सोने और चांदी की कीमतों में आज बदलाव
बुधवार को देश के प्रमुख शहरों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। जहां सोने की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई, वहीं चांदी के दाम में गिरावट आई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत 10 ग्राम के लिए 1,53,440 रुपये रही, जबकि चांदी 3,16,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। वैश्विक बाजार में भी सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन बढ़ोतरी देखी गई।
देश के विभिन्न शहरों में आज के भाव
राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,54,220 रुपये प्रति 10 ग्राम रही, जो पिछले दिन के मुकाबले 780 रुपये अधिक है। वहीं 22 कैरेट सोना 1,40,670 रुपये प्रति 10 ग्राम पर मिल रहा है। मुंबई में 24 कैरेट सोने का भाव 1,54,080 रुपये और 22 कैरेट का 1,41,250 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा।
बेंगलुरु में सोने की कीमत 1,54,060 रुपये प्रति 10 ग्राम (24 कैरेट) दर्ज की गई। पुणे में यह दर 1,54,100 रुपये रही। कोलकाता में 24 कैरेट सोना 1,54,060 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिका, जो पिछले दिन से 780 रुपये अधिक है। हैदराबाद में 24 कैरेट सोने का भाव 1,54,090 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा।
चांदी के दामों में आई गिरावट
जहां सोने में तेजी देखी गई, वहीं चांदी के दामों में भारी गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली में चांदी की कीमत 2,96,900 रुपये प्रति किलोग्राम रही, जो पिछले दिन से 20,000 रुपये कम है। मुंबई में चांदी 2,95,900 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही थी।
बेंगलुरु में चांदी के दामों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। यहां चांदी 2,90,900 रुपये प्रति किलो पर मिल रही है, जो पिछले दिन से 20,000 रुपये कम है। पुणे में चांदी का भाव 2,97,900 रुपये प्रति किलो रहा। कोलकाता में यह 2,91,900 रुपये और हैदराबाद में 3,15,900 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही थी।
चेन्नई में चांदी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं देखा गया। यहां चांदी 3,13,900 रुपये प्रति किलो पर स्थिर रही।
चांदी में निवेश क्यों फायदेमंद है
चांदी में निवेश करने के कई कारण हैं। यह एक कीमती धातु होने के नाते भारत के आभूषण बाजार में हमेशा मांग में रहती है। चांदी की बढ़ती मांग के कारण इसकी उपलब्धता कम होती जा रही है। भविष्य में इसकी कीमतों में और बढ़ोतरी की संभावना है, जिससे अभी निवेश करने वाले लोगों को मुनाफा हो सकता है।
एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि चांदी सोने से सस्ती होती है, जिससे छोटे निवेशकों के लिए यह एक बेहतर विकल्प बन जाती है। चांदी का उपयोग केवल आभूषण बनाने में ही नहीं, बल्कि कई औद्योगिक कामों में भी होता है, जो इसकी मांग को बनाए रखता है।
वैश्विक बाजार में सोने की चमक
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन तेजी देखी गई। सोना एक बार फिर 5,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गया। पिछले हफ्ते के ऐतिहासिक गिरावट के बाद खरीदारों की वापसी से सोने की कीमतों में यह उछाल आया।
बुधवार को सोने की कीमत 6.8 प्रतिशत बढ़कर 4,970.40 डॉलर प्रति औंस हो गई। चांदी में और भी तेज उछाल देखा गया, जिसकी कीमत 11.6 प्रतिशत बढ़ी। धातुओं के बाजार में यह तेजी अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट के बीच आई है।
अमेरिकी बाजार पर असर
वॉल स्ट्रीट में मिश्रित कारोबार देखा गया, जहां शेयर बाजार में गिरावट आई लेकिन सोना और चांदी में तेजी रही। S&P 500 में 0.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 189 अंक या 0.4 प्रतिशत नीचे रहा। नैसडैक कंपोजिट में 1.6 प्रतिशत की गिरावट आई।
कई बड़ी टेक कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई। एनवीडिया के शेयर 3.3 प्रतिशत और माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 2.9 प्रतिशत गिरे। हालांकि, पालांतिर टेक्नोलॉजीज के शेयरों में 6.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई क्योंकि कंपनी ने उम्मीद से बेहतर मुनाफा दर्ज किया।
निवेशकों के लिए सुझाव
सोने और चांदी में निवेश करने वाले लोगों को बाजार की चाल पर नजर रखनी चाहिए। कीमतों में उतार-चढ़ाव आम बात है, लेकिन लंबी अवधि में ये धातुएं अच्छा रिटर्न दे सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में चांदी में निवेश का अच्छा मौका है क्योंकि इसकी कीमतें सोने के मुकाबले कम हैं।
हालांकि, किसी भी निवेश से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम उठाने की क्षमता को समझना जरूरी है। बाजार के रुझान को देखते हुए ही निवेश का फैसला लेना चाहिए।
बाजार में आगे की संभावनाएं
जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने की कीमतों में और बढ़ोतरी देखी जा सकती है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और मुद्रास्फीति की चिंताओं के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुख कर रहे हैं।
चांदी की कीमतों में हालांकि अभी उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन औद्योगिक मांग बढ़ने से इसकी कीमतों में भी सुधार की उम्मीद है। खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर पैनल उद्योग में चांदी की मांग लगातार बढ़ रही है।
स्थानीय कारकों का प्रभाव
भारतीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतें कई स्थानीय कारकों से भी प्रभावित होती हैं। त्योहारों का मौसम, शादी का सीजन, और आयात शुल्क में बदलाव इन धातुओं की कीमतों को प्रभावित करते हैं। इसके अलावा रुपये की विनिमय दर भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
सरकार की नीतियां और केंद्रीय बैंक के फैसले भी बाजार पर असर डालते हैं। हाल के महीनों में वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीद बढ़ाने से भी कीमतों में तेजी आई है।
खरीदारों के लिए सलाह
जो लोग आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं, उन्हें कीमतों में उतार-चढ़ाव पर नजर रखनी चाहिए। अगर कीमतें थोड़ी गिरती हैं तो यह खरीदारी का अच्छा मौका हो सकता है। हालांकि, शुद्धता की जांच करना और प्रमाणित दुकानों से ही खरीदारी करना जरूरी है।
निवेश के लिहाज से देखें तो सोने और चांदी दोनों ही अपनी-अपनी जगह फायदेमंद हैं। सोना ज्यादा स्थिर माना जाता है जबकि चांदी में ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है लेकिन मुनाफे की संभावना भी अधिक हो सकती है।
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