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कौन हैं माखन लाल सरकार? जिसके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छुए पैर, लिया आशीर्वाद

कौन हैं माखन लाल सरकार? जिसके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छुए पैर, लिया आशीर्वाद
कौन हैं माखन लाल सरकार? जिसके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छुए पैर, लिया आशीर्वाद (Pic Credit- Screen Grab @kumarrgaurrav)

कोलकाता में शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 97 वर्षीय माखन लाल सरकार के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और उन्हें गले लगाया। इस भावुक पल के बाद हर कोई जानना चाहता है कि आखिर माखन लाल सरकार कौन हैं, जिनके सम्मान में पीएम मोदी भी झुक गए।

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Dipali Kumari
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Makhanlal Sarkar: कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में शनिवार सुबह एक ऐसा भावुक पल देखने को मिला, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच पर मौजूद 97 वर्षीय बीजेपी नेता माखन लाल सरकार से मुलाकात की और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इतना ही नहीं, पीएम मोदी ने उन्हें गले भी लगाया। इस दृश्य ने समारोह में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया और सोशल मीडिया पर भी इसकी खूब चर्चा हो रही है।

कौन हैं माखन लाल सरकार?

माखन लाल सरकार बीजेपी के उन वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने पार्टी के शुरुआती दिनों में पश्चिम बंगाल में संगठन को खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई थी। बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने बताया कि माखन लाल सरकार, जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के करीबी सहयोगी रहे हैं। वह उस ऐतिहासिक कश्मीर यात्रा का भी हिस्सा थे, जिसके दौरान डॉ. मुखर्जी को गिरफ्तार किया गया था और बाद में रहस्यमयी परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई थी।

देशभक्ति गीत गाने पर हुई थी गिरफ्तारी

समिक भट्टाचार्य ने माखन लाल सरकार से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार के दौरान एक बार दिल्ली पुलिस ने उन्हें देशभक्ति गीत गाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। अदालत में जज ने उनसे माफी मांगने को कहा, लेकिन उन्होंने साफ इनकार कर दिया। माखन लाल सरकार ने कहा कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया, उन्होंने सिर्फ एक देशभक्ति गीत गाया है। इसके बाद जज ने उनसे वही गीत अदालत में सुनाने को कहा। जब उन्होंने गीत गाया तो जज इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने पुलिस को आदेश दिया कि माखन लाल सरकार को फर्स्ट क्लास टिकट देकर सम्मान के साथ घर भेजा जाए और यात्रा के लिए 100 रुपये भी दिए जाएं।

सात सालों तक रहे जिला अध्यक्ष

माखन लाल सरकार 1980 में बीजेपी के गठन के बाद पश्चिम दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग जिलों में संगठन विस्तार की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उन्होंने सिर्फ एक साल में करीब 10 हजार नए सदस्य पार्टी से जोड़े थे। 1981 से लगातार सात साल तक जिला अध्यक्ष रहना भी उनकी बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।

97 साल की उम्र में भी माखन लाल सरकार का राजनीति और राष्ट्रवाद के प्रति समर्पण लोगों के लिए प्रेरणा बना हुआ है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक मंच से उनका सम्मान कर एक मजबूत संदेश देने की कोशिश की।

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।