महाराष्ट्र में बढ़ते साइबर अपराध पर विकास ठाकरे का सवाल
Maharashtra cyber crime recovery rate Vikas Thakre Assembly: नागपुर। महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र में साइबर अपराध का मुद्दा तीखे सवालों के साथ गूँजा। नागपुर पश्चिम के विधायक और नागपुर शहर (जिला) कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विकास ठाकरे ने राज्य सरकार से सीधा सवाल किया — यदि साइबर अपराध रोकने के लिए लगभग 2000 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, तो उसका वास्तविक परिणाम जनता को क्यों नहीं दिखाई दे रहा?
ठाकरे ने सदन में बताया कि साइबर ठगी से लूटी गई रकम की रिकवरी दर केवल 2 प्रतिशत है — एक आँकड़ा जो सरकार की साइबर सुरक्षा नीति पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि राज्य में हर दिन हजारों नागरिक साइबर धोखाधड़ी का शिकार बन रहे हैं, लेकिन पीड़ितों को ठगा गया पैसा वापस मिलना लगभग नामुमकिन हो चुका है। इससे लोगों में सरकार के प्रति नाराजगी और असुरक्षा की भावना लगातार बढ़ रही है।
सरकार की ओर से संबंधित मंत्री ने जवाब में कहा कि नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर महीने लगभग 21 करोड़ संदेश भेजे जाएँगे और इस अभियान पर 34 करोड़ रुपये खर्च किए जाएँगे।
2000 करोड़ खर्च के बाद भी साइबर ठगी की रिकवरी केवल 2 प्रतिशत होने पर उठे सवाल
हालाँकि ठाकरे ने इस जवाब को नाकाफी बताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल ‘गोल्डन ऑवर’ जैसी घोषणाओं से समस्या हल नहीं होगी। उनकी तीन ठोस माँगें रहीं — ठगी से पहले सचेत करने वाला रियल-टाइम अलर्ट सिस्टम, तेज और प्रभावी जाँच तंत्र, और आधुनिक तकनीक के ज़रिए अपराधियों तक त्वरित पहुँच।
ठाकरे ने कहा, “जनता की मेहनत की कमाई सुरक्षित रखना सरकार की मूल जिम्मेदारी है।”
यह मामला अब विधानसभा की बजट चर्चाओं में साइबर सुरक्षा बजट की जवाबदेही के केंद्र में आ गया है।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र