Air India New Fitness Policy: देश की प्रमुख एयरलाइन एयर इंडिया ने अपने केबिन क्रू की सेहत और फिटनेस को लेकर एक नई और सख्त स्वास्थ्य नीति लागू करने का फैसला किया है। यह नई पॉलिसी 1 मई 2026 से प्रभावी होगी, जिसके तहत क्रू मेंबर्स की जांच बॉडी मास इंडेक्स (BMI) के आधार पर की जाएगी। एयरलाइन का कहना है कि यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और आपात स्थितियों से निपटने की क्षमता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
क्या है नई नीति
नई नीति के अनुसार, सभी स्थायी और कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले केबिन क्रू पर ये नियम लागू होंगे। यदि कोई क्रू सदस्य तय बीएमआई सीमा से बाहर पाया जाता है, तो उसे अस्थायी रूप से उड़ानों से हटा दिया जाएगा। इतना ही नहीं, उसे बिना वेतन पर रखा जा सकता है और दोबारा ड्यूटी पर लौटने के लिए फंक्शनल फिटनेस टेस्ट पास करना अनिवार्य होगा।
अधिक वजन वाले क्रू की होगी छुट्टी
एयरलाइन ने बीएमआई के आधार पर क्रू को चार श्रेणियों में बांटा है। सामान्य श्रेणी (18 से 24.9) को आदर्श माना गया है, जहां किसी अतिरिक्त जांच की जरूरत नहीं होगी। वहीं कम वजन या अधिक वजन वाले क्रू को मेडिकल और फंक्शनल असेसमेंट पास करना होगा। यदि कोई कर्मचारी मोटापे की श्रेणी (30 या उससे अधिक) में आता है, तो उसे तुरंत ड्यूटी से हटा दिया जाएगा और वेतन कटौती का सामना करना पड़ेगा।
अचानक कभी भी हो सकती है जांच
इस नीति की खास बात यह है कि जांच प्रक्रिया अचानक भी हो सकती है। फ्लाइट से पहले या बाद में, ट्रेनिंग के दौरान या अकादमी में बिना सूचना के वजन और बीएमआई की जांच की जा सकती है। नियमों का पालन न करने पर क्रू को चेतावनी दी जाएगी और बार-बार उल्लंघन करने पर मामला एचआर तक पहुंच सकता है।
एयरलाइन के प्रवक्ता के अनुसार, यह नीति विश्व स्वास्थ्य संगठन के बीएमआई मानकों पर आधारित है और इसका मकसद क्रू को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। फंक्शनल असेसमेंट टेस्ट में क्रू की आपातकालीन स्थिति से निपटने की क्षमता को परखा जाएगा, जिसमें उन्हें तीन मौके दिए जाएंगे।