Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार 9वीं बार बजट पेश करते हुए कहा कि ‘सुधार एक्सप्रेस’ अपनी राह पर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार ने ‘कोरी बयानबाजी’ के बजाय ‘सुधारों’ का रास्ता चुना है। इस बजट में 7 हाई-स्पीड ट्रेन कॉरिडोर, हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल और शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि और MSME क्षेत्र के लिए बड़े प्रावधान किए गए हैं। यहां एक नजर में जानिए बजट की 10 प्रमुख बातें.
बजट की 10 बड़ी बातें
1. सात हाई-स्पीड ट्रेन कॉरिडोर और फ्रेट कॉरिडोर
-
मुंबई–पुणे, पुणे–हैदराबाद, हैदराबाद–बेंगलुरु, हैदराबाद–चेन्नई, चेन्नई–बेंगलुरु, दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी में हाई-स्पीड ट्रेन कॉरिडोर।
-
पश्चिम बंगाल के डंकुनी से गुजरात के सूरत तक नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर।
2. हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल
-
देश के हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण।
-
इससे छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा तक पहुंच आसान होगी।
3. इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए 40 हजार करोड़ रुपये
-
स्मार्ट टीवी, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स का उत्पादन बढ़ाने के लिए निवेश।
-
दो हाई-टेक टूल रूम स्थापित किए जाएंगे।
-
मोबाइल उत्पादन 6.76 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद।
4. यूनिवर्सिटी टाउनशिप और राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान
-
पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप की स्थापना।
-
राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान के जरिए छात्रों, रिसर्चर्स और स्टार्टअप्स को बेहतर माहौल।
5. किसानों की आय बढ़ाने के लिए योजनाएं
-
मत्स्य पालन और पशुपालन में सुधार।
-
भारतीय काजू और कोको को 2030 तक प्रीमियम वैश्विक ब्रांड बनाने का प्रस्ताव।
-
500 जलाशयों और अमृत सरोवरों के विकास से रोजगार सृजन।
-
चंदन उद्योग का विकास, 1 करोड़ किसानों और 3 करोड़ लोगों को लाभ।
6. डेटा सेंटर को बढ़ावा देने के लिए टैक्स हॉलिडे
-
विदेशी कंपनियों के लिए 2047 तक टैक्स हॉलिडे।
-
डेटा सेंटर में निवेश और क्लाउड सेवाओं के लिए प्रोत्साहन।
7. टैक्स सुधार और इनकम टैक्स नियम
-
संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा 31 मार्च तक बढ़ी।
-
टीडीएस शिक्षा और चिकित्सा में 5% से घटाकर 2%।
-
आयकर अधिनियम 2025 लागू होगा।
-
विदेश में अघोषित संपत्ति पर आपराधिक मुकदमा नहीं।
8. MSME क्षेत्र के लिए ‘कॉरपोरेट मित्र’
-
छोटे और मझोले उद्यमों के लिए कॉरपोरेट मित्रों का गठन।
-
अनुपालन और प्रशिक्षण में सहायता।
9. राजकोषीय घाटा और कर हस्तांतरण
-
राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3% रखने का लक्ष्य।
-
राज्यों को 1.4 लाख करोड़ रुपये कर हस्तांतरण।
-
शुद्ध कर प्राप्ति अनुमान 28.7 लाख करोड़ रुपये।
10. बजट का कुल आकार
-
केंद्रीय बजट 2026-27 का अनुमानित आकार 53.5 लाख करोड़ रुपये।
-
चालू वित्त वर्ष 2025-26 में राजकोषीय घाटा 4.4% का अनुमान।