Noida Jewar Airport Inauguration: उत्तर प्रदेश में विकास की नई कहानी लिखने की तैयारी चल रही है। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन इसी महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होने की पूरी संभावना है। यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के लिए एक नया मील का पत्थर साबित होगा और राज्य का पांचवां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनेगा। इस परियोजना से न केवल दिल्ली-एनसीआर की कनेक्टिविटी बढ़ेगी, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आर्थिक तस्वीर बदलने की उम्मीद है।
सीएम योगी की बड़ी घोषणा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया से बातचीत करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट की सारी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और एयरोड्रम लाइसेंस लेने की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। सीएम ने विश्वास जताया कि इस महीने के अंत तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महत्वपूर्ण परियोजना का उद्घाटन करेंगे। यह घोषणा राज्य की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगी।
परियोजना की खासियत
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है, जिसे गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर क्षेत्र में तैयार किया गया है। इस परियोजना को सरकारी और निजी भागीदारी यानी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत विकसित किया जा रहा है। यह एयरपोर्ट लगभग 1,300 हेक्टेयर की विशाल जमीन पर फैला हुआ है। शुरुआत में इस परियोजना का पहला चरण सितंबर 2024 में शुरू होने वाला था, लेकिन कुछ तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से यह समयसीमा आगे बढ़ गई।
उत्तर प्रदेश बनेगा एविएशन हब
उत्तर प्रदेश अब देश में सबसे ज्यादा हवाई अड्डों वाला राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में जल्द ही कुल 21 हवाई अड्डे होंगे, जो किसी भी राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। लखनऊ, वाराणसी और अयोध्या जैसे प्रमुख शहरों में पहले से ही अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे संचालित हो रहे हैं। अब जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस सूची में शामिल होने वाला है। इससे उत्तर प्रदेश एयर कार्गो और यात्री सेवाओं के लिए एक प्रमुख केंद्र बनेगा।
रोजगार और निवेश के नए अवसर
जेवर एयरपोर्ट के चालू होने से राज्य में रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। एयरपोर्ट के आसपास होटल, रेस्तरां, परिवहन सेवाओं और अन्य व्यवसायों का विकास होगा। इसके अलावा, औद्योगिक क्षेत्रों में भी निवेश बढ़ने की उम्मीद है। यह परियोजना स्थानीय लोगों के जीवन स्तर को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
पश्चिमी यूपी की अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार
जेवर एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं है, बल्कि यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आर्थिक तस्वीर बदलने वाला एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। दिल्ली-एनसीआर से इसकी करीबी दूरी इसे व्यावसायिक गतिविधियों के लिए एक आदर्श स्थान बनाती है। इस एयरपोर्ट से न केवल यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी, बल्कि माल ढुलाई की सुविधा भी मजबूत होगी। इससे क्षेत्र में व्यापार और वाणिज्य को नई गति मिलेगी।
आधुनिक तकनीक और पर्यावरण के प्रति जागरूकता
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की एक खास बात यह है कि यह नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बनाया जा रहा है। यह एक अत्याधुनिक एयरपोर्ट होगा, जिसमें पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। स्विस दक्षता और भारतीय आतिथ्य का बेहतरीन मिश्रण यहां देखने को मिलेगा। यह एयरपोर्ट सौर ऊर्जा और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करेगा, जिससे कार्बन फुटप्रिंट को कम किया जा सकेगा।
यात्री क्षमता और भविष्य की योजनाएं
प्रारंभिक चरण में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की वार्षिक क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों की होगी। यह संख्या आने वाले वर्षों में बढ़ाई जाएगी। जैसे-जैसे यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, एयरपोर्ट का विस्तार किया जाएगा। भविष्य में इसे देश के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक बनाने की योजना है। इससे न केवल घरेलू बल्कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या में भी काफी बढ़ोतरी होगी।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई दिशा
Noida Jewar Airport Inauguration: जेवर एयरपोर्ट के बनने से आसपास के गांवों और कस्बों का विकास तेजी से होगा। सड़क, रेल और मेट्रो कनेक्टिविटी में सुधार होगा। शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास होगा। रियल एस्टेट क्षेत्र में भी तेजी आएगी। इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बेहतर जीवन स्तर मिलेगा।
वैश्विक कनेक्टिविटी का नया केंद्र
यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर को वैश्विक स्तर पर जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विदेशी निवेश आकर्षित करने में यह एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा। अंतरराष्ट्रीय कंपनियां यहां अपने कार्यालय स्थापित करने में रुचि दिखा रही हैं। यह क्षेत्र को एक वैश्विक व्यापार केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।
युवाओं के लिए नई संभावनाएं
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए यह एयरपोर्ट नई संभावनाओं का द्वार खोलेगा। एविएशन, हॉस्पिटैलिटी, लॉजिस्टिक्स और अन्य क्षेत्रों में कुशल युवाओं की मांग बढ़ेगी। सरकार कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण देने की योजना बना रही है। इससे उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर मिलेंगे और वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार सकेंगे।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। यह परियोजना न केवल राज्य की आर्थिक समृद्धि को बढ़ाएगी, बल्कि लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इसका उद्घाटन एक ऐतिहासिक पल होगा, जो आने वाली पीढ़ियों को याद रहेगा।