जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सुरक्षाबलों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए जैश-ए-मोहम्मद के खतरनाक आतंकी कमांडर उस्मान को मार गिराया है। यह मुठभेड़ बिलावर इलाके के घने जंगलों में हुई, जहां सुरक्षाबलों ने एक सुनियोजित तरीके से ऑपरेशन चलाया। जम्मू रेंज के पुलिस महानिरीक्षक भीम सेन टूटी ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि यह एक संयुक्त अभियान था जिसमें जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने मिलकर काम किया।
खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया ऑपरेशन
सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली थी कि कुछ आतंकी बिलावर क्षेत्र के घने जंगलों में छिपे हुए हैं। इस इलाके की भौगोलिक स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण है और घने जंगल आतंकियों के लिए छिपने की सुविधा देते हैं। खुफिया जानकारी मिलते ही सुरक्षाबलों ने तुरंत योजना बनाई और एक सुनियोजित तरीके से कार्रवाई शुरू की।
चारों तरफ से घेराबंदी की गई
सूचना मिलने के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और सीआरपीएफ की टुकड़ियों ने मिलकर पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। इस घेराबंदी का मकसद आतंकियों के भागने के सभी रास्ते बंद करना था। सुरक्षाबलों ने बेहद सतर्कता के साथ जंगल में प्रवेश किया और धीरे-धीरे घेरे को छोटा करना शुरू किया। इस दौरान पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
भीषण गोलीबारी में आतंकी ढेर
जैसे ही सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच आमना-सामना हुआ, भीषण गोलीबारी शुरू हो गई। आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, लेकिन सुरक्षाबलों ने बेहद संयम और रणनीति के साथ जवाबी कार्रवाई की। कई घंटों तक चली इस मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर उस्मान को मार गिराया गया। यह ऑपरेशन सुरक्षाबलों की बहादुरी और तैयारी का एक बेहतरीन उदाहरण था।
पाकिस्तानी आतंकी की पहचान
अधिकारियों ने मारे गए आतंकी की पहचान जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर उस्मान के रूप में की है। जम्मू रेंज के आईजीपी भीम सेन टूटी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से इस जानकारी को साझा किया। उन्होंने बताया कि उस्मान एक पाकिस्तानी आतंकी था और जैश-ए-मोहम्मद संगठन में उसकी अहम भूमिका थी।
भारी मात्रा में हथियार बरामद
मारे गए आतंकी के पास से सुरक्षाबलों ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है। इनमें एम4 स्वचालित राइफल भी शामिल है, जो एक अत्याधुनिक और घातक हथियार माना जाता है। इसके अलावा कई अन्य हथियार, गोलियां और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है। इस बरामदगी से यह साफ हो जाता है कि आतंकी बड़ी वारदात की योजना बना रहे थे।
2024 में हुई थी घुसपैठ
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, उस्मान समेत लगभग 10 आतंकियों के एक समूह ने फरवरी 2024 में जम्मू क्षेत्र में घुसपैठ की थी। इस समूह में फरमान, पाशा, आदिल और सैफुल्लाह नाम के आतंकी भी शामिल थे। यह समूह पिछले कई महीनों से इस इलाके में सक्रिय था और सुरक्षाबल इन्हें पकड़ने के लिए लगातार प्रयासरत थे।
लगातार निगरानी में थे आतंकी
सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि इन आतंकियों पर पिछले कई महीनों से नजर रखी जा रही थी। खुफिया तंत्र लगातार इनकी गतिविधियों पर नजर रख रहा था। जैसे ही पक्की सूचना मिली कि ये जंगलों में छिपे हुए हैं, तुरंत कार्रवाई की गई। यह ऑपरेशन खुफिया तंत्र और सुरक्षाबलों के बीच बेहतरीन समन्वय का नतीजा था।
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद पर लगाम
यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ चल रहे अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। पिछले कुछ महीनों में सुरक्षाबलों ने कई सफल ऑपरेशन चलाए हैं और कई आतंकियों को मार गिराया है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस तरह की कड़ी कार्रवाई से आतंकियों के हौसले पस्त होंगे और आम लोगों को सुरक्षा का माहौल मिलेगा।
स्थानीय लोगों का सहयोग जरूरी
सुरक्षा अधिकारियों ने कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में स्थानीय लोगों का सहयोग बेहद जरूरी है। अगर लोग किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षाबलों को दें तो ऐसे ऑपरेशन और भी प्रभावी हो सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियां लगातार लोगों से अपील करती रहती हैं कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत दें।
सुरक्षाबलों की बहादुरी
इस ऑपरेशन में शामिल सभी सुरक्षाकर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना बहादुरी दिखाई। घने जंगलों में आतंकियों को ढूंढना और उन्हें मार गिराना एक बेहद जोखिम भरा काम है। लेकिन हमारे जवानों ने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए देश की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा। इस सफल ऑपरेशन के लिए सभी सुरक्षाकर्मी बधाई के पात्र हैं।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
सुरक्षा अधिकारियों ने साफ किया है कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। जो भी आतंकी जम्मू-कश्मीर में शांति भंग करने की कोशिश करेंगे, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। सुरक्षाबल पूरी तरह से तैयार हैं और किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तत्पर हैं। यह ऑपरेशन आने वाले दिनों में आतंकियों के लिए एक सख्त संदेश है।