Petrol-Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज फिर हलचल देखने को मिल रही है। सरकारी तेल कंपनियों ने बुधवार को ताजा खुदरा कीमतें जारी की हैं, जिनमें कई शहरों में पेट्रोल और डीजल महंगे हुए हैं, जबकि कुछ जगहों पर मामूली राहत भी दिखी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 67 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने का असर अब सीधे घरेलू बाजार पर दिखाई देने लगा है।
पेट्रोल-डीजल के दाम वैसे ही आम आदमी के मासिक बजट का अहम हिस्सा होते हैं। ऐसे में जब भी कीमतों में थोड़ा सा भी बदलाव होता है, उसका असर रसोई से लेकर सफर और कारोबार तक पर पड़ता है। आज जारी नए रेट्स ने यही संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतें फिर चर्चा का विषय बनी रह सकती हैं।
पेट्रोल-डीजल के दामों में बदलाव की पूरी तस्वीर
लखनऊ, गुरुग्राम और पटना में बढ़े दाम
सरकारी तेल कंपनियों के अनुसार उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज पेट्रोल 16 पैसे महंगा होकर 94.85 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं डीजल के दाम में 18 पैसे की बढ़ोतरी हुई है और यह 87.99 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।
हरियाणा की राजधानी गुरुग्राम में भी ईंधन के दाम चढ़े हैं। यहां पेट्रोल 9 पैसे की बढ़त के साथ 95.65 रुपये प्रति लीटर और डीजल 8 पैसे महंगा होकर 88.10 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल पहले से ही देश के महंगे शहरों में गिना जाता है। आज यहां पेट्रोल 17 पैसे बढ़कर 105.60 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जबकि डीजल 16 पैसे की बढ़त के साथ 91.83 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
महानगरों में क्या है आज का हाल
देश के चारों बड़े महानगरों में आज पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखा है, लेकिन दाम अब भी ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं।
- दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपये और डीजल 87.62 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
- मुंबई में पेट्रोल 103.44 रुपये और डीजल 89.97 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है।
- चेन्नई में पेट्रोल 100.76 रुपये और डीजल 92.35 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
- कोलकाता में पेट्रोल 104.95 रुपये और डीजल 91.76 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है।
इन आंकड़ों से साफ है कि महानगरों में कीमतें स्थिर हैं, लेकिन छोटे और मध्यम शहरों में उतार-चढ़ाव ज्यादा देखने को मिल रहा है।
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो बीते 24 घंटे में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। ब्रेंट क्रूड करीब 1 डॉलर की बढ़त के साथ 67.33 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है। वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड का भाव भी करीब 1 डॉलर बढ़कर 63.89 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है।
व्यक्तिगत तौर पर देखें तो यही वह बिंदु है, जहां से घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव बनता है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में कच्चा तेल महंगा होते ही खुदरा कीमतों में बदलाव लगभग तय माना जाता है।
क्यों हर शहर में अलग होते हैं दाम
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि एक ही देश में पेट्रोल-डीजल के दाम अलग-अलग क्यों होते हैं। इसकी वजह है राज्य सरकारों द्वारा लगाया जाने वाला वैट, स्थानीय टैक्स और परिवहन लागत। यही कारण है कि पटना, मुंबई या कोलकाता जैसे शहरों में पेट्रोल-डीजल दिल्ली के मुकाबले ज्यादा महंगा मिलता है।
आम आदमी पर क्या पड़ता है असर
पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने का सीधा असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है। परिवहन महंगा होने से सब्जी, फल और अन्य जरूरी सामान की कीमतों पर भी असर पड़ता है। नौकरीपेशा लोगों के लिए ऑफिस आना-जाना महंगा हो जाता है, वहीं छोटे व्यापारियों की लागत भी बढ़ जाती है।
मेरे नजरिए से देखें तो ईंधन की कीमतों में यह छोटे-छोटे बदलाव धीरे-धीरे बड़े खर्च में बदल जाते हैं, जिसे आम आदमी काफी समय बाद महसूस करता है।
आने वाले दिनों में क्या रह सकता है रुख
यदि कच्चे तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसी तरह ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दामों में और बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि सरकारी तेल कंपनियां रोजाना कीमतों की समीक्षा करती हैं, इसलिए तुरंत बड़ी बढ़ोतरी की संभावना कम मानी जा रही है।
फिलहाल उपभोक्ताओं के लिए यही बेहतर है कि वे अपने शहर के ताजा रेट पर नजर रखें और अनावश्यक सफर से बचकर ईंधन की खपत को संतुलित रखें।