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UPSC सिविल सेवा 2026 में बड़े बदलाव, दोबारा परीक्षा देने वालों के लिए सख्त हुए नियम

UPSC सिविल सेवा 2026 में बड़े बदलाव, दोबारा परीक्षा देने वालों के लिए सख्त हुए नियम
UPSC सिविल सेवा 2026 में बड़े बदलाव, दोबारा परीक्षा देने वालों के लिए सख्त हुए नियम

यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 के लिए नए और सख्त नियम लागू किए हैं। IAS, IFS और IPS में पहले से चयनित उम्मीदवारों के लिए दोबारा परीक्षा देने की शर्तें बदल गई हैं। इन बदलावों से हजारों अभ्यर्थियों की तैयारी और रणनीति प्रभावित होगी।

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UPSC CSE 2026 New Rules: संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू करने के साथ ही कुछ ऐसे नियम लागू कर दिए हैं, जिनसे परीक्षा की तैयारी कर रहे हजारों उम्मीदवारों की रणनीति बदल सकती है। खासतौर पर वे अभ्यर्थी जो पहले से किसी सेवा में चयनित हैं और बेहतर रैंक या सेवा पाने के लिए दोबारा परीक्षा देते थे, उनके लिए यह बदलाव बेहद अहम है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में गिना जाता है। हर साल लाखों युवा IAS, IPS और IFS बनने का सपना लेकर इस परीक्षा में बैठते हैं। ऐसे में नियमों में हुआ यह बदलाव सिर्फ तकनीकी नहीं, बल्कि उम्मीदवारों के करियर फैसलों से जुड़ा हुआ है।

UPSC ने क्यों बदले सिविल सेवा परीक्षा के नियम

पिछले कुछ वर्षों में यह देखा गया था कि कई उम्मीदवार एक सेवा में चयन के बाद भी बेहतर पोस्ट या कैडर की उम्मीद में बार-बार परीक्षा देते रहे। इससे न सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रिया लंबी होती थी, बल्कि ट्रेनिंग और पोस्टिंग में भी देरी होती थी। इसी को ध्यान में रखते हुए यूपीएससी ने नियमों को ज्यादा स्पष्ट और सख्त बनाने का फैसला लिया है।

नए नियमों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि जो उम्मीदवार एक सेवा में शामिल हो चुके हैं, वे उसी पर फोकस करें और बार-बार सिस्टम में अनिश्चितता न पैदा करें।

IAS और IFS में चयनित उम्मीदवारों के लिए कड़ा प्रावधान

नए नियमों के अनुसार, अगर कोई उम्मीदवार पहले ही IAS या IFS में चयनित होकर सेवा जॉइन कर चुका है और वर्तमान में कार्यरत है, तो वह अब UPSC CSE 2026 की परीक्षा नहीं दे सकता। ऐसे उम्मीदवारों को दोबारा आवेदन करने की अनुमति नहीं होगी। यह नियम उन अभ्यर्थियों के लिए बड़ा झटका है, जो बेहतर रैंक के लिए दोबारा प्रयास करते थे।

प्रीलिम्स पास करने के बाद भी रुक सकती है राह

अगर कोई उम्मीदवार CSE 2026 का प्रीलिम्स परीक्षा पास कर लेता है, लेकिन उसी दौरान उसे पिछली किसी परीक्षा के आधार पर IAS या IFS में नियुक्ति मिल जाती है, तो वह मेन्स परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेगा। यानी प्रीलिम्स क्लियर करने के बाद भी उसे आगे बढ़ने का मौका नहीं मिलेगा।

मेन्स के बाद भी नहीं मिलेगी नई सेवा

यूपीएससी ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर कोई उम्मीदवार मेन्स परीक्षा देने के बाद लेकिन फाइनल रिजल्ट से पहले IAS या IFS में चयनित हो जाता है, तो उसे CSE 2026 के जरिए कोई नई सेवा नहीं दी जाएगी। इससे साफ है कि आयोग अब किसी भी स्तर पर भ्रम की स्थिति नहीं चाहता।

IPS उम्मीदवारों के लिए क्या बदला

जो उम्मीदवार पहले ही IPS में चयनित हो चुके हैं, वे UPSC CSE 2026 की परीक्षा दे सकते हैं, लेकिन IPS के लिए दोबारा उनका चयन नहीं होगा। हालांकि, वे अन्य सेवाओं के लिए प्रयास कर सकते हैं। यह नियम खासतौर पर IPS सेवा से जुड़े मामलों को स्पष्ट करने के लिए लाया गया है।

ट्रेनिंग से छूट को लेकर सख्त व्यवस्था

CSE 2027 की परीक्षा देने के लिए ट्रेनिंग से सिर्फ एक बार छूट लेने की अनुमति होगी। यह छूट बार-बार नहीं ली जा सकेगी। अगर किसी उम्मीदवार को CSE 2026 के तहत कोई सेवा मिलती है और वह न तो ट्रेनिंग जॉइन करता है और न ही ट्रेनिंग से छूट लेता है, तो उसकी सेवा अपने आप रद्द कर दी जाएगी।

इतना ही नहीं, ऐसा उम्मीदवार CSE 2028 या उसके बाद की किसी भी सिविल सेवा परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेगा, जब तक वह अपनी मिली हुई सेवा से औपचारिक रूप से इस्तीफा नहीं दे देता।

पुराने उम्मीदवारों को मिली सीमित राहत

जो उम्मीदवार CSE 2025 या उससे पहले की किसी परीक्षा से चयनित हुए हैं, उन्हें एक बार मौका दिया जाएगा कि वे बिना नौकरी छोड़े CSE 2026 या CSE 2027 में से किसी एक परीक्षा में शामिल हो सकें। इसे एक तरह की संक्रमणकालीन राहत माना जा रहा है।

परीक्षा तिथि और आवेदन प्रक्रिया

यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार, CSE 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 4 फरवरी 2026 से 24 फरवरी 2026 तक चलेगी। प्रारंभिक परीक्षा 24 मई 2026 को आयोजित की जा सकती है। परीक्षा में बैठने के लिए उम्मीदवार का शारीरिक और मेडिकल रूप से फिट होना अनिवार्य होगा।

कुल मिलाकर, UPSC CSE 2026 के नए नियम उम्मीदवारों से ज्यादा स्पष्टता, जिम्मेदारी और गंभीरता की मांग करते हैं। अब परीक्षा सिर्फ बेहतर रैंक पाने का माध्यम नहीं, बल्कि एक ठोस करियर निर्णय बन चुकी है।

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Dipali Kumari

दीपाली कुमारी पिछले तीन वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में कार्यरत हैं। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर लिखने में उनकी विशेष रुचि है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को धारदार लेखन के माध्यम से सामने लाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।