार, यह फैसला प्रशासनिक निरंतरता और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। इस निर्णय से यह स्पष्ट होता है कि वेनेजुएला के भीतर सत्ता संरचना को बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।
न्यूयॉर्क में विरोध और सवाल
मादुरो की गिरफ्तारी के दावे के बाद अमेरिका में भी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। न्यूयॉर्क के मेयर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि किसी संप्रभु देश पर एकतरफा सैन्य कार्रवाई युद्ध की श्रेणी में आती है और यह संघीय व अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हो सकता है। इस बयान ने अमेरिका के भीतर भी मतभेदों को उजागर किया है।
रूस और चीन ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है, जबकि कुछ देशों में मादुरो के विरोधियों ने इसे बदलाव की शुरुआत के रूप में देखा है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई है।