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ACB Raid: दिल्ली में सुबह 4 बजे पड़ी रेड, भूमि घोटाले से जुड़ी स्निग्धा सिंह फिर हुई फरार, बेटा हिरासत में

झारखंड शराब घोटाला मामले में ACB की बड़ी कार्रवाई
ACB Jharkhand (File Photo)

एसीबी ने भूमि घोटाले की आरोपी स्निग्धा सिंह की तलाश में दिल्ली के वसंत विहार स्थित सरकारी आवास पर तड़के छापा मारा, पर वह पहले ही निकल गईं। बेटे सनत से पूछताछ में कई नई जानकारियाँ मिलीं। जब्त डिजिटल उपकरणों और मिली बेनामी संपत्तियों के सुराग से जांच को नई दिशा मिल सकती है।

Updated:

ACB Raid: दिल्ली की शांत सुबह में ठीक 4 बजे उस समय हलचल मच गई, जब झारखंड एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने वसंत विहार स्थित भारत सरकार के एक संयुक्त सचिव श्रेणी के अधिकारी के आवास पर अचानक छापेमारी कर दी। टीम का लक्ष्य था—झारखंड के चर्चित भूमि घोटाले में आरोपी ऑटोमोबाइल कंपनी नेक्सजेन के मालिक विनय सिंह की पत्नी, स्निग्धा सिंह। लेकिन, चौंकाने वाली बात यह रही कि एसीबी के पहुंचने से कुछ ही देर पहले स्निग्धा वहां से निकल चुकी थीं। यह पहली बार नहीं है जब वह जांच एजेंसियों से एक कदम आगे निकली हों, लेकिन यह बार जांच को और पेचीदा बनाती दिख रही है।

डिजिटल गतिविधियों से मिली लोकेशन

ACB की तकनीकी टीम पिछले कई दिनों से स्निग्धा सिंह की डिजिटल गतिविधियों और लोकेशन की निगरानी कर रही थी। इसी दौरान उनके मोबाइल और डिजिटल footprints से संकेत मिला कि वह दिल्ली के वसंत विहार स्थित एक सरकारी आवास में मौजूद हैं।

छापेमारी शुरू हुई, लेकिन आरोपी हाथ नहीं लगी। टीम को पक्का भरोसा था कि इतने दिनों की निगरानी के बाद यह छापा निर्णायक होगा। मगर वह कुछ मिनटों की देरी के कारण खाली हाथ लौटे।
हालांकि, एसीबी ने वहां मौजूद उनके बेटे सनत सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

बेटे से मिली कई नई जानकारियाँ

पूछताछ में सनत ने न केवल पिता विनय सिंह और मां स्निग्धा सिंह की वर्तमान संपत्तियों की जानकारी दी, बल्कि कई ऐसी जानकारियाँ साझा कीं, जिनसे जांच का दायरा और गहरा होने की संभावना है।
सनत ने विनय चौबे से लेकर परिवार के बेनामी कारोबारों तक, कई महत्वपूर्ण सूचनाएं एसीबी के सामने रखी हैं।

बेनामी संपत्ति का नया सुराग

छापेमारी के दौरान टीम को एक और बड़ा सुराग मिला। जिस घर में छापा पड़ा, वहीं से पहली बार एसीबी को दिल्ली के वसंत विहार स्थित C-24 पते पर खरीदी गई संपत्ति की जानकारी मिली।

जांच अधिकारियों का मानना है कि:

  • यह संपत्ति बेनामी है
  • इसका उपयोग अवैध लेन-देन और मनी लांड्रिंग को छिपाने के लिए किया गया हो सकता है
  • इसके दस्तावेज अभी तक जांच एजेंसियों को आधिकारिक रूप से उपलब्ध नहीं थे
  • यह सुराग जांच को एक बिल्कुल नई दिशा दे सकता है।

डिजिटल उपकरणों से खुल सकते हैं बड़े राज

छापेमारी के दौरान एसीबी ने कई महत्त्वपूर्ण डिजिटल डिवाइस जब्त किए हैं, जिनमें लैपटॉप, टैबलेट, कई हार्ड डिस्क और मोबाइल उपकरण शामिल हैं। इस छापेमारी ने एसीबी के हाथ कुछ नए सुराग जरूर दिए हैं, लेकिन मुख्य आरोपी, स्निग्धा सिंह और उनके पति विनय सिंह अभी भी गिरफ्त से बाहर हैं।

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Dipali Kumari

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