Silver Price Today: केंद्रीय बजट से ठीक पहले देश के कमोडिटी बाजार में हलचल तेज हो गई है। सोने के साथ-साथ अब चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। बीते कुछ दिनों तक रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद चांदी अचानक फिसल गई, जिससे आम खरीदार से लेकर बाजार तक सभी चौंक गए।
आज भारत में चांदी की कीमत 350 रुपये प्रति ग्राम और 3,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई है। हालांकि कुछ दिन पहले तक चांदी इससे कहीं ज्यादा महंगी हो चुकी थी। बजट से पहले आई यह गिरावट सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर सीधे आम बाजार और घरेलू खरीदारी पर पड़ता दिख रहा है।
एक दिन में 1.29 लाख रुपये तक सस्ती हुई चांदी
बीते गुरुवार तक मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया यानी एमसीएक्स पर चांदी अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थी। उस दिन चांदी की कीमत 4,20,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी। लेकिन महज 24 घंटे के भीतर ही इसमें जोरदार गिरावट दर्ज की गई और कीमत सीधे 2,91,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।
इस तरह एक ही दिन में चांदी करीब 1,29,000 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई। इतनी बड़ी गिरावट को मामूली उतार-चढ़ाव नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे बजट से पहले बने आर्थिक माहौल और बाजार की अस्थिरता से जोड़कर देखा जा रहा है।
बजट से पहले चांदी पर क्यों पड़ा असर
बजट से पहले बाजार में हमेशा अनिश्चितता बनी रहती है। टैक्स, आयात शुल्क, औद्योगिक नीतियां और महंगाई से जुड़े संभावित ऐलान कमोडिटी बाजार की दिशा तय करते हैं। चांदी का इस्तेमाल न सिर्फ आभूषणों में होता है, बल्कि उद्योगों में भी बड़े पैमाने पर किया जाता है।
ऐसे में बजट से पहले कई कारोबारी और व्यापारी सतर्क रुख अपनाते हैं, जिससे कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। यही वजह मानी जा रही है कि रिकॉर्ड ऊंचाई के तुरंत बाद चांदी में इतनी बड़ी गिरावट आई।
आम लोगों के लिए क्यों अहम है चांदी
भारत में चांदी का महत्व सोने से कम नहीं माना जाता। चांदी सोने के मुकाबले सस्ती होती है, इसलिए मध्यम और निम्न वर्ग के लिए यह ज्यादा सुलभ धातु है। पायल, अंगूठी, बिछिया और अन्य घरेलू आभूषणों में चांदी का खूब इस्तेमाल होता है।
इसके अलावा भारतीय संस्कृति में चांदी का धार्मिक और पारंपरिक महत्व भी है। पूजा-पाठ से लेकर घरेलू उपयोग तक, चांदी हर घर में किसी न किसी रूप में मौजूद रहती है।
सोने के मुकाबले चांदी का गणित
आमतौर पर यह माना जाता है कि 1 किलोग्राम चांदी की कीमत लगभग 15 ग्राम सोने के बराबर होती है। यही वजह है कि जब सोना महंगा होता है, तो लोग चांदी की ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं। बजट से पहले सोने और चांदी—दोनों की कीमतों में आई गिरावट ने बाजार में नई चर्चा छेड़ दी है।
आगे क्या संकेत दे रही है चांदी
बजट के बाद चांदी की कीमतें किस दिशा में जाएंगी, यह काफी हद तक सरकारी नीतियों और औद्योगिक मांग पर निर्भर करेगा। अगर बजट में उद्योगों को बढ़ावा देने और महंगाई पर नियंत्रण की बात सामने आती है, तो चांदी की मांग में फिर से तेजी देखी जा सकती है।
फिलहाल, बजट से पहले आई यह गिरावट आम लोगों के लिए राहत और बाजार के लिए एक बड़ा संकेत मानी जा रही है।
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