झारखंड के गिरिडीह जिले में पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 29 लाख रुपये की शराब जब्त की है। यह छापेमारी गिरिडीह-डुमरी मुख्य सड़क पर पीरतांड थाना क्षेत्र में की गई। पुलिस ने इस कार्रवाई में एक चमकदार एसयूवी और पानी के कैन से भरे एक ट्रक को जब्त किया है। तीन शराब तस्करों को गिरफ्तार भी किया गया है। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर रात के समय की गई थी।
गिरफ्तार तस्करों में राजस्थान के उदयपुर निवासी ट्रक चालक मुबारिक, रांची निवासी राहुल शर्मा और बालमुकुंद कुमार निराला उर्फ महादेव गणेश तथा खूंटी-तोरपा निवासी एक्सयूवी 500 गाड़ी के चालक रोहित गोप शामिल हैं। पुलिस ने इन तस्करों के साथ दोनों गाड़ियों को भी अपने कब्जे में ले लिया है।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
गिरिडीह के एसपी डॉ बिमल कुमार ने आज एक संवाद सम्मेलन आयोजित कर इस सफल अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीती रात पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गिरिडीह-डुमरी मुख्य सड़क पर कुछ अज्ञात तस्कर एक छोटी गाड़ी में अवैध शराब से भरे एक ट्रक को ले जा रहे हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभाग ने तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई।
एसपी ने बताया कि सूचना मिलते ही डुमरी के एसडीपीओ सुमित प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेष टीम तैयार की गई। इस टीम को गिरिडीह-डुमरी मुख्य सड़क पर तैनात किया गया और एक विशेष वाहन तलाशी अभियान शुरू किया गया। पुलिस टीम ने रणनीतिक तरीके से सड़क पर नाकाबंदी की और संदिग्ध वाहनों की तलाशी शुरू कर दी।

कैसे हुआ शराब का खुलासा
तलाशी अभियान के दौरान पुलिस की नजर एक ट्रक पर पड़ी जो संदिग्ध तरीके से आगे बढ़ रहा था। जब पुलिस ने इस ट्रक को रोककर तलाशी ली तो पता चला कि ट्रक में पानी के कैन भरे हुए हैं। लेकिन करीब से जांच करने पर पुलिस को पता चला कि ये असल में पानी के कैन नहीं बल्कि अवैध शराब की बोतलें थीं जिन्हें चालाकी से छिपाया गया था।
पुलिस ने ट्रक की गहन तलाशी ली तो लगभग 380 कार्टन अवैध शराब बरामद हुई। इसके साथ ही पुलिस को एक एसयूवी गाड़ी भी संदिग्ध दिखाई दी जो इस ट्रक के साथ चल रही थी। जब पुलिस ने इस एसयूवी को भी रोका तो पता चला कि यह गाड़ी भी शराब तस्करी के इसी नेटवर्क का हिस्सा थी।

29 लाख की शराब बरामद
एसपी डॉ बिमल कुमार ने बताया कि दोनों गाड़ियों से जब्त की गई शराब की बाजार में अनुमानित कीमत करीब 29 लाख रुपये है। यह काफी बड़ी मात्रा में अवैध शराब है जो संभवतः किसी बड़े नेटवर्क के जरिए अलग-अलग इलाकों में बेची जानी थी। पुलिस इस मामले में और भी लोगों की तलाश कर रही है जो इस तस्करी के नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह की साजिश थी। तस्कर पानी के कैन के रूप में शराब की बोतलों को छिपाकर ले जा रहे थे ताकि किसी को शक न हो। लेकिन पुलिस की सतर्कता के कारण यह योजना विफल हो गई।

पुलिस टीम का योगदान
इस सफल अभियान में एसडीपीओ सुमित प्रसाद के अलावा डुमरी के इंस्पेक्टर राजेंद्र प्रसाद, पीरतांड थाने के प्रभारी दीपेश कुमार, जितेंद्र सिंह बिष्ट और बड़ी संख्या में पुलिस कर्मचारियों ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस टीम ने रात के अंधेरे में भी पूरी सतर्कता और मुस्तैदी से काम किया और इस अवैध कारोबार को पकड़ने में सफलता हासिल की।
एसपी ने अपनी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियान जारी रहेंगे और अवैध शराब तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने तीनों गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि इन तस्करों के पास से और भी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है जो इस नेटवर्क के बड़े सरगनाओं तक पहुंचने में मदद करेगी। पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि यह शराब कहां से लाई जा रही थी और किन स्थानों पर इसे बेचा जाना था।
गिरफ्तार तस्करों में से एक राजस्थान का निवासी है जबकि बाकी झारखंड के अलग-अलग इलाकों से हैं। इससे साफ होता है कि यह तस्करी का नेटवर्क राज्य की सीमाओं को पार करता है। पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस से भी संपर्क कर रही है ताकि इस गिरोह के सभी सदस्यों को पकड़ा जा सके।
क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार
झारखंड में अवैध शराब की तस्करी एक गंभीर समस्या बन चुकी है। समय-समय पर पुलिस ऐसी कार्रवाइयां करती रहती है लेकिन तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर अपना कारोबार जारी रखते हैं। इस बार पानी के कैन में शराब छिपाने का तरीका अपनाया गया था जो काफी चालाकी भरा था।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि अवैध शराब से समाज में कई तरह की समस्याएं पैदा होती हैं। इससे न सिर्फ कानून व्यवस्था प्रभावित होती है बल्कि युवा पीढ़ी भी गलत रास्ते पर चल पड़ती है।
गिरिडीह पुलिस की यह कार्रवाई अवैध तस्करों के लिए एक चेतावनी है कि कानून की नजर हर जगह है और किसी भी गलत काम को अंजाम देना आसान नहीं है। पुलिस विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि अगर किसी को ऐसी किसी भी गतिविधि की जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।