महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में एक दिन की सरकारी छुट्टी की घोषणा की है। इसके साथ ही राज्य में तीन दिन का शोक भी रखा गया है। यह फैसला राज्य सरकार ने एक अहम घटना के बाद लिया है। सभी सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी रहेगी। राज्य के मुख्यमंत्री ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह फैसला राज्य की भावनाओं का सम्मान करते हुए लिया गया है।
शोक की घोषणा क्यों की गई
महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन के शोक की घोषणा एक दुखद घटना के बाद की है। इस दौरान राज्य के सभी सरकारी भवनों पर झंडे आधे झुके रहेंगे। सरकारी कार्यक्रमों में किसी तरह का उत्सव या खुशी का माहौल नहीं होगा। राज्य सरकार ने सभी विभागों को इस बारे में निर्देश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे शोक काल के दौरान सभी नियमों का पालन करें।
सरकारी कार्यालयों में छुट्टी
राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों में एक दिन की छुट्टी रहेगी। इस दिन केवल जरूरी सेवाएं ही चालू रहेंगी। पुलिस, अस्पताल और आपातकालीन सेवाएं सामान्य तरीके से काम करती रहेंगी। बाकी सभी विभागों में काम बंद रहेगा। कर्मचारियों को इस दिन घर पर रहने की सलाह दी गई है।
स्कूल और कॉलेज भी बंद
शिक्षा विभाग ने भी आदेश जारी कर दिया है कि राज्य के सभी स्कूल और कॉलेज एक दिन बंद रहेंगे। छात्रों को स्कूल नहीं आना होगा। ऑनलाइन क्लासेस भी इस दिन नहीं होंगी। परीक्षाएं जो इस दिन निर्धारित थीं, उन्हें आगे की तारीख में लिया जाएगा। सभी शैक्षणिक संस्थानों को इस निर्णय की जानकारी दे दी गई है।
जनता की प्रतिक्रिया
राज्य की जनता ने सरकार के इस फैसले का समर्थन किया है। लोगों ने कहा कि यह सही समय पर लिया गया सही फैसला है। सोशल मीडिया पर भी लोग अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई लोगों ने सरकार के इस संवेदनशील फैसले की तारीफ की है। राजनीतिक दलों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है।
आगे की तैयारी
राज्य सरकार ने शोक काल के बाद सभी गतिविधियों को सामान्य करने की योजना बनाई है। तीन दिन बाद सभी कार्यालय और संस्थान फिर से खुल जाएंगे। सरकार ने यह भी कहा है कि जनता को किसी तरह की परेशानी न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। जरूरी सेवाएं हर हाल में चालू रहेंगी। प्रशासन पूरी तरह से तैयार है।