नागपुर से चंद्रपुर की ओर जा रही एक कार में शराब का बड़ा भंडार मिलने के बाद शुरुआत में हड़कंप मच गया था। लेकिन जांच में यह खेप पूरी तरह कानूनी पाई गई। राज्य उत्पाद शुल्क विभाग और धंतोली पुलिस ने जांच के बाद पुष्टि की कि संबंधित पक्षों के पास सभी जरूरी कागजात और अनुमतियां मौजूद थीं।
जांच में सामने आई सच्चाई
जब कार को रोककर जांच की गई तो शुरुआत में शराब की बड़ी मात्रा देखकर अधिकारियों को शक हुआ। लेकिन गाड़ी चालक और माल ढोने वाले पक्ष ने तुरंत सभी जरूरी दस्तावेज पेश कर दिए। इनमें वैध लाइसेंस, परिवहन अनुमति और उत्पाद शुल्क से जुड़े सभी कागजात शामिल थे।

कहां से कहां जा रही थी शराब
राज्य उत्पाद शुल्क विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह शराब की खेप नागपुर जिले के वाड़ी इलाके से चंद्रपुर जिले के चिमूर की ओर जा रही थी। यह एक नियमित व्यावसायिक परिवहन था जो पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जा रहा था।
विभाग ने दी सफाई
उत्पाद शुल्क विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि शराब के परिवहन के लिए सभी नियमों का पालन किया गया था। माल ढोने वाली कंपनी के पास वैध लाइसेंस था और परिवहन के लिए सभी जरूरी कागजात पूरे थे। धंतोली पुलिस ने भी इस बात की पुष्टि की और बताया कि कोई कानूनी खामी नहीं मिली।

नियमों का पालन जरूरी
महाराष्ट्र में शराब के परिवहन के लिए सख्त नियम हैं। बिना उचित लाइसेंस और अनुमति के शराब ले जाना गैरकानूनी माना जाता है। इस मामले में सभी नियमों का सही तरीके से पालन किया गया था, इसलिए कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पुलिस और विभाग की सतर्कता
धंतोली पुलिस और उत्पाद शुल्क विभाग की टीमों ने बताया कि वे समय-समय पर ऐसी जांच करते रहते हैं। इसका उद्देश्य अवैध शराब के परिवहन पर रोक लगाना और कानून का पालन सुनिश्चित करना है। इस मामले में सभी कागजात सही मिलने के बाद गाड़ी को आगे जाने की अनुमति दे दी गई।
यह घटना इस बात की मिसाल है कि सही कागजात और लाइसेंस के साथ कोई भी व्यावसायिक गतिविधि बिना किसी परेशानी के की जा सकती है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे हमेशा नियमों का पालन करें और जरूरी दस्तावेज साथ रखें।