Ajit Pawar Death: महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बुधवार की सुबह बेहद दुखद और स्तब्ध कर देने वाली साबित हुई। राज्य के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख नेता अजित पवार का एक भीषण विमान हादसे में निधन हो गया। यह हादसा उस समय हुआ, जब मुंबई से बारामती जा रही उनकी चार्टर्ड फ्लाइट रनवे के पास क्रैश-लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गई। डीजीसीए के अनुसार, विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
यह खबर सामने आते ही न सिर्फ महाराष्ट्र, बल्कि पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। एक ऐसे नेता का अचानक यूं चले जाना, जिसने चार दशकों तक राजनीति को नजदीक से देखा, जिया और दिशा दी, राज्य के लिए एक बड़ा आघात है।
लैंडिंग के समय हुआ दर्दनाक हादसा
डीजीसीए की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह चार्टर्ड फ्लाइट सुबह करीब 8:45 बजे बारामती के रनवे के पास उतरने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान विमान का संतुलन बिगड़ गया और वह रनवे से कुछ दूरी पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। टक्कर के बाद विमान में आग लग गई, जिससे किसी को भी बचने का मौका नहीं मिला।
विमान में कौन-कौन थे सवार
इस विमान में अजित पवार के साथ उनके एक निजी सुरक्षा अधिकारी, एक अटेंडेंट और दो क्रू मेंबर मौजूद थे। सभी की इस हादसे में जान चली गई। प्रशासन ने हादसे के बाद क्षेत्र को तुरंत सील कर दिया और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी।
शुरुआत में राहत की उम्मीद जगी थी, लेकिन डीजीसीए की आधिकारिक पुष्टि के बाद यह साफ हो गया कि इस हादसे में कोई भी जीवित नहीं बचा। इसके बाद सरकार और पार्टी की ओर से शोक संदेशों का सिलसिला शुरू हो गया।
जनसभा के लिए जा रहे थे बारामती
अजित पवार बारामती जिला परिषद चुनाव के सिलसिले में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करने जा रहे थे। बारामती न सिर्फ उनका निर्वाचन क्षेत्र रहा, बल्कि उनकी राजनीतिक पहचान का केंद्र भी था।
एक दिन पहले मुंबई में अहम बैठक
हादसे से एक दिन पहले अजित पवार मुंबई में महाराष्ट्र कैबिनेट की इन्फ्रास्ट्रक्चर कमिटी की बैठक में शामिल हुए थे। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की थी, जिसमें कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी मौजूद थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह बैठक उनके सार्वजनिक जीवन की आखिरी बैठक साबित होगी।
अजित पवार का राजनीतिक सफर
अजित पवार पिछले करीब 40 वर्षों से महाराष्ट्र की राजनीति में सक्रिय थे। वे राज्य के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले उपमुख्यमंत्रियों में गिने जाते थे और उन्होंने अलग-अलग सरकारों में छह बार यह पद संभाला।
उन्होंने सात बार बारामती विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। यह क्षेत्र उनकी राजनीतिक प्रयोगशाला की तरह था, जहां से उन्होंने राज्यस्तरीय राजनीति को प्रभावित किया।
अजित पवार अपने बेबाक फैसलों, स्पष्ट वक्तव्यों और कई बार विवादास्पद राजनीतिक कदमों के लिए जाने जाते थे। नवंबर 2019 में लिया गया उनका फैसला और 2024 में चुनाव आयोग का निर्णय, उनके राजनीतिक जीवन के अहम मोड़ रहे।
राज्य और देश में शोक की लहर
सत्तापक्ष और विपक्ष, दोनों ही दलों के नेताओं ने अजित पवार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। कई नेताओं ने इसे महाराष्ट्र की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
बारामती और आसपास के इलाकों में लोगों की आंखें नम हैं। आम लोग एक ऐसे नेता को याद कर रहे हैं, जो सीधे संवाद और जमीनी राजनीति के लिए जाना जाता था।
हादसे के कारणों की गहन जांच
डीजीसीए और अन्य एजेंसियां इस हादसे के तकनीकी और मानवीय कारणों की जांच कर रही हैं। ब्लैक बॉक्स और मलबे की जांच से यह स्पष्ट होगा कि आखिर यह दुर्घटना क्यों हुई।